गुरुवार, 4 मार्च 2021

किसी के सपोर्ट की जरूरत नहीं पड़ी और ना कभी काम की कमी रही

 बॉलीवुड अभिनेता अमन वर्मा से अरुण बंछोर की ख़ास चर्चा

छोटे पर्दे के जाने-माने अभिनेता अमन वर्मा कई मशहूर टीवी शोज के साथ-साथ बॉलीवुड फिल्मों का भी हिस्सा रह चुके हैं। बीते दिनों उन्होंने बिग बॉस पर तीखी प्रतिक्रिया देकर जबरदस्त सुर्खियां बटोरी थीं। अमन वर्मा ने 1983 में फिल्म ‘पचपन खंभे लाल दीवारें’ से अपना एक्टिंग डेब्यू किया था। इसके बाद वो ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’, ‘कुमकुम’, ‘इस जंगल से मुझे बचाओ’ जैसे शो में नजर आ चुके हैं। वो अमिताभ बच्चन के साथ फिल्म ‘बागबान’ में भी काम कर चुके हैं। इसके अलावा अब वो अपने ओटीटी डेब्यू के लिए भी तैयारी कर रहे हैं।


उनका मानना है कि इस शो के जरिए किसी का करियर नहीं बनता सिर्फ कुछ महीनों तक चर्चा रहती है। उनसे एक फैशन शो के दौरान कई विषयों पर खुलकर चर्चा हुई। अपने एक्टिंग को लेकर उन्होंने हमसे खुलकर बातें की हैं। इस दौरान उन्होंने ये भी बताया कि किस तरह टीवी इंडस्ट्री में एक एक्टर का करियर शो के खत्म होते ही 6-7 साल के स्पैन में खत्म हो जाता है। अमन वर्मा ने ये भी साफ किया है कि उन्हें किसी के सपोर्ट की जरूरत नहीं पड़ी और कभी भी काम की कमी नहीं रही। उन्होंने कहा- ‘मैंने जो कुछ भी किया है, मुझे उसे लेकर कोई पछतावा नहीं है क्योंकि मैंने उसे अपना 100 प्रतिशत दिया है। मैं मुंबई में 23-24 साल से सर्वाइव कर रहा हूं। और आज भी मेरे लिए काफी काम है और अच्छी चीजें हो रही हैं’। उन्होंने आगे कहा- ‘टीवी के शो में क्या होता है कि 6 से 7 साल के स्पैन में, आपका पूरा करियर खत्म हो जाता है। आप एक शो के साथ आते हैं, शो खत्म हो जाता है और आप भी खत्म हो जाते हैं। लेकिन मैं कभी भी ऐसा एक्टर नहीं रहा हूं जिसे सपोर्ट की जरूरत पड़ी है। मुझे एक प्रोजेक्ट के बाद दूसरा मिलता गया’।

प्रतिभा हो तो संघर्ष से न घबराएं
इसके पहले अमन वर्मा ने प्रेस से बात करते हुए कहा कि मुंबई की चकाचौंध और फिल्मी स्टार की लोकप्रियता से युवा भी ऊंची उड़ान भरना चाहते हैं और फिल्मों में काम करना चाहते हैं। यह इतना आसान नहीं है, जितना युवा समझते हैं। जो कलाकार आज कामयाबी की बुलंदियों को छू रहे हैं, उन्होंने काफी संघर्ष किया है, यूं ही स्टार नहीं बने हैं। छत्तीसगढ़ के युवाओं में भी प्रतिभा है, यदि कामयाबी हासिल करना चाहते हो, तो इसके लिए संघर्ष करना होगा। आपमें प्रतिभा हो तो जरूर मुंबई आएं और हालातों से संघर्ष करें। शुरुआत में काम न मिले तो निराश न हों। आपमें जितनी प्रतिभा होगी, उतनी तरक्की करते जाएंगे। आपकी प्रतिभा और आपका संघर्ष ही आपको मंजिल तक ले जाएगा। एक सवाल के जवाब में अमन वर्मा ने कहा कि कोई कितना भी प्रतिभाशाली हो, उसे घर बैठे काम नहीं मिलता। टीवी, फिल्मों में पहचान बनाने के लिए युवाओं को काम चाहिए, तो निरंतर संपर्क बढ़ाएं। संघर्ष करने से न घबराएं। आपके पास दो वक्त की रोटी का जुगाड़ हो और प्रतिभा हो तभी मुंबई में रहें, देरसबेर मेहनत का फल अवश्य मिलेगा।राजधानी में छत्तीसगढ़ फैशन फ्यूजन आयोजन के सिलसिले में आए प्रसिद्ध कलाकार अमन वर्मा ने कहा कि वह छत्तीसगढ़ फैशन फ्यूजन को बढ़ावा देने आए हैं। इससे फैशन के क्षेत्र में जाने वाली युवतियों को एक नया मंच मिलेगा। जो लोग मुंबई, दिल्ली और विदेशों में होने वाले आयोजनों में भाग लेकर अपनी पहचान बनाना चाहते हैं, उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा। अश्लील वेब सीरीज का बोलबाला होने और इस पर प्रतिबंध लगाने की सुगबुगाहट के सवाल पर अमन वर्मा ने कहा कि विश्वभर में दर्शक क्या देखना चाहते हैं, इसका फैसला चंद लोग नहीं ले सकते। यह दर्शकों पर निर्भर करता है कि वे क्या देख रहे हैं। मोबाइल पर कंट्रोल करना दर्शकों के हाथ में हैं।दर्शक जो देखना चाहेगा, वह देखेगा, जो पसंद नहीं है, वह नहीं देखेगा। यह तो इंटरटेनमेंट का मामला है। बागबां फिल्म में मतलबी बेटे का किरदार निभाने वाले अमन वर्मा का कहना है कि फिल्म बागबान में मेरा किरदार देखकर लोग तंज कसते थे, कैसा अनालायक बेटा है जो अपनी माँ को घर से निकाल दिया। यह निगेटिव रोल मेरे लिए बेहतर साबित हुआ। इससे मुझे अलग पहचान मिली। आज मैं उस मुकाम पर हूँ जो मैं चाहता था.

शोषण तो हर जगह है 

अभिनेता अमन वर्मा ने यह भी कहा कि शोषण तो हर जगह है। बस समझने की जरूरत है। कौन व्यक्ति किसी बात को किस रूप में लेता है। यह बात भी कहीं न कहीं ठीक है कि बालीवुड में जाने से पहले जिनके रिश्ते अभिनेता व अन्य लोगों से अच्छे होते हैं उनको अवसर आसानी से मिल जाते हैं। बाकी अपने बलबूते पर जाने वालों को कठिन मेहनत नहीं तपस्या करनी पड़ती है, तब जाकर कोई अवसर मिल पाता है।

शुक्रवार, 19 फ़रवरी 2021

अपने दमदार अभिनय से छालीवुड का बेनाम बादशाह है करण खान

 - अरुण बंछोर

छालीवुड में करन खान का नाम ऐसे अभिनेता के तौर पर शुमार किया जाता है जिन्होंने करीब दो दशक से अपने दमदार अभिनय से दर्शकों के बीच अमिट पहचान बनायी है और आज किसी फिल्म में उनका होना ही सफलता की गारंटी माना जाता है। जब भी दमदार अभिनय की बात आती है तो ऐसे अभिनेताएं की लिस्ट में करण खान का नाम सबसे ऊपर होता है। वे ऐसे एक्टर हैं जो अपने रोल में पूरी तरह से रच-बस जाते हैं और फिर कमाल के अभिनय से फिल्म को सुपर-डुपर हिट करवा देते हैं। करण खान छालीवुड का एक ऐसा सितारा हैं जिसने पर्दे पर जिस भी रोल को निभाया उसे बड़ी शिद्दत से अभिनय किया। करण खान ने किरदार को निभाने के लिए जब-जब कुछ नया किया एक कहानी बन गई। करण ऐसे कलाकार के तौर पर जाने जाते हैं जो अपने किरदारों की सच्चाई और उन्हें अपने ही अलग अंदाज से दर्शकों के सामने परोसने का हुनर जानते हैं। वे लगभग हर फिल्म में ही अपने साथ एक्सपेरिमेंट करते रहते हैं। करण खान की अगली फिल्म है कुरुक्षेत्र, जिसका अभी अभी मुहूर्त हुआ है. उन्होंने करीब 40 फिल्मे करने के बाद तीन फिल्मो का निर्देशन भी किया है. फिल्मो का सफर उनका लंबा है लेकिन मैं दबंग देहाती फिल्म की शूटिंग से लेकर फिल्म के टाकीज में आने तक उनके साथ था. बहुत ही मिलनसार, अनुभवी और मेहनती अभनेता है. जब इस फिल्म का निर्माण शुरू हुआ तब उन्होंने कहा था कि फिल्म को 55 दिनों में शूट करके प्रदर्शित कर दूंगा और 52 दिनों में फिल्म दबंग देहाती को रिलीज कर उन्होंने सच कर दिखाया था. करण खान 11 बार सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का खिताब जीत चुके हैं. करण खान ने इप्टा से अपने कॅरियर की शुरुआत की फिर एल्बम के माध्यम से कई मशहूर गानों पर अपना जौहर दिखाया। उनकी कई फिल्मों ने 50 और 100 दिनों तक टाकीजों में परचम लहराया।

स्व. सैय्यद ज़फ़र अली और श्रीमती शमशाद बेगम के पुत्र करण खान का असली अनाम सैय्यद ताहिर अली है और उनकी दो बेटियां - अनाबिया अली , आरौश अली है. कुरुक्षेत्र के मुहूर्त पर जब हमने बेटी अनाबिया अली से पूछा तो उनका सधा हुआ जवाब था कि वे एक अच्छी डाक्टर बनकर लोगों और देश की सेवा करना चाहती है.करण खान का कहना है कि वे छत्तीसगढ़ की संस्कृति और फिल्मों के प्रचार प्रसार के लिए जो भी होगा, वे जरूर करते रहेंगे। उन्हें अभिनय और स्टाइल से जाना जाता हैं। उन्होंने अब तक अपने आप को इतना फिट रखा हैं कि उनको लोग देखते ही रह जाते हैं. उनके कपड़े पहनने का अंदाज़ भी अलग हैं.
पहला बायोपिक फिल्म भी करण के नाम


छत्तीसगढ़ी नाचा पार्टी के जनक दुलार सिंह के जीवनी पर बनी प्रदेश की पहली बायोपिक फिल्म” मंदराजी “भी करन खान के खाते में ही गया है. दाऊ मंदिर जी के किरदार में सुपर स्टार करन खान ने बेजोड़ अभिनय किया है फिल्म में दर्शक छत्तीसगढ़ी नाचा पार्टी के जनक दुलार सिंह मंदराजी के जीवन और नाचा के क्षेत्र में किये गये उनके अमूल्य योगदान को देख पाएं और जान पाए। मंदराजी छत्तीसगढ़ की पहली बायोपिक फिल्म है। दुलार सिंह ने अपनी कला के माध्यम से छत्तीसगढ़ी नाचा को देश और दुनिया में एक नई पहचान दी है।
इनकी बहुचर्चित फ़िल्में
तीजा के लुगरा , छत्तीसगढ़ीया सबले बढिया, ए मोर बांटा, मंदराजी, ससुराल, बेनाम बादशाह, लैला टीपटाप छैला अंगूठा छाप, राधे अंगूठा छाप,मोही डारे , सिधवा सजन, तोला ले जाहूं उडरिया, तो मया माँ जादू हे, किस्मत के खेल, दबंग देहाती ,टिकट टू छालीवुड, दगाबाज, ऑटो वाले भांटो, बंधना, मोर भाई नंबर , छत्तीसगढ़ के हेंडसम, तोर मया के मारे, मितान 420,बाप बड़े न भैय्या सबले बड़े रुपैय्या, अजब जिनगी गजब जिनगी।
करन खान और बेनाम बादशाह’ बेस्ट क्यों
करन खान की वर्ष 2020 में साल के शुरूआत में रिलीज हुई बेनाम बादशाह, जिसे छालीवुड स्टारडम सिने अवार्ड में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता और सर्वश्रेष्ठ फिल्म का एवार्ड दिया गया. साथ ही इस फिल्म को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री और निर्देशक का भी एवार्ड मिला।ये फिल्म बेस्ट क्यों है? इस फिल्म में सब कुछ है जो दर्शकों को चाहिए होता है. फिल्म देखकर कई दर्शकों की आंखे भर आई थी। ये भी तो करन खान की अदाकारी का ही जलवा है, जो जिन्होंने परदे पर जीवंत किया था। जब फिल्म देखकर निकले दर्शकों की प्रतिक्रिया जानना चाही तो कई दर्शकों की आंखें भर आई थी। वो भरभराए आवाज में सिर्फ इतना ही कह पाए कि फिल्म अच्छी है। इसके अलावा कुछेक दर्शक तो सिर्फ आंसू ही लिए हुए थे, कुछ कह ही नहीं पाए। तो आखिर फिल्म की कहानी में काफी दम तो है, कि वो दर्शकों को इतना पसंद आई कि वो अपने भावनाओं को रोक नहीं सके और आंसूओं के रूप में निकल आए। बेनाम बादशाह जैसा कि नाम से ही पता चलता है, ऐसा शख्स जो अपने वसूलों पर चलता हो। फिल्म प्रणव झा के निर्देशन में बना है।
करन की ‘बेनाम बादशाह’ देखकर रो पड़े थे दर्शक


करन खान की वर्ष 2020 में साल के शुरूआत में रिलीज हुई बेनाम बादशाह देखकर कई दर्शकों की आंखे भर आई थी। ये भी तो करन खान की अदाकारी का ही जलवा है, जो जिन्होंने परदे पर जीवंत किया था। जब फिल्म देखकर निकले दर्शकों की प्रतिक्रिया जानना चाही तो कई दर्शकों की आंखें भर आई थी। वो भरभराए आवाज में सिर्फ इतना ही कह पाए कि फिल्म अच्छी है। इसके अलावा कुछेक दर्शक तो सिर्फ आंसू ही लिए हुए थे, कुछ कह ही नहीं पाए। तो आखिर फिल्म की कहानी में काफी दम तो है, कि वो दर्शकों को इतना पसंद आई कि वो अपने भावनाओं को रोक नहीं सके और आंसूओं के रूप में निकल आए। बेनाम बादशाह जैसा कि नाम से ही पता चलता है, ऐसा शख्स जो अपने वसूलों पर चलता हो। फिल्म प्रणव झा के निर्देशन में बना है और फिल्म के हीरो हैं करण खान और हीराईन मुस्कान साहू है।
फिल्म ‘तू मेरा हीरो’
छत्तीसगढ़ी फिल्म मेकर अनुपम वर्मा ने अपनी आगामी फिल्म ‘तू मेरा हीरो’ के लिए करण खान और मुस्कान साहू के नाम का ऐलान कर रखा है.करण खान अनुपम वर्मा की पहली छत्तीसगढ़ी फिल्म ‘मोही डारे’ में भी काम कर चुके हैं। इन दिनों करण खान और मुस्कान की जोड़ी को रुपहले पर्दे पर खासा पसंद किया जा रहा है। करण खान जहां छत्तीसगढ़ी सिनेमा के जाने-माने एक्टर हैं, वहीं मुस्कान भी प्रणव झा प्रोडक्शन की फिल्मों में अभिनय कर लोगों का दिल जीत चुकी हैं।
महाराष्ट्र के निर्माताओं के साथ
करण खान तीजा के लुगरा , छत्तीसगढ़ीया सबले बढिया (निर्माता निर्देशक विजय राजन जी महाराष्ट्र) ए मोर बांटा (निर्माता नागपुर महाराष्ट्र) मंदराजी( नाचा के भीष्म )(निर्माता निर्देशक महाराष्ट्र) और उसके बाद सन 2018 में पहली बार दूसरे राज्य झारखंड में छत्तीसगढ़ी फिल्म महोत्सव का सेहरा भी करन खान के सिर पर ही बंधा। जबकि प्रायः छत्तीसगढ़ी फिल्मी लोग अपनी फिल्मों को या अपने आप को प्रमोट करने में लगे हैं , ऐसे में सुपर स्टार करन खान ही एकमात्र ऐसे कलाकार हैं जो कि छत्तीसगढ़ी फिल्म इंडस्ट्री को छत्तीसगढ़ से बाहर विस्तार देने की पहल और प्रयास कर रहे हैं। उनका यह प्रयास राजनीतिक दलों से और छोलीवुड की राजनीतिक उठापटक से दूर रहते हुए निःस्वार्थ सिर्फ छत्तीसगढ़ी फिल्म इंडस्ट्री को प्रमोट करने का उद्देश्य है.

गुरुवार, 18 फ़रवरी 2021

फिल्मों को ही कॅरियर बनाएगी रेणु वर्मा

 अभी फिल्म शक्ति की शूटिंग में व्यस्त 

- अरुण बंछोर 

छालीवुड के उभरती अभिनेत्री रेणु वर्मा वैसे तो फिल्मों में काम करने के बारे में कभी सोची नहीं थी, परन्तु अब फिल्मों को ही अपनी कॅरियर बनाएंगी। वे कहती है की मन में दृढ़ इच्छा और लगन हो तो कोइ भी काम असम्भव नहीं होता। जो मन में ठान ले उसे पूरा करके ही रहती हूँ। वे अपने कला के दम पर पहचान बनाना चाहती है. 2015 में मॉडलिंग से अपनी कॅरियर की शुरुआत करने वाली रेणु वर्मा छत्तीसगढ़ी भाषा की तीन फिल्मे कर चुकी है. साउथ की दो फिल्मे भी उन्होंने की है. साथ ही कई बड़ी ज्वेलर्स कंपनियों के लिए मॉडलिंग में अपना जलवा दिखा चुकी है. रेणु वर्मा को मीडिया पर पूरा भरोषा है. वे कहती है कि कलाकारों की सफलता और असफलता कुछ हद तक मीडिया पर निर्भर होता है. 

0 आपको एक्टिंग के प्रति कैसे दिलचस्पी हुई ?



बचपन से शौक था एक्टिंग करने का। स्कूलों में नाटकों में भाग लिया करती थी। डांस करने के साथ साथ मॉडलिंग करने लगी। और ऐसा करते करते मैंने छत्तीसगढ़ी फिल्मो की ओर कदम बढ़ाया। लोगो को देखकर लगा की मुझे भी इस क्षेत्र में कुछ करना चाहिए।

0 अब तक की आपकी उपलब्धी क्या है?

मैंने 3  छत्तीसगढ़ी फिल्मो में काम किया है और बड़े ज्वेलर्स के लिए मॉडलिंग किये है। मेरे पापा मम्मी से पूरा सहयोग मिलता है. मुझमे काम करने की जूनून है. इसलिए आज आपके सामने हूँ.

0 आप छस्तीस्सगढ़ी फिल्मों में अपना आदर्श किसे मानते है?

छालीवुड में काम करने वाली सभी कलाकार मेरे आदर्श है। लेकिन अनुपम भार्गव मेरे आदर्श है, जिनके चलते आज मैं छालीवुड में कदम रख पाई हूँ।उन्होंने फेसबुक पर मुझे देखकर फिल्म के लिए ऑफर दिए थे. तब तक मैंने सोचा नहीं था कि इस क्षेत्र में काम करूंगी।

0 क्या आप अपने कामों से संतुष्ट हैं? 

हाँ, मैं अपने कामों से पूरी तरह से संतुष्ट हूँ। मैंने जितने भी फिल्मों में काम किया है सभी मेरे जीवन की अच्छी फि़ल्में है।

0 कभी आपने सोचा था की फिल्मो को ही अपना कॅरियर बनाएंगे ?

नहीं सोची थी कि कभी फिल्मों में काम करूंगी! शुरू से ही मै मॉडलिंग को कॅरियर बनाने की सोचकर चली हूँ। अब फिल्म लाईन पर ही काम करती  रहूंगी।

0  छालीवुड फिल्मो में आपको कैसी भूमिका पसंद है या आप कैसे रोल चाहेंगे?

मैं हर तरह की भूमिका निभाना चाहूंगी  , अलग अलग तरह की भूमिका करना पसंद करूंगी।

0 आपका कोई सपना है जो आप पूरा होते देखना चाहती हैं?

अपने कला के दम पर पहचान बनाऊँ तथा लोग मुझे एक अच्छी अभिनेत्री के रूप में जाने , यही मेरा सपना है.


एक अदाकारी तो दूसरी डायरेक्शन में हाथ आजमा रही हैं



छालीवुड में दो बहनें खूब धमाल मचा रही है. एक अदाकारी तो दूसरी डायरेक्शन में हाथ आजमा रही हैं. चुलबुली और खूबसूरत दोनों बहनें एक दूसरे से काम नहीं है.ये नमहर बहनें हैं - जयन्ती मनहर और अनुपमा मनहर। जयंती मनहर छत्तीसगढ़ी फिल्म उद्योग की एक अभिनेत्री हैं तो अनुपमा मनहर की रूचि डायरेक्शन में है और वे फिलहाल सह निर्देशक के रूप में छालीवुड में काम कर रही है। दोनों ही बहनों में काम करने का जूनून है, यही उनकी सफलता का राज भी है.


जयन्ती ने अपने करियर की शुरुआत साल 2017 में फिल्म बी.ए. सेकण्ड ईयर से की थी और आज एक स्थापित कलाकार हैं. उन्हें बचपन से ही अभिनय का शौक रहा है। स्कूल कॉलेजों में नाटकों में भाग लिया करती थी और फिर मॉडलिंग करने लगी। वे कहती हैं कि जब मैं टीवी देखती थी , तो सोचा करती थी कि मुझे भी कुछ बनना चाहिए। मेरी रोल मॉडल प्रियंका चोपड़ा हैं। कॉलेज के दिनों से ही मुझे फिल्मों के प्रस्ताव मिलने लगे थे। मैं एक्टिंग को करियर बनाने के लिए आगे बढ़ी हूं। अब मैं इस लाइन पर काम करती रहूंगी।जयंती मनहर की तमन्ना एक अच्छी नायिका बंनने की है। जयन्ती खुद अपनी पहचान बनाना चाहती है। अगर मौका मिले तो वह छोटे पर्दे पर भी काम करना चाहेंगी। जयंती मनहर ने अभिनय किया है- बी इ सेकण्ड ईयर, लव दीवाना, प्रेम के बंधना और आई लव यू टू. जयन्ती अभी फिल्म शक्ति की शूटिंग में व्यस्त हैं.

जयन्ती की बड़ी बहन अनुपमा मनहर छालीवुड में डायरेक्शन में हाथ आजमा रही है. उन्होंने आई लव यू टू, लव दीवाना फिल्म में सहायक निर्देशक की भूमिका निभाई है और अब कुरुक्षेत्र करने जा रही है. लव दीवाना में वे अपनी ही बहन को डायरेक्शन दिया है. वे अपना अनुभव बताते हुए कहती हैं की इस फिल्म में अपनी बहन जयंती को निर्देशित कर मैं बहुत खुश हूँ| लव दीवाना में मेरी बहन एक अभिनेत्री का रोल कर रही है. इस फिल्म में सभी कलाकारों ने बहुत मेहनत किया है. धुप और लोगों के भीड़ में भी हम लोगों ने एक्शन और फाईट सीन किया है. कलकारों के मेहनत को देखकर उस दिन एहसास हुआ की एक सफल फिल्म को बनाने के लिए कितना मेहनत करना पड़ता है एक बात यह भी समझ आया की एक्टिंग से ज्यादा कठिन निर्देशन करना है.

गुरुवार, 7 जनवरी 2021

"कारी" की छालीवुड में धमाकेदार वापसी

 हर प्रकार की भूमिका करना चाहूंगी - अंजली सिंह चौहान



जिसने भी छत्तीसगढ़ी फिल्म कारी देखी है, उन्हें वो चेहरा जरूर याद होगा ,जिन्होंने कारी की भूमिका में जान डाल दी थी. जी हाँ हम अंजली सिंह चौहान की ही बात कर रहे हैं. कारी यानी अंजली सिंह चौहान से हमारी मुलाक़ात डार्लिंग प्यार झुकता नहीं के सेट पर हुई तो हमने उनसे हर पहलुओं पर बात की. उन्होंने बेबाक सब कुछ बताया। पेश है उनसे हुई बातचीत के सम्पादित अंश. - अरुण बंछोर/ श्रीमती केशर सोनकर 

अंजली को फिल्म कारी से ही पहचान मिली, हालांकि उन्होंने काई एलबम और फिल्में की है लेकिन कारी फिल्म की बात ही कुछ और है. उसके बाद अंजली के जीवन में एक मोड़ आया और वे मुम्बई शिफ्ट हो गयी थी और छत्तीसगढ़ की फ़िल्मी दुनिया से दूर हो गयी थी. बॉलीवुड के छोटे परदे पर धारावाहिक में काम करने लगी थी. अब अंजली की छालीवुड में धमाकेदार वापसी हुई है. इन दिनों वे प्रणव झा के निर्देशकन में बन रही फिल्म डार्लिंग प्यार झुकता नहीं की शूटिंग में व्यक्त हैं. इसके पहले अंजली ने महुँ कुंवारा तहूँ कुंवारी, दइहान, मार डारे मया मा, तैं दिया मैं बाती , सुन सुन मया के धुन फिल्मों में अभिनय कर छालीवुड में धमाकेदार वापसी किया है. वे कहती है कि उन्हें हर प्रकार की भूमिका पसंद है, वी हर तरह का रोल करना चाहेंगी,बशर्तें रोल तगड़ा हो. छोटी सी भूमिका भी कलाकार को बड़ा बना देता है. अंजली सिंह चौहान ने अपनी कला की शुरुवात लोका कला मंच से किया, उसके बाद एल्बम की और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। कारी फिल्म उनके जीवन में महत्वपूर्ण साबित हुआ है, उन्हें इसी फिल्म से पहचान मिली। कुछ दिनों बाद वे शादी कर मुम्बई शिफ्ट हो गयी. ससुराल वालों के दबाव में उन्हें फ़िल्मी दुनिया से दूर होना पड़ा लेकिन एक कलाकार को कला से दूर नहीं किया जा सकता। यही कारण है अंजलि सिंह चौहान सब कुछ छोड़कर फिर कला की दुनिया में लौट आई है. अंजली को सभी तरह की शिक्षा या कला का ज्ञान अपनी माँ से ही मिला है. उनकी माँ उन्हें हर पल हर कदम पर साथ देती है. आज वे जो कुछ भी है अपनी माँ की वजह से ही है. अंजली कहती है कि आज भी मई अपने सीनियरों से कुछ ना कुछ सीखती रहती हूँ. और यह भी कहना चाहती हूँ की अब छालीवुड में काम करती रहूंगी।

बुधवार, 9 दिसंबर 2020

खाकी को समर्पित : सर का मर्तज़मींबा !

- अरुण बंछोर 

म्यूजिक अल्बम सरज़मीं का मर्तबा पुलिस विभाग को समर्पित है इस गाने के माध्यम से ईमानदार पुलिस ऑफिसर के परिवार और फ़र्ज़ के बीच की उलझन  को दिखाया गया है ! बॉलीवुड के जानेमाने सींगर शाहिद मालया ने गाया है ! विवेक भारती और इशिता विश्वकर्मा ने भी अपनी आवाज़ दिया है इस गाने में ! 

हाफ गर्ल फ्रेंड, वेलकम बैक, लवरात्रि जैसे बड़े फिल्मो के लिए गाने लिख चुके   दिग्गज गीतकार  अरफ़ात मेहमूद ने लिखा है इस गाने को ! म्यूजिक रोमी मुखर्जी और अरफ़ात मेहमूद ने दिया है ! इस गाने मे जिन कलाकारो ने काम किया है वो हैं कुंदन सिंह, अनुषा शर्मा, सुनैना दुबे, प्रीत कौर, दीपक सिन्हा ! डायरेक्टर :धीरज ठाकुर, कास्टिंग डायरेक्टर  हर्ष झा, एसोसिएट डायरेक्टर कुणाल सूर्यवंशी हैँ ! इस गाने को प्रोड्यूस किया है साईं विनायक फ़िल्म ने और जिसके फाउंडर हैँ बॉलीवुड अभिनेता कुंदन सिंह !

कुंदन हैँ कीमेरे द्वारा इस कम्पनी की स्थापना का मकसद आर्मी और पुलिस की गौरव गाथा को जन जन तक पहुँचाना है ! देश की पुलिस और आर्मी हीं हमारे असल हीरो हैँ हमें उनको हीं अपना रोल मॉडल मानना चाहिए क्युकी वो धूप बरसात की परवाह किये बगैर अपने परिवार से दूर रहकर हमारी हिफाज़त करते हैँ उनके लिए हमारे दिल मे सम्मान  ज़रूर होनी चाहिए ! लेकिन बड़ी दुख की बात है की कुछ क्रप्ट ऑफिसर्स के कारण लोग पुरे पुलिस विभाग को हीं ग़लत समझने लगे हैँ जबकि हकीकत बिलकुल अलग है,  आज भी देश मे कई ऐसे ऑफिसर्स हैँ जो अपने आप मे एक मिसाल हैँ ! समाज मे पुलिस के प्रति एक ग़लत धारणा बन चुकी है जिसके पीछे सिनेमा का बहुत बड़ा हाथ है सिनेमा मे शुरू से हीं पुलिस की छवि को दागदार दिखाया गया है, मै भी इसी सिनेमा का हिस्सा हुँ और मै सिनेमा के माध्यम से हीं समाज मे पुलिस के प्रति फैली ग़लत धारणा को चेंज करना चाहता हुँ ! जिसके लिए मैंने अपना खुद का प्रोडक्शन हाउस डाला है जो आर्मी और पुलिस के लिए लगातार फ़िल्म और गानो का निर्माण कर रही है !

शुक्रवार, 27 नवंबर 2020

बॉलीवुड में धूम मचा रही है छत्तीसगढ़ की अनुषा

अपने कला के दम पर पहचान बनाने की तमन्ना है



छत्तीसगढ़ की अनुषा शर्मा आज किसी परिचय की मोहताज नही है। भिलाई की इप्टा से अपना कला का सफर शुरू कर आज मुम्बई में अपने अभिनय का लोहा मनवा रही है. धारावाहिक तारक मेहता का उलटा चश्मा,मिमकी मुखिया, लापतागंज, मेरे साईं, ये रिश्ता क्या कहलाता है, कसौटी जिंदगी के , मेरे पापा मेरे हीरालाल, विक्रम बेताल, छोटी सरदारनी, बावले उतावले, ये तेरी गलियां, ये हैं मोहब्बतें, ये हैं चाहतें ,अग्नि फेरा ,ये रिश्ते प्यार के , श्रीकृष्णा , अपना टाईम आएगा , क्राइम पेटोल ,राजस्थनी सीरियल और डीडी नेशनल पर लाल रेखा जैसे कई सीरियलो में अनुषा अपनी कला का जलवा दिखा चुकी है।

उनकी कला में वो जादू है कि जो भी एक बार देखे, उनकी कला के कायल हो जाएंगे। उनकी एक्टिंग में जीवंतता झलकती है. वे कहती है की मन में दृढ़ इच्छा और लगन हो तो कोइ भी काम असम्भव नहीं होता। जो मन में ठान ले उसे पूरा करके ही रहती हूँ। वे अपने कला के दम पर पहचान बनाना चाहती है. अनुषा शर्मा कभी निराशा नहीं होती है और यही उनकी सफलता का राज भी है. अभी वे साई विनायक प्रोडक्शन के साथ गाने करने भिलाई आई हुई हैं. साथ काम करने वाले कलाकरो की एक कोशिश जो हमेशा ही रियल पुलिस और सेना और आर्मी को लेकर फ़िल्म और गाना कर उनका मनोबल बढ़ाना है. अनुषा ने दो छत्तीसगढ़ी फिल्मे भी की है। भकला और भुला झन देवे। वे भोजपुरी और हिंदी फिल्मे भी कर चुकी हैं। अनुषा शर्मा साईं विनायक के गाना करने छत्तीसगढ़ आई थी. इस दौरान वे हमारे दफ्तर भी आई तब हमने हर पहलुओं पर उनसे बेबाक बात की. पेश है बातचीत के सम्पादित अंश.

 

 आपको एक्टिंग के प्रति कैसे दिलचस्पी हुई ?
बचपन से ही शौक था एक्टिंग करने का। स्कूलों में नाटकों में भाग लिया करती थी। बाद में मुझे थियेटर का शौक हुआ। ऐसा करते करते मैंने छत्तीसगढ़ी फिल्मो की ऑर कदम बढ़ाया। उसके बाद मुम्बई चली गयी वहां मेरे अभिनय को देखकर निर्माता तो खुश हुए और मुझे लगातार काम मिलता गया। लोगो को देखकर लगा की मुझे भी इस क्षेत्र में कुछ करना चाहिए।
0 अब तक की आपकी उपलब्धी क्या है?
मैंने 2 छत्तीसगढ़ी फिल्मो में काम किया है और कुछ एल्बम बनाये है। मुम्बई में कई धारावाहिकों में मैंने है जैसे - तारक मेहता का उलटा चश्मा,मिमकी मुखिया, लापता गंज मेरे साईं ये रिश्ता क्या कहलाता है, ये रिश्ते प्यार के , श्रीकृष्णा , अपना टाईम आएगा , क्राइम पेटोल। , कसौटी जिंदगी के ,चाहत ,अग्नि फेरा। इसके अलावा राजस्थानी व् अन्य भाषाओं के भी सीरियल है.
0 आप छत्तीसगढ़ी फिल्मों में अपना आदर्श किसे मानते है?
छालीवुड में काम करने वाले मेरे कोइ आदर्श नहीं है और सभी कलाकार मेरे आदर्श है भी। क्योकि सबसे मुझे कुछ ना कुछ सीखने को ही मिलता है। बॉलीवुड में मुझे राजकपूर पसंद थे
० क्या आप छत्तीसगढ़ी फिल्मों में लौटेंगे ?
०० जरूर अच्छी कहानी हो और भूमिका अच्छी हो तो जरूर छत्तीसगढ़ी फिल्मे करूंगी।
० कैसी भूमिका आपको पसंद है या करना चाहेगी ?
० ऐसी भूमिका करना पसंद करूंगी जिसमे किरदार दमदार हो.महिला प्रधान फिल्मे करना चाहूंगी।


0 क्या आप अपने कामों से संतुष्ट हैं?
हाँ, मैं अपने कामों से पूरी तरह से संतुष्ट हूँ। मैंने जितने भी फिल्मों या धारावाहिकों में काम किया है सभी मेरे जीवन की बेहतर फ़िल्में और सीरियल्स है।
0 कभी आपने सोचा था की फिल्मो को ही अपना कॅरियर बनाएंगे ?
हाँ ! शुरू से ही मै एक्टिंग को कॅरियर बनाने की सोचकर चली हूँ। अब इसी लाईन पर काम करती रहूंगी।
० आपको कभी निराशा हुई है ?
हाँ बहुत बार निराशा हुई है.लेकिन मई निराशा को अपने ऊपर हावी नहीं होने देती।
0 आपका कोई सपना है जो आप पूरा होते देखना चाहती हैं?
अपने कला के दम पर पहचान बनाऊँ तथा लोग मुझे एक अच्छी अभिनेत्री के रूप में जाने , यही मेरा सपना है.