गुरुवार, 18 फ़रवरी 2021

फिल्मों को ही कॅरियर बनाएगी रेणु वर्मा

 अभी फिल्म शक्ति की शूटिंग में व्यस्त 

- अरुण बंछोर 

छालीवुड के उभरती अभिनेत्री रेणु वर्मा वैसे तो फिल्मों में काम करने के बारे में कभी सोची नहीं थी, परन्तु अब फिल्मों को ही अपनी कॅरियर बनाएंगी। वे कहती है की मन में दृढ़ इच्छा और लगन हो तो कोइ भी काम असम्भव नहीं होता। जो मन में ठान ले उसे पूरा करके ही रहती हूँ। वे अपने कला के दम पर पहचान बनाना चाहती है. 2015 में मॉडलिंग से अपनी कॅरियर की शुरुआत करने वाली रेणु वर्मा छत्तीसगढ़ी भाषा की तीन फिल्मे कर चुकी है. साउथ की दो फिल्मे भी उन्होंने की है. साथ ही कई बड़ी ज्वेलर्स कंपनियों के लिए मॉडलिंग में अपना जलवा दिखा चुकी है. रेणु वर्मा को मीडिया पर पूरा भरोषा है. वे कहती है कि कलाकारों की सफलता और असफलता कुछ हद तक मीडिया पर निर्भर होता है. 

0 आपको एक्टिंग के प्रति कैसे दिलचस्पी हुई ?



बचपन से शौक था एक्टिंग करने का। स्कूलों में नाटकों में भाग लिया करती थी। डांस करने के साथ साथ मॉडलिंग करने लगी। और ऐसा करते करते मैंने छत्तीसगढ़ी फिल्मो की ओर कदम बढ़ाया। लोगो को देखकर लगा की मुझे भी इस क्षेत्र में कुछ करना चाहिए।

0 अब तक की आपकी उपलब्धी क्या है?

मैंने 3  छत्तीसगढ़ी फिल्मो में काम किया है और बड़े ज्वेलर्स के लिए मॉडलिंग किये है। मेरे पापा मम्मी से पूरा सहयोग मिलता है. मुझमे काम करने की जूनून है. इसलिए आज आपके सामने हूँ.

0 आप छस्तीस्सगढ़ी फिल्मों में अपना आदर्श किसे मानते है?

छालीवुड में काम करने वाली सभी कलाकार मेरे आदर्श है। लेकिन अनुपम भार्गव मेरे आदर्श है, जिनके चलते आज मैं छालीवुड में कदम रख पाई हूँ।उन्होंने फेसबुक पर मुझे देखकर फिल्म के लिए ऑफर दिए थे. तब तक मैंने सोचा नहीं था कि इस क्षेत्र में काम करूंगी।

0 क्या आप अपने कामों से संतुष्ट हैं? 

हाँ, मैं अपने कामों से पूरी तरह से संतुष्ट हूँ। मैंने जितने भी फिल्मों में काम किया है सभी मेरे जीवन की अच्छी फि़ल्में है।

0 कभी आपने सोचा था की फिल्मो को ही अपना कॅरियर बनाएंगे ?

नहीं सोची थी कि कभी फिल्मों में काम करूंगी! शुरू से ही मै मॉडलिंग को कॅरियर बनाने की सोचकर चली हूँ। अब फिल्म लाईन पर ही काम करती  रहूंगी।

0  छालीवुड फिल्मो में आपको कैसी भूमिका पसंद है या आप कैसे रोल चाहेंगे?

मैं हर तरह की भूमिका निभाना चाहूंगी  , अलग अलग तरह की भूमिका करना पसंद करूंगी।

0 आपका कोई सपना है जो आप पूरा होते देखना चाहती हैं?

अपने कला के दम पर पहचान बनाऊँ तथा लोग मुझे एक अच्छी अभिनेत्री के रूप में जाने , यही मेरा सपना है.


एक अदाकारी तो दूसरी डायरेक्शन में हाथ आजमा रही हैं



छालीवुड में दो बहनें खूब धमाल मचा रही है. एक अदाकारी तो दूसरी डायरेक्शन में हाथ आजमा रही हैं. चुलबुली और खूबसूरत दोनों बहनें एक दूसरे से काम नहीं है.ये नमहर बहनें हैं - जयन्ती मनहर और अनुपमा मनहर। जयंती मनहर छत्तीसगढ़ी फिल्म उद्योग की एक अभिनेत्री हैं तो अनुपमा मनहर की रूचि डायरेक्शन में है और वे फिलहाल सह निर्देशक के रूप में छालीवुड में काम कर रही है। दोनों ही बहनों में काम करने का जूनून है, यही उनकी सफलता का राज भी है.


जयन्ती ने अपने करियर की शुरुआत साल 2017 में फिल्म बी.ए. सेकण्ड ईयर से की थी और आज एक स्थापित कलाकार हैं. उन्हें बचपन से ही अभिनय का शौक रहा है। स्कूल कॉलेजों में नाटकों में भाग लिया करती थी और फिर मॉडलिंग करने लगी। वे कहती हैं कि जब मैं टीवी देखती थी , तो सोचा करती थी कि मुझे भी कुछ बनना चाहिए। मेरी रोल मॉडल प्रियंका चोपड़ा हैं। कॉलेज के दिनों से ही मुझे फिल्मों के प्रस्ताव मिलने लगे थे। मैं एक्टिंग को करियर बनाने के लिए आगे बढ़ी हूं। अब मैं इस लाइन पर काम करती रहूंगी।जयंती मनहर की तमन्ना एक अच्छी नायिका बंनने की है। जयन्ती खुद अपनी पहचान बनाना चाहती है। अगर मौका मिले तो वह छोटे पर्दे पर भी काम करना चाहेंगी। जयंती मनहर ने अभिनय किया है- बी इ सेकण्ड ईयर, लव दीवाना, प्रेम के बंधना और आई लव यू टू. जयन्ती अभी फिल्म शक्ति की शूटिंग में व्यस्त हैं.

जयन्ती की बड़ी बहन अनुपमा मनहर छालीवुड में डायरेक्शन में हाथ आजमा रही है. उन्होंने आई लव यू टू, लव दीवाना फिल्म में सहायक निर्देशक की भूमिका निभाई है और अब कुरुक्षेत्र करने जा रही है. लव दीवाना में वे अपनी ही बहन को डायरेक्शन दिया है. वे अपना अनुभव बताते हुए कहती हैं की इस फिल्म में अपनी बहन जयंती को निर्देशित कर मैं बहुत खुश हूँ| लव दीवाना में मेरी बहन एक अभिनेत्री का रोल कर रही है. इस फिल्म में सभी कलाकारों ने बहुत मेहनत किया है. धुप और लोगों के भीड़ में भी हम लोगों ने एक्शन और फाईट सीन किया है. कलकारों के मेहनत को देखकर उस दिन एहसास हुआ की एक सफल फिल्म को बनाने के लिए कितना मेहनत करना पड़ता है एक बात यह भी समझ आया की एक्टिंग से ज्यादा कठिन निर्देशन करना है.

गुरुवार, 7 जनवरी 2021

"कारी" की छालीवुड में धमाकेदार वापसी

 हर प्रकार की भूमिका करना चाहूंगी - अंजली सिंह चौहान



जिसने भी छत्तीसगढ़ी फिल्म कारी देखी है, उन्हें वो चेहरा जरूर याद होगा ,जिन्होंने कारी की भूमिका में जान डाल दी थी. जी हाँ हम अंजली सिंह चौहान की ही बात कर रहे हैं. कारी यानी अंजली सिंह चौहान से हमारी मुलाक़ात डार्लिंग प्यार झुकता नहीं के सेट पर हुई तो हमने उनसे हर पहलुओं पर बात की. उन्होंने बेबाक सब कुछ बताया। पेश है उनसे हुई बातचीत के सम्पादित अंश. - अरुण बंछोर/ श्रीमती केशर सोनकर 

अंजली को फिल्म कारी से ही पहचान मिली, हालांकि उन्होंने काई एलबम और फिल्में की है लेकिन कारी फिल्म की बात ही कुछ और है. उसके बाद अंजली के जीवन में एक मोड़ आया और वे मुम्बई शिफ्ट हो गयी थी और छत्तीसगढ़ की फ़िल्मी दुनिया से दूर हो गयी थी. बॉलीवुड के छोटे परदे पर धारावाहिक में काम करने लगी थी. अब अंजली की छालीवुड में धमाकेदार वापसी हुई है. इन दिनों वे प्रणव झा के निर्देशकन में बन रही फिल्म डार्लिंग प्यार झुकता नहीं की शूटिंग में व्यक्त हैं. इसके पहले अंजली ने महुँ कुंवारा तहूँ कुंवारी, दइहान, मार डारे मया मा, तैं दिया मैं बाती , सुन सुन मया के धुन फिल्मों में अभिनय कर छालीवुड में धमाकेदार वापसी किया है. वे कहती है कि उन्हें हर प्रकार की भूमिका पसंद है, वी हर तरह का रोल करना चाहेंगी,बशर्तें रोल तगड़ा हो. छोटी सी भूमिका भी कलाकार को बड़ा बना देता है. अंजली सिंह चौहान ने अपनी कला की शुरुवात लोका कला मंच से किया, उसके बाद एल्बम की और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। कारी फिल्म उनके जीवन में महत्वपूर्ण साबित हुआ है, उन्हें इसी फिल्म से पहचान मिली। कुछ दिनों बाद वे शादी कर मुम्बई शिफ्ट हो गयी. ससुराल वालों के दबाव में उन्हें फ़िल्मी दुनिया से दूर होना पड़ा लेकिन एक कलाकार को कला से दूर नहीं किया जा सकता। यही कारण है अंजलि सिंह चौहान सब कुछ छोड़कर फिर कला की दुनिया में लौट आई है. अंजली को सभी तरह की शिक्षा या कला का ज्ञान अपनी माँ से ही मिला है. उनकी माँ उन्हें हर पल हर कदम पर साथ देती है. आज वे जो कुछ भी है अपनी माँ की वजह से ही है. अंजली कहती है कि आज भी मई अपने सीनियरों से कुछ ना कुछ सीखती रहती हूँ. और यह भी कहना चाहती हूँ की अब छालीवुड में काम करती रहूंगी।

बुधवार, 9 दिसंबर 2020

खाकी को समर्पित : सर का मर्तज़मींबा !

- अरुण बंछोर 

म्यूजिक अल्बम सरज़मीं का मर्तबा पुलिस विभाग को समर्पित है इस गाने के माध्यम से ईमानदार पुलिस ऑफिसर के परिवार और फ़र्ज़ के बीच की उलझन  को दिखाया गया है ! बॉलीवुड के जानेमाने सींगर शाहिद मालया ने गाया है ! विवेक भारती और इशिता विश्वकर्मा ने भी अपनी आवाज़ दिया है इस गाने में ! 

हाफ गर्ल फ्रेंड, वेलकम बैक, लवरात्रि जैसे बड़े फिल्मो के लिए गाने लिख चुके   दिग्गज गीतकार  अरफ़ात मेहमूद ने लिखा है इस गाने को ! म्यूजिक रोमी मुखर्जी और अरफ़ात मेहमूद ने दिया है ! इस गाने मे जिन कलाकारो ने काम किया है वो हैं कुंदन सिंह, अनुषा शर्मा, सुनैना दुबे, प्रीत कौर, दीपक सिन्हा ! डायरेक्टर :धीरज ठाकुर, कास्टिंग डायरेक्टर  हर्ष झा, एसोसिएट डायरेक्टर कुणाल सूर्यवंशी हैँ ! इस गाने को प्रोड्यूस किया है साईं विनायक फ़िल्म ने और जिसके फाउंडर हैँ बॉलीवुड अभिनेता कुंदन सिंह !

कुंदन हैँ कीमेरे द्वारा इस कम्पनी की स्थापना का मकसद आर्मी और पुलिस की गौरव गाथा को जन जन तक पहुँचाना है ! देश की पुलिस और आर्मी हीं हमारे असल हीरो हैँ हमें उनको हीं अपना रोल मॉडल मानना चाहिए क्युकी वो धूप बरसात की परवाह किये बगैर अपने परिवार से दूर रहकर हमारी हिफाज़त करते हैँ उनके लिए हमारे दिल मे सम्मान  ज़रूर होनी चाहिए ! लेकिन बड़ी दुख की बात है की कुछ क्रप्ट ऑफिसर्स के कारण लोग पुरे पुलिस विभाग को हीं ग़लत समझने लगे हैँ जबकि हकीकत बिलकुल अलग है,  आज भी देश मे कई ऐसे ऑफिसर्स हैँ जो अपने आप मे एक मिसाल हैँ ! समाज मे पुलिस के प्रति एक ग़लत धारणा बन चुकी है जिसके पीछे सिनेमा का बहुत बड़ा हाथ है सिनेमा मे शुरू से हीं पुलिस की छवि को दागदार दिखाया गया है, मै भी इसी सिनेमा का हिस्सा हुँ और मै सिनेमा के माध्यम से हीं समाज मे पुलिस के प्रति फैली ग़लत धारणा को चेंज करना चाहता हुँ ! जिसके लिए मैंने अपना खुद का प्रोडक्शन हाउस डाला है जो आर्मी और पुलिस के लिए लगातार फ़िल्म और गानो का निर्माण कर रही है !

शुक्रवार, 27 नवंबर 2020

बॉलीवुड में धूम मचा रही है छत्तीसगढ़ की अनुषा

अपने कला के दम पर पहचान बनाने की तमन्ना है



छत्तीसगढ़ की अनुषा शर्मा आज किसी परिचय की मोहताज नही है। भिलाई की इप्टा से अपना कला का सफर शुरू कर आज मुम्बई में अपने अभिनय का लोहा मनवा रही है. धारावाहिक तारक मेहता का उलटा चश्मा,मिमकी मुखिया, लापतागंज, मेरे साईं, ये रिश्ता क्या कहलाता है, कसौटी जिंदगी के , मेरे पापा मेरे हीरालाल, विक्रम बेताल, छोटी सरदारनी, बावले उतावले, ये तेरी गलियां, ये हैं मोहब्बतें, ये हैं चाहतें ,अग्नि फेरा ,ये रिश्ते प्यार के , श्रीकृष्णा , अपना टाईम आएगा , क्राइम पेटोल ,राजस्थनी सीरियल और डीडी नेशनल पर लाल रेखा जैसे कई सीरियलो में अनुषा अपनी कला का जलवा दिखा चुकी है।

उनकी कला में वो जादू है कि जो भी एक बार देखे, उनकी कला के कायल हो जाएंगे। उनकी एक्टिंग में जीवंतता झलकती है. वे कहती है की मन में दृढ़ इच्छा और लगन हो तो कोइ भी काम असम्भव नहीं होता। जो मन में ठान ले उसे पूरा करके ही रहती हूँ। वे अपने कला के दम पर पहचान बनाना चाहती है. अनुषा शर्मा कभी निराशा नहीं होती है और यही उनकी सफलता का राज भी है. अभी वे साई विनायक प्रोडक्शन के साथ गाने करने भिलाई आई हुई हैं. साथ काम करने वाले कलाकरो की एक कोशिश जो हमेशा ही रियल पुलिस और सेना और आर्मी को लेकर फ़िल्म और गाना कर उनका मनोबल बढ़ाना है. अनुषा ने दो छत्तीसगढ़ी फिल्मे भी की है। भकला और भुला झन देवे। वे भोजपुरी और हिंदी फिल्मे भी कर चुकी हैं। अनुषा शर्मा साईं विनायक के गाना करने छत्तीसगढ़ आई थी. इस दौरान वे हमारे दफ्तर भी आई तब हमने हर पहलुओं पर उनसे बेबाक बात की. पेश है बातचीत के सम्पादित अंश.

 

 आपको एक्टिंग के प्रति कैसे दिलचस्पी हुई ?
बचपन से ही शौक था एक्टिंग करने का। स्कूलों में नाटकों में भाग लिया करती थी। बाद में मुझे थियेटर का शौक हुआ। ऐसा करते करते मैंने छत्तीसगढ़ी फिल्मो की ऑर कदम बढ़ाया। उसके बाद मुम्बई चली गयी वहां मेरे अभिनय को देखकर निर्माता तो खुश हुए और मुझे लगातार काम मिलता गया। लोगो को देखकर लगा की मुझे भी इस क्षेत्र में कुछ करना चाहिए।
0 अब तक की आपकी उपलब्धी क्या है?
मैंने 2 छत्तीसगढ़ी फिल्मो में काम किया है और कुछ एल्बम बनाये है। मुम्बई में कई धारावाहिकों में मैंने है जैसे - तारक मेहता का उलटा चश्मा,मिमकी मुखिया, लापता गंज मेरे साईं ये रिश्ता क्या कहलाता है, ये रिश्ते प्यार के , श्रीकृष्णा , अपना टाईम आएगा , क्राइम पेटोल। , कसौटी जिंदगी के ,चाहत ,अग्नि फेरा। इसके अलावा राजस्थानी व् अन्य भाषाओं के भी सीरियल है.
0 आप छत्तीसगढ़ी फिल्मों में अपना आदर्श किसे मानते है?
छालीवुड में काम करने वाले मेरे कोइ आदर्श नहीं है और सभी कलाकार मेरे आदर्श है भी। क्योकि सबसे मुझे कुछ ना कुछ सीखने को ही मिलता है। बॉलीवुड में मुझे राजकपूर पसंद थे
० क्या आप छत्तीसगढ़ी फिल्मों में लौटेंगे ?
०० जरूर अच्छी कहानी हो और भूमिका अच्छी हो तो जरूर छत्तीसगढ़ी फिल्मे करूंगी।
० कैसी भूमिका आपको पसंद है या करना चाहेगी ?
० ऐसी भूमिका करना पसंद करूंगी जिसमे किरदार दमदार हो.महिला प्रधान फिल्मे करना चाहूंगी।


0 क्या आप अपने कामों से संतुष्ट हैं?
हाँ, मैं अपने कामों से पूरी तरह से संतुष्ट हूँ। मैंने जितने भी फिल्मों या धारावाहिकों में काम किया है सभी मेरे जीवन की बेहतर फ़िल्में और सीरियल्स है।
0 कभी आपने सोचा था की फिल्मो को ही अपना कॅरियर बनाएंगे ?
हाँ ! शुरू से ही मै एक्टिंग को कॅरियर बनाने की सोचकर चली हूँ। अब इसी लाईन पर काम करती रहूंगी।
० आपको कभी निराशा हुई है ?
हाँ बहुत बार निराशा हुई है.लेकिन मई निराशा को अपने ऊपर हावी नहीं होने देती।
0 आपका कोई सपना है जो आप पूरा होते देखना चाहती हैं?
अपने कला के दम पर पहचान बनाऊँ तथा लोग मुझे एक अच्छी अभिनेत्री के रूप में जाने , यही मेरा सपना है.

गुरुवार, 22 अक्टूबर 2020

निशा के कला के कायल हैं छत्तीसगढ़िया

 जीवंतता नजर आती है उनके अभिनय में

छालीवुड की चरित्र अभिनेत्री निशा चौबे के अभिनय के यहां के दर्शक कायल हैं. उनके अभिनय में जीवंतता झलकती है.उन्हें सर्वश्रेष्ठ चरित्र अभिनेत्री का अवार्ड भी मिल चुका है। छालीवुड स्टारडम ने उन्हें 2018 का सर्वश्रेष्ठ चरित्र अभिनेत्री का अवार्ड दिया था। वे कहती है कि चरित्र को फिल्म में जीवंत बनाने की पूरी कोशिश करती हूँ। फिल्मो में हर प्रकार की भूमिका निभाना उन्हें पसंद है उनकी तमन्ना इस भूमिका को लगातार आगे भी जीते रहने की है।इस समय उनकी रावत नाच की तर्ज पर बनी गॉसिप खूब पसंद किये जा रहे हैं. महज 13 साल की छोटी सी उमर में अपने नृत्य कला की शुरुवात करने वाली निशा चौबे राजनीति के साथ साथ अब फिल्मो में काम कर रही है। उनके छालीवुड में आने से एक चरित्र अभिनेत्री की कमी पूरी हुई है। निशा में काम करने का जूनून है, वे कहती है कि मन में दृढ़ इच्छा और लगन हो तो कोइ भी काम असम्भव नहीं होता। जो मन में ठान ले उसे पूरा करके ही रहता है। फिल्म आई लव यूं में उनके कामों की तारीफ़ छालीवुड के महानायक मोहन सुंदरानी ने भी की है.

वे समाजसेवा और राजनीति में भी सक्रिय है. निशा छत्तीसगढ़ फिल्म इंडस्ट्री एसोसिएशन के बेमेतरा जिला अध्यक्ष भी है. छालीवुड में काम करने वाली सभी अभिनेत्रियां उनके आदर्श है। क्योकि सबसे उन्हें कुछ ना कुछ सीखने को ही मिलता है। वे अब तक के अपने कामो से पूरी तरह से संतुष्ट है. निशा छत्तीसगढ़ी के साथ भोजपुरी फिल्म में भी अपना जलवा दिखा रही है. मेरी नजर में निशा छत्तीसगढ़ के एक छोटे से कस्बे बेमेतरा में पली बढ़ी और अपनी छोटी सी उम्र में एक बड़ी उपलब्धी हासिल कर ली है। वे कहती है कि फिल्मो में भी बेहतर कॅरियर है और वे फिल्म को ही अपना कॅरियर बनाएगी। छत्तीसगढ़ी फिल्मो में कॅरियर नहीं है कहने वालों को निशा बेहतर जवाब देती है वे कहती है कि काम अच्छा हो तो हर क्षेत्र में कॅरियर बनता है.प्रतिभा को अवसर मिले तो सोने पे सुहागा हो जाता है। वह कहती है कि उनकी तमन्ना एक सफल अभिनेत्री बनने की है। उन्हें छालीवुड में सिर्फ नाम और शोहरत चाहिए। लोगो का प्यार और तालियां मुझे मिला तो मुझे अपार खुशी होगी। साथ ही अपने लोकमंच का संचालन भी सफलतापूर्वक कर रही है.संघर्ष कला को निखारता है निशा ने अपने कला को बढ़ाने के लिए बहुत संघर्ष किया है.

बुधवार, 21 अक्टूबर 2020

माँ बेटे के दर्द भरे जसगीत है “दाई तोर ममता के करजा”


एक बेटा अपनी जन्मदात्री माँ का कर्जा जिंदगी भर नहीं उतार सकता। चाहे वह अपनी माँ के लिए कुछ भी कर लें. निर्माता निर्देशक मनोज दीप ने बहुत ही दर्द भरे जसगीत यूट्यूब पर पेश किया है जिसे सुनकर आँखों में आंसू भर आता है. जसगीत की भावना बहुत ही साफ सुथरी और दिल को छू लेने वाली है.इस जसगीत से बहुत ही प्रेरणा मिलती है.इसमें यह बताया गया है कि “दाई तोर ममता के करजा” मई कैसे उतारूं। जानी मानी कलाकार उर्वशी साहू ने जबरदस्त अभिनय किया है. कॉमेडी के लिए मशहूर चुलबुली अभिनेत्री ने दर्द भरा अभिनय किया है. निर्देशक मनोज दीप को उम्मीद थी कि उर्वशी साहू कॉमेडी के अलावा यह भावुक अभिनय भी बेहतर ढंग से कर लेगी। जिसमे उर्वशी साहू खरा उतरी है.स्वर दिया है विनोद वर्मा ने. गीत सरिता लहरे की है, संगीत दिया है विवेक शर्मा ने और इसे कैमरे में कैद किया है संजय महतो ने.