शुक्रवार, 12 मई 2017

माही की फिल्मो में धमाकेदार एंट्री

पंजाबी फिल्म करने की तमन्ना है 
- श्वेता शर्मा  
छालीवूड़ में माही अहीर की धमाकेदार एंट्री हुई है। एक साल पहले माही ने छालीवूड़ की ओर रूख किया और इतने कम समय में उनके नाम एक हिन्दी और एक छत्तीसगढ़ी फिल्म है। इसके अलावा इन्होने कई शार्ट फिल्मे भी कर ली जिसमे श्री राजीव श्रीवास्तव की फिल्म छू लूंगी आसमान प्रमुख है। माही एजाज वारसी निर्देशित फिल्म अंधियार में अपनी भूमिका को बहुत ही चुनौतीपूर्ण मानती है। माही की दिली तमन्ना पंजाबी फिल्म करने की है। एक्टिंग के साथ साथ सिंगिंग उनका शौक है। इस समय माही क्लासिकल म्यूजिक की तालीम ले रही है। माही कहती है कि यहाँ छत्तीसगढ़ी फिल्मे इसलिए नहीं चलती क्योकि अच्छे लेवल की फिल्मे नहीं बनती।.माही छालीवुड में सभी प्रकार की भूमिका निभाना चाहती है ताकि उन्हें कटु अनुभव हो जाए। वे कहती है कि छत्तीसगढ़ी फिल्मो में गुणवत्ता हो तो जरूर थियेटरों में चलेगी। माही कहती है कि मुझे एक्टिंग का शौक नहीं रहा है। पापा के कहने पर इस क्षेत्र में आई हूँ। आज तक मैंने सिर्फ एक छत्तीसगढ़ी फूलम देखी है वह भी पापा ने बैठाकर जबरन दिखाया था। उन्हें उम्मीद है कि आने वाले समय में यहां की फिल्मे बॉलीवुड की तरह ही चलेंगी।यहां फिलहाल दर्शकों की कमी है। लोगो में अपनी भाषा के प्रति वो रूचि नहीं है जो होनी चाहिए । थियेटरों  की कमी को सरकार पूरा करे। यहां की फिल्मो में बहुत सारी कमियां होती है। फिल्मो में वो गुणवत्ता नहीं होती जो यहां के लोगो को चाहिए। माही कहती है कि शुरू से मै एक्टिंग को कॅरियर बनाने की सोचकर नहीं चली हूँ। लेकिन अब इसी लाईन पर काम करती रहूंगी। मैं हर तरह की भूमिका निभाना चाहूंगी। वे कहती है कि हिन्दी फिल्में जरूर करना चाहेंगी और छत्तीसगढ़ को प्रमोट करने की बड़ी तमन्ना है। माही का आदर्श भी कोई नहीं है, ऐसा कोई है नहीं जिसे वे फालो करती हों। एजाज वारसी ने उन्हें हिन्दी फिल्मो में उनका काम देखकर छत्तीसगढ़ी फिल्म अंधियार में काम दिया है। वैसे एजाज ही हैं जिन्होंने माही को ब्रेक दिया है। वे कहती है कि एजाज जी के मार्गदर्शन में फिलहाल वे काम करते रहना चाहेंगी। 

मोगरा देगी बेटी बचाने का सन्देश

0 बेटियाँ ही परिवार की सशक्त धुरी होती है

बेटियाँ किसी भी मायने में कमजोर नहीं होती और बेटियाँ ही परिवार की सशक्त धुरी होती है। यह सन्देश देगी छत्तीसगढ़ी फिल्म मोगरा। बेटी बचाओ बेटी पढ़ावो का सन्देश पूरे विश्व में अभी गूँज रहा है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से लेकर पूरा भारत इसी सन्देश को लेकर चर्चा में है। और इसी सन्देश को लेकर बनी है फिल्म मोगरा। निर्माता निर्देशक सोहन लाल वर्मा ने बड़ी ही खूबसूरती से यह फिल्म बनाई है जो बेटी की परिपक्वता और गुण को दर्शाता है। यह फिल्म बहुत ही अच्छी बनी है अगर आप टाकीज पर देखेंगे तो जरुर कहेंगे कि छत्तीसगढ़ को ऐसी फिल्मो की जरुरत है। कहानी तो हम अभी नहीं बताएँगे लेकिन इतना जरुर बता देते हैं कि जिस बेटी को पोइदा होने पर मारने की कोशीश की जाती है वही बेटी आगे चलकर बहुत ही होनहार होती है और लोगो की एक डाक्टर के रूप में सेवा करती है। यहाँ तक की अपने पिता की जान तक बचाती है। सोहन वर्मा का डायरेक्शन बहुत ही अच्छा है उतने ही अच्छे उनकी सोच है। फिल्म में मुख्य भूमिका अंजना दास और श्वेता शर्मा की है। इस नारी प्रधान फिल्म में दोनों ने माँ बेटी की भूमिका अदा की है। छत्तीसगढ़ी फिल्मो में माँ और भाभी की भूमिका निभाने वाली श्वेता शर्मा  आज एक अच्छी अदाकारा के रूप में जानी पहचानी जाती है । अपनी असल जिंदगी में भी भारी उतार चढ़ाव देखने वाली श्वेता कहती है कि सरकार का सहयोग मिले तो छत्तीसगढ़ी फिल्मो के भी दिन बहुर जाएंगे। छत्तीसगढ़ में भी अच्छी अच्छी जगहें हैं जहां फिल्मो की शूटिंग की जा सकती है। अंजना आने वाली समय की सुपर स्टार होगी इससे कोइ इनकार नहीं कर सकता। गजब की एक्टिंग प्रतिभा है अंजना दास में। फिल्म मोग्या की मुख्य नायिका अंजना ने इस फिल्म में अपनी अदाकारी से सबको अचंभित किया है। शूटिंग के समय मै स्वयम सेट पर मौजूद था अंजना ने वन टेक में अपनी शूटिंग पूरी की है। 

फिल्म प्रेम के बंधना में स्टार कास्ट

 0 अनुज शर्मा हैं मुख्य भूमिका में 
0 बॉलीवुड के प्रसिद्ध गायक उदित नारायण के स्वर हैं 

छत्तीसगढ़ फिल्म प्रेम के बंधना में सुपर स्टार अनुज शर्मा सहित कई बड़े कलाकार अपना जलवा दिखाते नजर आएंगे। बिलासपुर के तखतपुर में फिल्म की शूटिंग 10 नवम्बर से शुरू हुई जो अब ख़त्म हो गयी हैं जिसके निर्माता- अशोक सिंह ठाकुर एवं निर्देशक- शिवनरेश केशरवानी हैं । फिल्म में मुख्य भूमिका में अनुज शर्मा, लवली अहमद की जोड़ी एवं सेकेण्ड लीड में बिलासपुर के उभरते कलाकार अशरफ अली और सनम परवीन की जोड़ी नजर आएगी।। एवं सहायक कलाकारों में प्रदीप शर्मा, अनिल शर्मा, उपासना वैष्णव, चन्द्रकला तिवारी, धर्मेंद्र चौबे, हेमलाल कौशल, संतोष निषाद, संतोष सारथी, श्वेता शर्मा, सरला सेन , पुष्पेंद्र सिंह जैसे कलाकार हैं. इस फिल्म के निर्देशक शिवनरेश केशरवानी इसके पहले भी मोहनी, और चंदू अऊ चांदनी जैसी बड़ी फिल्म बना चुके हैं।। चंदू अऊ चांदनी में तो उन्होंने बॉलीवुड के तीन बड़े कलाकार स्व.रज्ज़ाक खान, मुश्ताक खान एवं सहजाद खान को लेकर काम कर चुके हैं। और इस बार फिर छत्तीसगढ़ के सभी बड़े स्टार कास्ट को लेकर प्रेम के बंधना बना रहे हैं।इस फिल्म की सभी गाने की रिकॉर्डिंग कटक में पूरी की गयी है जिसमे छत्तीसगढ़ के सभी बड़े गायक गायिका के सांथ बॉलीवुड के प्रसिद्ध गायक उदित नारायण ने भी इस फिल्म के गानों को अपने स्वर से सजाया हैं।

जादूगर बने डॉ अजय सहाय

पांच भाषाओं में अभिनय करना भी एक रिकार्ड है
सुपर स्पेशिलिटी हास्पीटल चलाने वाले डॉ. अजय सहाय अब जादूगर बन गए हैं। चौकिये नहीं यह सच है। डॉ सहाय ने फिल्म दीवाना छत्तीसगढिय़ा में जादूगर की भूमिका निभाये है और और दर्शकों को खूब हंसाते हुए नजर आयेंगे। बिलासपुर के समाजसेवक जेठू राम साहू ने कलाकारों को मंच देने के लिए फिल्म दीवाना छत्तीसगढिय़ा बनाई है। इस फिल्म में डॉ सहाय नए रूप में दिखेंगे। उनमे गजब की प्रतिभा है। नायक ,खलनायक ,लेखक ,निर्देशक साहित्यकार, कवि, रंगकर्मी, पटकथा जैसे अनेक कला किसी एक व्यक्ति में हो ऐसे बिरले ही होते है और यह सब कला है डॉ अजय सहाय में। छत्तीसगढ़ी फिल्मो का वे एक आधार स्तम्भ है। उन्होंने एक नहीं कई भाषाओं की फिल्मो में अभिनय कर सबके सामने एक चुनौती पेश की है। पांच भाषाओं में अभिनय करना भी उनका एक रिकार्ड है। जितने अच्छे वे मधुमेह व् हृदयरोग विशेषज्ञ है उतने ही बेहतर कलाकार है।
डॉ सहाय को कला विरासत में मिली है। माँ से कला मिली है तो पिता से शिक्षा। छालीवुड में डॉ सहाय एक ऐसे नायक खलनायक लेखक ,निर्देशक है जिन्होंने फिल्म उद्योग पर हर भूमिका में एकछत्र राज कर रहे हैं और अपने अभिनय का लोहा मनवाया है। उनके स्वाभाविक अभिनय और प्रतिभा की पराकाष्ठा ही थी कि लोगों के बीच वे काफी लोकप्रिय हैं। उन्होंने जितने भी फिल्मों में रोल किया उसे देखकर ऐसा लगता है कि उनके द्वारा अभिनीत पात्रों का किरदार केवल वे ही निभा सकते थे। उनकी अभिनीत भूमिकाओं की यह विशेषता रही है कि उन्होंने जितनी भी फिल्मों मे अभिनय किया उनमें हर पात्र को एक अलग अंदाज में दर्शकों के सामने पेश किया। रूपहले पर्दे पर डॉ सहाय ने जितने रोल किए उनमें वह हर बार नए तरीके से संवाद बोलते नजर आए। अभिनय करते समय वे उस रोल में पूरी तरह डूब जाते हैं। परिवर्तन धारावाहिक में स्थानीय कलाकारों को लेना वे अपनी सबसे बड़ी उपलब्धी मानते है। समय की कदर नहीं करने वालों से डॉ सहाय काफी निराश होते हैं। वे कहते है कि जूनून से अच्छी फिल्म नहीं बनती। कहानी, संवाद,  निर्देशन, सब कुछ फिल्मो में होनी चाहिए। पैसों से ज्यादा समय की कीमत होती है। कई बार उनके साथ ऐसा हुआ है कि निर्माता निर्देशक उन्हें शूटिंग पर बुलाकर घंटों लेट आये हैं। ऐसे लोगो के लिए उनका एक ही सन्देश है समय की कदर करो। 

फिल्म को ही अब कॅरियर बनाएंगी प्रीति

छालीवुड में शोहरत मिले यही तमन्ना है 
छत्तीसगढ़ी फिल्म दीवाना छत्तीसगढिय़ा की नायिका प्रीति शर्मा कहती है की एक्टिंग मेरा शौक है और चाहत भी, फिल्म को ही अपना कैरियर बनाउंगी। जब इंडस्ट्री में आ ही गयी हूँ तो पीछे नहीं हटूंगी। इस फिल्म में छत्तीसगढ़ के कई बड़े कलाकारों ने भी काम किया है। उनका कहना है कि मुझे हर तरह के रोल करने की इच्छा है डेव्यु फिल्म में नायिका हूँ ,और अपनी भूमिका के साथ बहुत ही मेहनत की है।
वे कहती हैं कि दीवाना छत्तीसगढिय़ा मेरी पहली फिल्म है इसमें मुझे नायिका का रोल दिया गया है। डेब्यू फिल्म से मुझे बहुत कुछ सीखने को मिला है। मैंने एक आधुनिक लड़की का किरदार निभाया है। इस फिल्म में बहुत मेहनत करनी पडी है। फिल्म दीवाना छत्तीसगढिय़ा में सन्देश भी है तो कामेडी भी है जो दर्शकों को पसंद आएगा। इसमें सब कुछ है आप अपने जिंदगी को कैसे जी सकते है इस फिल्म में बेहतर तरीके से बताया गया है। इस फिल्म को लेकर हम आश्वस्त हैं। प्रीति का कहना है कि पहली बार कैमरे के सामने आने पर बिलकुल भी डर नहीं लगा। हम सब ने इसमें एक साथ कैमरे का सामना किया है। इस फिल्म से हमें उम्मीद है कि और बॉलीवुड की अन्य फिल्मो की तरह ही चलेंगी। इसमें सब कुछ है। आप देखिये ,हमें तो पूरी उम्मीद है।

वे कहती हैं कि मुझे एक्टिंग का शौक बचपन से ही रहा है। स्कूल में भी एक्टिंग किया करती थी। कई नाटकों में भाग लिया था। वैसे अभी तक मेरा रुझान माडलिंग की तरफ ही रहा है। एक्टिंग मैंने खुद से सीखा है । मेरा कोई रोल मॉडल नहीं है। मेरे परिवार का बहुत ही सहयोग मिलता है और मेरे प्रेरणास्रोत भी मेरे परिवार ही हैं। मेरे लगन को देखकर मेरे माता-पिता ने मुझे फिल्म करने के लिए प्रोत्साहित किया। उनके ही कारण मैं फिल्म में अच्छे से रोल कर पाई हूँ। प्रीति बताती है कि उनका रुझान माडलिंग की ऑर ही था। एक्टिंग करने की नहीं सोची थी । अब फिल्मो में काम करती रहूंगी, पीछे नहीं हटूंगी। प्रीत्ति का तमन्ना छालीवुड में खूब नाम और शोहरत कमाने की है । वे चाहती है कि फिल्म दीवाना छत्तीसगढिय़ा खूब चले जनता मेरी एक्टिंग को सराहे। प्रीति के जीवन में कभी निराशा नहीं है । पर फिल्म में काम करने से मुझे बहुत खुशी हुई है क्योकि इससे मेरे जीवन में एक नया मोड़ आया है।

दर्शकों को भाएगी दीवाना छत्तीसगढिय़ा

0 दिखेंगी सलीम एलीना की जोड़ी 
0 प्रीति शर्मा की डेव्यू फिल्म 
छालीवुड की बहुचर्चित फिल्म दीवाना छत्तीसगढिय़ा भी शीघ्र ही प्रदर्शित होने जा रही है। कई मायनों में यह फिल्म छालीवुड के लिए एक मिसाल बनेगी। पहली बात तो यह कि इसी फिल्म से ही प्रीति शर्मा डेव्यू कर रही है और दूसरी बड़ी बात यह है कि डायरेक्टर सलीम खान जो एक अच्छे एक्टर भी हैं ठुमके लगाते हुए दिखेंगे। वे एलीना डेविड मसीह के साथ एक गाने में नजर आएंगे। वैसे सलीम खान जितने अच्छे कलाकार हैं उतने ही अच्छे निर्देशक भी है। इस फिल्म में कई जाने पहचाने चेहरें है जो दर्शकों को बोर नहीं होने देंगे। उपासना वैष्णव , सचिन शर्मा , डॉ अजय सहाय , उषा विश्वकर्मा जैसे कलाकारो ने अभिनय किया है। जे पी विश्वकर्मा की कहानी पर श्री जेठू साहू ने एक शानदार मनोरंजक फिल्म का निर्माण किया है जो दर्शकों को पसंद आएगी। केशव - प्रीति शर्मा की जोड़ी के साथ साथ एलीना और सलीम खान की जोड़ी भी दर्शकों को आकर्षित करेंगी। डॉ अजय सहाय एक जागूगर की भूमिका में है। इस फिल्म के निर्माता जेठू साहू ने राष्ट्रीय हिंदी मेल के दफ्तर में चर्चा के दौरान बताया कि दीवाना छत्तीसगढिय़ा में वह सब कुछ दिखाना चाहा है जो दर्शकों को पसंद है। कॉमेडी भी है, शानदार गीत है, एक्शन भी है, ठुमके भी है अच्छी कहानी है तो अच्छे संवाद भी है। श्री साहू ने बताया कि कलाकारों को मंच प्रदान करने के लिए ही इस फिल्म का निर्माण किया है आगे भी कलाकारों के लिए फिल्म बनाएंगे।
निर्देशक सलीम खान का कहना है कि हमारी योजना फिल्म को दिसंबर में रिलीज करने की है। उसी के हिसाब से तैयारी में हम लगे हुए हैं। निर्माता जेठू साहू ने कलाकारों को मंच प्रदान करने के लिए ही इस फिल्म का निर्माण किया है। वे एक ऐसे समाजसेवी है जिनका अपना नाम है। खासकर लड़कियों के विवाह के लिए निशुल्क अपने फार्म हाउस को देते है साथ ही 3100 रुपये भेंट भी देते हैं। आज के जमाने में ऐसे शख्स बिरले ही मिलते हैं। इस फिल्म में कई बड़े कलाकार भी हैं जिसे दर्शक देखना पसंद करेंगे। जिसमे सलीम खान ,उपासना वैष्णव, उषा विश्वकर्मा, डॉ.अजय सहाय नामी कलाकार हैं। नायिका प्रीति शर्मा की यह डेब्यू फिल्म है। जे पी विश्वकर्मा के लिखे गीत गुनगुनाने लायक है वही जेठू साहू, छाया प्रकाश, संतोष यादव की आवाज भी मधुर है। फिल्म का डांस पक्ष जरुर कमजोर हो सकता है। छायांकन शानदार है तो और संगीत कर्णप्रिय है। फिल्म में एलीना डेविड मसीह और सलीम खान पर फिल्माए गए गीत दर्शकों को आकर्षित करेंगे, ऐसी उम्मीद है। डायरेक्टर सलीम खान का कहना है कि यह एक पारिवारिक फिल्म है जिसमे सभी कलाकारों ने काफी मेहनत की है जिसके चलते फिल्म अच्छी बनी है और हमें खासकर मुझे इस फिल्म से बहुत ही उम्मीद है। 

फिल्म विकास निगम और राजनीति

-  अरुण कुमार बंछोर 
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह ने राज्य में फिल्म उद्योग को बढ़ावा देने के लिए फिल्म विकास निगम जल्द बनाने की घोषणा की और शासन स्तर पर इस पर काम भी शुरू हो गया है। लेकिन शायद कलाकारों को नहीं मालूम की कुछ लोग फिल्म विकास निगम नहीं बनना देना चाहते। खबर मिली है कि कुछ बड़े कलाकारों ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर निगम नहीं बनाने की अपील की है। इससे निगम के गठन में विलम्ब हो सकता है। ये राजनीति जऱा समझ से पर हैं। जबकि मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ी फिल्मों की विकास यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा था कि सन 1965 में मनु नायक द्वारा निर्मित पहली छत्तीसगढ़ी फिल्म 'कहि देबे संदेस' से लेकर अब तक लगभग डेढ़ सौ फिल्में यहां बन चुकी हैं। भले ही ये फिल्में आर्थिक रूप से अपेक्षाकृत उतनी कामयाब न हो पायी हो, लेकिन इसके बावजूद हमारे यहां के फिल्म निर्माताओं और कलाकारों ने प्रदेश की कला और संस्कृति के प्रति पागलपन की हद तक अपना समर्पण भाव दिखाया है और इस दिशा में लगातार सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के फिल्म कलाकार पैसों के लिए काम नहीं करते। वे अपनी कला साधना के लिए समर्पित रहते हैं। उनका यह जुनून सचमुच अदभुत है। प्रदेश में छत्तीसगढ़ी सिनेमा उद्योग को बढ़ावा देने, यहां के प्रतिभावान कलाकारों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य में जल्द से जल्द फिल्म विकास निगम का गठन किया जाएगा, जिसकी मांग हमारे फिल्मकार और कलाकार काफी समय से करते आ रहे हैं। जब मुख्यमंत्री तैयार हैं तो अब निगम के गठन में रुकावट क्यों?
निगम बनने से छत्तीसगढ़ी फिल्मों के निर्माण, प्रदर्शन, तकनीकी व फाइनेंस संबंधी दिक्कतें जल्द ही दूर होंगी। यहां का फिल्म व्यवसाय व्यवस्थित हो जाएगा। अच्छी फिल्मों का निर्माण होगा जो यहां की संस्कृति और भाषा दोनों को संवर्धित करेंगी।राज्य बनने के बाद से प्रदेश में छत्तीसगढ़ी फिल्मों के निर्माण में तेजी आई है। अब तक तकरीबन 200 फिल्में प्रदर्शित हो चुकी हैें, जिनमें से काफी संख्या में हिट भी हुई हैं। सीमित संसाधन के बीच छत्तीसगढ़ी फिल्म व्यवसाय से जुड़े लोग लगातार फिल्में बना रहे हैं। स्थानीय भाषा में होने के कारण प्रदेश में ये फिल्में अच्छा व्यवसाय कर रही हैं। अब इन फिल्मों के निर्माण, प्रमोशन और प्रदर्शन में आने वाली समस्याएं फिल्म विकास निगम के माध्यम से दूर होंगी।2013 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा और कांग्रेस दोनों ने अपने एजेंडे में फिल्म विकास निगम के गठन को शामिल किया था।
ये कमियां होंगी दूर
1. फिल्मों का प्रदर्शन के लिए थियेटरों की कमी
2. फिल्म सिटी बनने का रास्ता होगा साफ
3. अच्छे स्टूडियो की कमी होगी दूर
4. फिल्म अकादमी और ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट खुलेंगे
5. तकनीकी और आर्थिक सहयोग मिलेगा