शनिवार, 7 जुलाई 2018

छालीवुड की माधुरी दीक्षित है निशा चौबे

कम समय में ही चर्चा में आई 
महज 13 साल की छोटी सी उमर में अपने नृत्य कला की शुरुवात करने वाली निशा चौबे अब फिल्मो में धमाल मचा रही है। उनकी छालीवुड में शानदार एंट्री हुई है. उनके आने से एक नायिका की कमी पूरी होगी ,इससे इंकार नहीं किया जा सकता। निशा में काम करने का जूनून है, वे कहती है कि मन में दृढ़ इच्छा और लगन हो तो कोइ भी काम असम्भव नहीं होता। जो मन में ठान ले उसे पूरा करके ही रहता है। फिल्म आई लव यूं में उनके कामों की तारीफ़ छालीवुड के महानायक मोहन सुंदरानी ने भी की है. वे समाजसेवा और राजनीति में भी सक्रिय है. अभी हाल ही में निशा ने छत्तीसगढ़ फिल्म इंडस्ट्री एसोसिएशन के बेमेतरा जिला अध्यक्ष का पद भी सम्हाला है. छालीवुड में काम करने वाली सभी अभिनेत्रियां उनके आदर्श है। क्योकि सबसे उन्हें कुछ ना कुछ सीखने को ही मिलता है। वे अब तक के अपने कामो से पूरी तरह से संतुष्ट है. निशा छत्तीसगढ़ी के साथ भोजपुरी फिल्म में भी अपना जलवा दिखा रही है इनकी फिल्म बार्डर (भोजपुरी) अभी हाल ही में रिलीज हुई है, सॉरी आईं लव यू  'आईं लव यू' सौत सौत के झगरा इनकी आने वाली फिल्म है। मेरी नजर में निशा छत्तीसगढ़ के एक छोटे से कस्बे बेमेतरा में पली बढ़ी और अपनी छोटी सी उम्र में एक बढ़ी उपलब्धी हासिल कर ली है। उन्हें छालीवुड की माधुरी दीक्षित कहा जाने लगा है. माधुरी शुरू में काफी संघर्ष किया फिर 4 - 5 फिल्मो के बाद बॉलीवुड में छा गयी थी. वही झलक निशा में दिखाई दे रही है. इस समय उनके पास कई फिल्मे हैं वे कहती है कि फिल्मो में भी है बेहतर कॅरियर है और वे फिल्म को ही अपना कॅरियर बनाएगी। छत्तीसगढ़ी फिल्मो में कॅरियर नहीं है कहने वालों को निशा बेहतर जवाब देती है वे कहती है कि काम अच्छा हो तो हर क्षेत्र में कॅरियर बनता है.प्रतिभा को अवसर मिले तो सोने पे सुहागा हो जाता है।  वह कहती है कि उनकी तमन्ना एक सफल अभिनेत्री बनने की है पर वह सभी प्रकार की भूमिका निभाना चाहती ताकि उन्हें एक नया अनुभव हो। उन्हें छालीवुड में सिर्फ नाम और शोहरत चाहिए। लोगो का प्यार और तालियां मुझे मिला तो मुझे अपार खुशी होगी। निशा का नाम छालीवुड में नया हो सकता है लेकिन लोकमंच के क्षेत्र मेंवे एक जाना पहचाना नाम है. ऑडियो वीडियो अल्बम में उन्होंने काफी नाम कमाया है.13 वर्ष की उम्र से अपने नृत्य कला की शुरुवात करने वाली निशा का नृत्य में अपना ही छाप है नृत्य में अगर सही अवसर मिले तो हरियाणा की सपना चौधरी से कम नहीं है गायन में भी अपनी जगह बना चुकी है साथ ही अपने लोकमंच का संचालन भी सफलतापूर्वक कर रही है.संघर्ष कला को निखारता है निशा ने अपने कला को बढ़ाने के लिए बहुत संघर्ष किया है.भविष्य में छलीवुड में एक चर्चित और सफल नाम होगा निशा चौबे का। 

प्रेम के बंधना

अशोक सिंह ठाकुर का ड्रीम प्रोजेक्ट है 
छालीवुड फिल्म "प्रेम के बंधना" एक  है जो दर्शकों के मनोरंजन को ध्यान में रखकर बनाई गयी है.निर्माता अशोक सिंह ठाकुर का यह ड्रीम प्रोजेक्ट है.उन्होंने यहां के सुपर स्टार अनुज शर्मा और ओडिशा की लवली अहमद को लेकर इस मनोरंजक फिल्म तैयार किया है. शुद्ध पारिवारिक फिल्म है जिसमे उन्होंने वे सब कुछ डाला है जो दर्शकों को पसंद है. इस फिल्म के ट्रेलर को दर्शक बेहद पसंद कर रहे हैं.फिल्म 'प्रेम के बंधना' के रिलीज होने में अभी सिर्फ कुछ दिन ही बचे हुए हैं. उससे पहले यूट्यूब चैनल पर ट्रेलर अपलोड किया गया है , जिसमें अनुज शर्मा शानदार एक्शन में दिख रहे हैं. फिल्म का टीजर काफी हिट हुआ और 24 घंटे के भीतर ही ट्रेंड में छा गया. अशोक ठाकुर की फिल्म प्रेम के बंधना की कहानी जबरदस्त है जो दर्शकों के दिलोदिमाग में छायेगा इसमें कोइ दो राय नहीं। अनुज शर्मा अभिनीत फिल्म वैसे भी रिलीज होने से पहले ही हिट हो जाती है.फिर इस कहानी में तो वह सब कुछ है. मारधाड़, एक्शन, रोमांस, शानदार गीत, कर्णप्रिय संगीत। इस फिल्म के गाने विदेश में शूट किये गए हैं. छत्तीसगढ़ी फिल्मों के निर्माता अशोक ठाकुर आज किसी परिचय के मोहताज नहीं है। वे एक राजनेता भी है। बतौर निर्माता यह उनकी पहली फिल्म है और आगे भी वे फिल्म बनाते रहेंगे। छत्तीसगढ़ केनए नए कलाकारों को मंच प्रदान कर अशोक ठाकुर ने एक सराहनीय और  ऐसे कलाकारों को आगे बढ़ाना उनके जीवन का मकसद है। वे कहते हैं कि छोटे-छोटे कलाकारों को आगे बढ़ाने में उन्हें एक सुखद अनुभूति का एहसास होता है। आज भी वे गांव-गांव, गली-गली में कलाकारों की तलाश में भटकते रहते हैं। उन्हें मंचदेंगे और उनका उत्साह बढ़ायेंगे। अशोक ठाकुर एक राजनेता के रूप में भी सबके मदद ही करते हैं ऐसी कोई जगह नहीं है जहां सेवा की जरूरत हो और वे न पहुंचे। ''हो जिनका हौसला बुलंद, भला कौन रोक सकता है उनको बुलंदियों से कुछ इन्हीं पंक्तियों के साथ वे आगे बढ़ रहे हैं। जो बिना रूके, बिना थके लगातार अपने कदम अनवरत रूप से गांव-गांव, शहर-शहर और गली-गली में बढ़ रहे हैं। चाहे कला का क्षेत्र हो, फिल्म हो, सार्वजनिक समारोह हो, कोई सामाजिक गतिविधियां हो, किसी कलाकार की सहायता हो, किसी गिरते हुए को उठाना हो। हर जगह पूरी तन्मता और कर्तव्य निष्ठता के साथ दृढ़ता पूर्वक बढ़ते नजर आते हैं। श्री ठाकुर ने अपनी फिल्म की गाने मुम्बई के मशहूर गायकों से गवाए हैं.केशरवानी फिल्म प्रोडक्शन की प्रस्तुति, निर्देशक शिवनरेश केशरवानी , निर्माता : अशोक सिंह ठाकुर, निर्देशक : शिवनरेश केशरवानी, स्वर — उदित नारायण (मुम्बई), अनुराग शर्मा, सुनील सोनी, अनुपमा मिश्रा, अल्का चन्द्राकर, छाया चन्द्राकर, गीत : विमल यादव, संगीत प्रफुल्ल बेहरा की है।

सम्पादकीय

छालीवुड को चाहिए गुणवत्ता वाली फि़ल्में 
छत्तीसगढ़ी सिनेमा का इतिहास यूँ तो कई सालों से चला आ रहा है।बीते इन सालों में छालीवुड ने बहुत सी फि़ल्मे हमारे सामने रखी जिनमे बहुत सारी फि़ल्मो ने, कलाकारों ने अपना वजूद, अपना वर्चस्व स्थापित कर लिया और उन फि़ल्मो के गीत- संगीत आज भी हमें कर्णप्रिय लगते हैं।ऐसी फिल्मों को सभी पसंद करते थे गांव हो या शहर हर जगह उस फि़ल्म के गीत- संगीत सुनाई पड़ते थे। किन्तु आज के दौर में देखा जाए कुछ ही अच्छी फि़ल्मो को छोड़कर ऐसी फि़ल्मे बन रही है जो न कि पारिवारिक होती है, न ही सामाजिक, न ही ऐतेहासिक। छालीवुड सिनेमा अब तक अपना अस्तित्व पूरी तरह जनता के सामने नहीं बना पाई है। इसका कारण यही है की अच्छी व् गुणवत्ता की फि़ल्मे बन नहीं पा रही।यही वजह है कि आज छत्तीसगढ़ के लोग भी छत्तीसगढ़ी फि़ल्मे देखने बहुत कम ही जाते हैं।हम दूसरे राज्यों में देखते हैं की वहां की जनता क्षेत्रीय फिल्मों को पहले महत्व देती है और वहां का बच्चा-बच्चा भी क्षेत्रीय फिल्मों के कलाकारों और फिल्मों के बारे में जानकारी रखता है किन्तु छालीवुड में कुछ नामी लोगों को छोड़ दिया जाए तो यहाँ की फिल्मों के नाम तो बहुत दूर कोई कलाकारों को भी नहीं पहचान पाता।मैं यह मानती हूँ कि फि़ल्मो का निर्माण करना इतना आसान नहीं, बहुत मेहनत,बहुत पैसे और समय के साथ दिमागी मेहनत करने पर एक फि़ल्म का निर्माण होता है। फिर भी कई मुश्किलों का सामना निर्माता व् निर्देशक को करना पड़ता है।लेकिन इतनी मेहनत ,इतना समय अगर हम लगा ही रहे हैं तो एक अच्छी व् गुणवत्ता वाली फि़ल्मे समाज व् राज्य के सामने रखनी चाहिए।ऐसे फि़ल्म जो छालीवुड में एक नया इतिहास रच दे जिसे केवल छत्तीसगढ़ की जनता के साथ हर राज्य की जनता देखने के लिए उमड़ पड़े।और छालीवुड की चर्चा पूरे देश में हो।इसके लिए फि़ल्म बनाने से पहले यह सोचना होगा की हम किसके लिए फि़ल्मो का निर्माण कर रहे हैं, अपनी स्वार्थपरक दृष्टि को बदलकर हमें समाज के बारे में सोचना होगा, अपनी छत्तीसगढ़ महतारी के बारे में सोचना होगा, परिवार के बारे में सोचना होगा, हमारे छत्तीसगढ़ के गौरवपूर्ण इतिहास के बारे में सोचना होगा।तब जाकर हम अच्छी फि़ल्मे समाज,राज्य,परिवार के बीच रख पाएंगे और तब ये फि़ल्मे हमारे छालीवुड सिनेमा का गौरवगान करेगी।मेरी यही अपेक्षा लोगों से कि छत्तीसगढ़ की जनता को पारिवारिक फि़ल्मे दे,सामाजिक फिल्में दे,ऐतेहासिक फि़ल्मे दे जिससे छालीवुड सिनेमा हर छत्तीसगढ़ वासियों की लोकप्रिय बन सके और घर-घर में क्षेत्रीय सिनेमा का बोलबाला हो।
- श्रीमती केशर सोनकर 

टेनिस प्लेयर आस्था की छालीवुड में एंट्री

एक्शन मूवी काने की ख्वाहिश 
छालीवुड में डांसिंग से फिल्मो में कदम रखने वाली नायिका आस्था दयाल की तमन्ना शाहरुख के साथ काम करने लायक बनने की है। साथ ही वे फिटनेस के लिए लोगो को जागरूक करना चाहती है। आस्था टेबल टेनिस की नेशनल प्लेयर है. और अपने कॅरियर की पहली फिल्म तोर सुरता म संगी की शूटिंग में व्यस्त हैं. वे छालीवुड में सभी प्रकार की भूमिका निभाना चाहती है ताकि उन्हें कटु अनुभव हो जाए। वे कहती है कि छत्तीसगढ़ी फिल्मो में गुणवत्ता हो तो जरूर थियेटरों में चलेगी। वे कहती है कि मुझे एक्टिंग का शौक बचपन से ही रहा है। स्कूल में नाटकों में भाग लिया करती थी फिर नाटकों में किया। जब जब टीवी देखता था तब तब मुझे लगता था कि मुझे भी कुछ बनना चाहिए । उनका कोई रोल मॉडल नहीं है। नाटकों में भाग लेने के बाद उनका अभिनय देख अशरफ अली ने फिल्मो में मौका दिया। माँ ही उनकी प्रेरणाश्रोत है जो हर पल उनके साथ होती है। आस्था कहती है कि शुरू से ही मै एक्टिंग को कॅरियर बनाने की सोचकर चली हूँ। अब इसी लाईन पर काम करती  रहूंगी। और मैं हर तरह की भूमिका निभाना चाहूंगी ताकि छालीवुड में कुछ करके दिखा सकूं। एक प्रश्न के जवाब में उनका कहना है कि  आने वाले समय में यहां की फिल्मे बॉलीवुड की तरह ही चलेंगी।यहां फिलहाल दर्शकों की कमी है। लोगो में अपनी भाषा के प्रति वो रूचि नहीं है जो होनी चाहिए । थियेटरों  की कमी को सरकार पूरा करे।आस्था फिल्मो के साथ साथ खेल में भी अपनी किस्मत आजमाती रहेंगी। दीपिका पादुकोण उन्हे बेहद पसंद है.उनका मानना है कि प्रचार प्रसार और विज्ञापन में कमी फिल्म नहीं चलने का सबसे बड़ा कारण है। थियेटर भी एक कारण हो सकता है। गाँव गाँव तक हम अपनी फिल्म नहीं पंहुचा पा रहे हैं। बेहतर प्रचार पसार हो और प्रदेश के सभी टाकीजों में फिल्म लग जाए तो लागत एक हप्ते में निकल आएगी। सरकार मदद नहीं करती और डिस्ट्रीब्यूशन भी सही नहीं है।

सुरीली आवाज से सभी को मोहित करते हैं दिलीप राय

छत्तीसगढ़ के लोकगायक दिलीप राय आज किसी परिचय के मोहताज नहीं है.एलबम और यूं ट्यूब में अपनी आवाज के करिये लाखों लोगो के दिलों में राज कर रहे हैं.एवीएम स्टूडियो के संचालक संतोष कुर्रे का दिलीप राय को मंच देने और आगे बढ़ाने में बहुत बड़ा हाथ है. दिलीप बताते है कि उन्हें गाने का शौक बचपन से ही रहा है।  गाने में रूचि शुरू से ही था पर मौका नहीं मिल रहा था। वे बहुत कुछ करना चाहता है इस क्षेत्र में। गायन में जगह बनाने के लिए उन्होंने बहुत ही प्रेक्टिस की है और उनकी मेहनत का ही फल है कि आज वे इस मुकाम पर है। हमने दिलीप राय से हर पहलुओं पर बेबाक बात की है. पेश है उनसे हुई बातचीत के सम्पादित अंश.
आपको गाने का शौक कब से है ?
मुझे गाने का शौक बचपन से ही रहा है। गाने में रूचि शुरू से ही था पर मौका नहीं मिल रहा था। मैं बहुत कुछ करना चाहता हूँ इस क्षेत्र में ।
आप सुरीली आवाज में कैसे गा लेते हैं?
इसके लिए मैंने बहुत ही प्रेक्टिस की है और मेरी मेहनत का ही फल है कि आज मैं इस मुकाम पर हूँ।
घरेलू कामकाज के बावजूद गाने के लिए समय कैसे निकाल लेते हैं?
निकालना पड़ता है वह भी जीवन का एक हिस्सा है। मन में लगन हो तो सब कुछ संभव है।
आज के युवा पुराने गीतों को महत्त्व नहीं देते क्यों?
ऐसा नहीं है आज भी पुराने गानों के प्रति लोगो का रुझान है। पुराने गीत सदाबहार है और रहेंगे।
आपके प्रेरणाश्रोत कौन है ?
मैंने अपने से ही गाने की शुरुआत  की है और काफी संघर्ष भी किया है। मेरा कोई रोल मॉडल नहीं है।
कभी आपने सोचा था की गानों में इतना लोकप्रिय हो जाएंगे?
नहीं ! पर अब लगता है कि गाने ने मुझे ज्यादा लोकप्रिय बना दिया है।
कोई ऐसा अवसर आया हो ,जब आप बहुत उत्साहित हुई हो?
जब संतोष कुर्रे ने मुझे बेहतर गाने और आवाज के लिए मंच प्रदान किया।
ऐसा कोई क्षण जब निराशा मिली हो?
कभी नहीं। मैं कभी निराश नहीं होता।
आपका कोई सपना है जो आप पूरा होते देखना चाहते हो ?
00 मेरा सपना है कि गानों के जरिये लोगो के दिलों में छा जाऊं।

प्रेम के बंधना से काफी उम्मीद है श्वेता शर्मा को

इसी माह आ रही है उनकी दो फि़ल्में 
छालीवुड की चरित्र अभिनेत्री श्वेता शर्मा को अपनी आने वाली फिल्म प्रेम के बंधना से काफी उम्मीदें हैं. श्वेता इस फिल्म में एक खलनायिका की भूमिका में है जिसे उन्होंने बखूबी निभाया है. इस रोल के लिए उन्होंने बहुत ही मेहनत किया है.वे कहती हैं कि इस फिल्म से उन्हें बहुत ही उम्मीदें है क्योकि फिल्म बनी ही ऐसी है कि दर्शकों को जरूर पसंद आएगी। प्रेम के बंधना में उन्होंने जो भूमिका निभाई है वह जरा हटकर है.इस फिल्म में वे अनुज शर्मा के परिवार को तोड़ती हुई नजर आएगी। वे कहती है की इस फिल्म के निर्देशक शिवनरेश केशरवानी है जिन्होंने एक अच्छी फिल्मे बनाई है। इसके पहले भी वे मोहनी, और चंदू अऊ चांदनी जैसी बड़ी फिल्म बना चुके हैं। इस बार फिर छत्तीसगढ़ के सभी बड़े स्टार कास्ट को लेकर प्रेम के बंधना बनायें हैं। इस फिल्म की सभी गाने की रिकॉर्डिंग कटक में पूरी की गयी है जिसमे छत्तीसगढ़ के सभी बड़े गायक गायिका के सांथ बॉलीवुड के प्रसिद्ध गायक उदित नारायण ने भी इस फिल्म के गानों को अपने स्वर से सजाया हैं।फिल्म के एक गाने बैंकाक में शूट किये गए हैं. श्वेता यूं तो करीब 35 फिल्मे कर चुकी है लेकिन यह पहला अवसर जब उनकी दो फिल्मे प्रेम के बंधना और मोर सुंदर छत्तीसगढ़ रिलीज हो रही है.श्वेता हर तरह की भूमिका निभाने में माहिर है। करीब 35 फिल्मो में माँ की भूमिका निभा चुकी श्वेता कहती है कि मन में लगन और दृढ़ इच्छा हो तो कोई भी काम असंभव नहीं होता। छत्तीसगढ़ी फिल्मो में उनकी एंट्री भी नाटकीय ढंग से हुई थी। कोरियोग्राफर मनोजदीप ने उन्हें मंच दिया और फिल्मो में काम करने को प्रोत्साहित किया ,बस फिर क्या था फिल्मो में आ गयी । कम पढ़ी लिखी होने के बावजूद श्वेता ने अपने अभिनय को ऐसे निभाया कि हर तरफ उनके कामों की तारीफ़ होने लगी। निर्देशक एजाज वारसी ने इन्हें भी ब्रेक दिया और आज एक सफल अभिनेत्री है। श्वेता की भूमिका को लोगो ने कई फिल्मो में सराहा लेकिन श्वेता को खुद राजा छत्तीसगढिय़ा में अपनी भूमिका बहुत पसंद है। वे बताती है कि बिना तैयारी के शूटिंग में गयी थी और बेहतर ढंग से भूमिका निभा पाई। डांसिंग से फिल्मो में कदम रखी थी फिर फिल्मो में आई.

यू ट्यूब में छाये सुंदरानी चैनल्स, बनाया कीर्तिमान

बीए सेकण्ड ईयर को एक दिन में पसंद किये 6 लाख लोग
सुंदरानी वीडियो वर्ल्ड का छत्तीसगढ़ में ही नहीं पूरे देश में जलवा है. आज यूं ट्यूब में सुंदरानी के सभी चैनल्स छाये हुए हैं. सुंदरानी चैनल्स ने आज एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है. उनके चैनल में फिल्म बीए सेकण्ड ईयर को एक ही दिन में 6 लाख लोगों ने देखा है. यह अपने आप में एक नया रिकार्ड है. इससे एक बात और अच्छी कही जा सकती है कि छत्तीसगढ़ी फिल्म को लोग देखने लगे हैं भले ही फिल्मो को टाकीजों में रिस्पांस नहीं मिलता हो पर यूं ट्यूब में यहां की फिल्मे खूब देखी जा रही है. फिल्म बीए सेकण्ड ईयर के निर्माता निर्देशक हैं श्री प्रणव झा जो काफी मंजे हुए निर्देशक हैं. उनकी सभी फिल्मे अब तक हिट रही है.फिल्म बीए फर्स्ट ईयर भी काफी हिट रही है. श्री झा को बेस्ट डायरेक्टर का अवार्ड भी मिल चुका है. फिल्म बीए सेकण्ड ईयर को 6 लाख व्यूवर मिलने के बाद मुम्बई की कई कंपनियों की नजर अब छत्तीसगढ़ पर है. यह इस राज्य के लिए अच्छी खबर है. छालीवुड के दिन आने वाले समय में और अच्छा होगा। टी सीरीज, समारू, विनस जैसी कंपनियां जल्द ही छत्तीसगढ़ का रुख करने वाली हैं.