शनिवार, 31 अगस्त 2019

20 सितम्बर को रिलीज होगी फिल्म "सउत - सउत के झगरा"

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की धूम के साथ ही फिल्म "सउत - सउत के झगरा" का भी धूम रहा. श्रीमंगलमूर्ति श्रीकृष्ण जन्मोत्सव समिति के मंच पर इस फिल्म के कलाकारों ने न केवल जलवा बिखेरा बल्कि लोगों का दिल भी जीत लिया। फिल्म के निर्माता निर्देशक तिलकराज है जो कई फिल्मों एवं एलबमों का निर्देशन कर चुके हैं.
"सउत - सउत के झगरा" के कलाकारों ने डायलॉग, और अपने अभिनय से लोगों का खूब मनोरंजन किया। बाद में सभी कलाकारों का सम्मान भी किया गया. उपासना वैष्णव एवं उर्वशी साहू में फिल्मो में अपने अभिनय का यहां प्रदर्शन किया जिसे लोगों ने खूब सराहा। "सउत - सउत के झगरा" की नायक मशहूर कॉमेडियन सेवकराम यादव ने भी लोगो का खूब मनोरंजन किया। अन्य कलाकारों में संजू साहू, निशा चौबे, संगीता निषाद, दीपक कुमार, फिल्म पत्रकार अरुण बंछोर, केशर सोनकर आदि उपस्थित थे.  जितेन्द्र व लक्की फिल्म प्रोडक्शन के बैरनतले बनी छत्तीसगढ़ी कॉमेडी फिल्म में दर्शकों को फूल कॉमेडी देखने को मिलेगी। यह फि़ल्म नारी प्रधान पर केंद्रित की गई है ,इसके अलावा आज के युवाओं के साथ वर्तमान में होने वाली परिस्थितियों को बड़ी ही सहजता के साथ दिखाया गया है। युवा विषम परिस्थिति आने पर भी अपना आत्मविश्वास बनाए रखें तो उन्हें सफलता अवश्य मिलेगी। इस फिल्म की शूटिंग डोंगरगांव की हसीन वादियों में किया गया है तथा कुछ दृश्य रायपुर शहर में भी किया गया है। तिलकराज ने इस फिल्म पर बहुत ही मेहनत की है. 20 सितम्बर को रिलीज होने जा रही है.

हर तरफ "रंगोबती" की ही चर्चा

दर्शकों को है बेसब्री से इन्तजार
हर तरफ "रंगोबती" की ही चर्चा है ,जी हाँ "रंगोबती" एक फिल्म है जिसका लोगो को बेसब्री से इन्तजार है.लोग अपने स्टार अनुज शर्मा को लड़की के किरदार में देखने के लिए बेताब हैं. उनकी बेताबी का साबरा ख़त्म होने वाला है. निर्माता अशोक तिवारी ने तारीख का ऐलान कर दिया है. यह फि़ल्म 13 सितम्बर को सिने्माघरों में प्रदर्शित होगी। हीरा फिल्म क्रिएशन्स के बैनर तले अशोक तिवारी द्वारा निर्मित तथा पुष्पेंद्र सिंह निर्देशित
फिल्म रंगोबती में प्रेम के कई रूप दिखाई देंगे। एक्शन, रोमांच, रोमांस तथा हास्य के विविध रुप दर्शकों को गुदगुदाने पर मजबूर कर देंगे। सुपर स्टार पद्मश्री अनुज शर्मा का बेहतरीन अभिनय के साथ उनका नारी अवतार दर्शकों का खूब मनोरंजन करेंगे। संगीता निषाद की बंगालन रोल , संजना सोनी, शैलेन्द्र भट्ट की कॉमेडी आपको थियेटर में हंसने पर मजबूर करेगा। निशांत उपाध्याय और प्रदीप शर्मा का अभिनय आपको खूब भायेगा।फिल्म की कहानी का बहुत कुछ शीर्षक ही बयान कर देता है. रंगों वाली युवती (चुलबुली) को रंगोबती कहा जाता है. यह संबलपुरी शब्द है. जिसका रंगोबती गीत पश्चिम ओडि़शा की धरोहर ही है. इसमें पुष्पेंद्र सिंह के कमाल का निर्देशन देखने को मिलेगा। इसके नायक अनुज शर्मा तथा नायिका लेजली त्रिपाठी हैं, जो रंगरसिया में अपने अभिनय का जलवा दिखा चुके हैं. इसमें प्रदीप शर्मा ,संगीता निषाद, संजना सोनी और निशांत उपाध्याय का अभिनय दर्शकों को हंसने पर मजबूर करेगा। इनके अलावा राजू पांडेय, अन्नू शर्मा, रज्जू चंद्रवंशी,  उपासना वैष्णव आदि मंजे हुए कलाकारों ने बेहतरीन अभिनय किया है.  फि़ल्म में अशोक तिवारी के सुमधुर गीत, सुनील सोनी के कर्णप्रिय संगीत जॉनसन अरुण के दमदार संवाद, दिनेश ठक्कर के छायांकन तथा निशांत उपाध्याय की कोरियोग्राफी। पुष्पेंद्र सिंह ने फिल्म को शानदार बना दिया है. अशोक तिवारी व पुष्पेन्द्र सिंह की रंगरसिया को देखकर कहा जा सकता है कि रंगोबती भी दर्शकों की उम्मीदों पर खरा उतरेगी।
रंगोबती का हर किरदार दमदार है
रंगोबती का हर किरदार दमदार है. हम यह इसलिए कह रहे हैं क्योकि फिल्म के डायरेक्टर पुष्पेंद्र सिंह हैं जो अपनी फिल्म में किसी प्रकार का समझौता नहीं करते। चाहे वह कलाकार का चयन हो या वेशभूषा हो या अन्य कोइ सुविधाएं हो. फिल्म की बेहतरी के लिए जो चाहिए वे सब करते हैं. इस फिल्म की सबसे अच्छी बात यह है कि कलाकारों का चयन पात्र के अनुसार ही हुआ है. निर्माता कोइ नाम सुझाते थे और वह पात्र पर फिट नहीं बैठते तो तो निर्देशक पुष्पेंद्र सिंह साफ़ मना कर देते थे. यही एक अच्छे निर्देशक का सबसे बड़ा गुण है.फिल्म में सभी स्टार कास्ट हैं. नायक अनुज शर्मा को तो आप जानते ही हैं. वे सुपर स्टार हैं ही और एक अच्छे गायक भी. वे पहली बार महिला के किरदार में दिखेंगे। नायिका लेजली त्रिपाठी बॉलीवुड फेम है. वे एक ऐसी नायिका है कि उनकी अदाकारी छत्तीसगढ़ में सबसे बेहतर है. फिल्म में शैलेन्द्र भट्ट और संगीता निषाद की जोड़ी दर्शकों को खूब हंसाएगी। दोनों ही कलाकार नए रूप में नजर आएंगे। संजना और निशांत उपाध्याय ने तो  कमाल ही किया है. ये भी लोगों का मनोरंजन करते नजर आएंगे। इनके अलावा सभी कलाकारों की भूमिका दमदार है. कहानी प्यार और रोमांस पर आधारित है. हम विस्तार से नहीं बताएँगे। इसे जानने के लिए आपको टाकीज तक जाना होगा।

"रंगोबती", सायकल रेस का आनंद के सकेंगे दर्शक

छत्तीसगढ़ी फिल्म "रंगोबती" में आप सुपरस्टार अनुज शर्मा को एक लड़की के किरदार में तो देखेंगे ही, साथ ही कई मनोरंजक दृश्य भी इस फिल्म में आपको देखने को मिलेगा।  इसमें से एक है सायकल रेस. पहले गाँवों और स्कूलों में सायकल रेस बहुत हुआ करते थे धीरे धीरे यह परम्परा ख़त्म होती जा रही है. इसी को दर्शकों के दिलों
में जि़ंदा रखने की कोशिश फिल्म "रंगोबती" में की गयी है. अशोक तिवारी निर्मित फिल्म में निर्देशक पुष्पेंद्र सिंह ने बड़ी ही खूबसूरती से सायकल रेस को फिल्माया है जिसमे अनुज शर्मा लड़की के भेष में सायकल चलाते हुए नजर आएंगे। दरअसल यह सायकल रेस लड़कियों के लिए आयोजित होती है जिसमे अनुज शर्मा भी भाग लेते हैं. नायिका लेजली त्रिपाठी, संगीता निषाद, संजना सोनी और कुछ लडकियां सायकल रेस में नजर आएंगी। फिल्म निर्देशक पुष्पेंद्र सिंह की सोच छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परम्परा को बढ़ावा देती है. फि़ल्मी कलाकार अलग अलग भेष में सायकल चलाते हुए दर्शकों का मनोरंजन करेंगे। डायरेक्टर पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि इस दृश्य को शूट करने का भी अच्छा खासा अनुभव रहा. ग्राम पंदर में इसकी शूटिंग हुई , गाँव की लडकियां खुद सायकल लेकर आई थी , लड़कियों के साथ अनुज शर्मा और तीन चार लड़कों ने भी साड़ी पहनकर इसमें भाग लिया , अब कौन जीता यह जानने के लिए आपको फिल्म देखने टाकीज तक जाना होगा। सायकल रेस के दौरान ब्लास्ट का भी सीन है, इस ब्लास्ट में अनुज शर्मा को हल्की चोटें आई थी. पूरे दृश्य ड्रोन से शूट किये गए. शूटिंग में डायरेक्टर और कलाकारों को खूब पसीना बहाना पड़ा है इसलिए उनके उत्साहवर्धन के लिए फिल्म जरूर देखें।

"रंगोबती" भरपूर मनोरंजक फिल्म

दर्शकों की पसंद को ध्यान में रखा गया है - संगीता
छत्तीसगढ़ी फिल्म "रंगोबती" को लेकर दर्शकों में अभी से बहुत उत्साह है जो बेसब्री से इन्तजार कर रहे हैं क्योकि यह फिल्म है ही बेहतरीन। फिल्म को दर्शकों की पसंद को ध्यान में रखकर ही बनाया गया है. यह कहना है फिल्म में बंगालन महिला का किरदार निभाने वाली संगीता निषाद का. संगीता गायिका और रंगकर्मी से
फिल्मों में आई है.वे एक उम्दा कलाकार है जो अपने अभिनय से लोगो में विशेष पहचान बनाई है. शुरू शुरू में संगीता जरूर छोटी छोटी भूमिका करती थी लेकिन अब संगीता को बड़ी बड़ी भूमिकाएं मिलने लगी है. संगीता फिल्म "रंगोबती" एक ऐसी महिला का किरदार निभा रही है जो धर्म और पूजा पाठ में ज्यादा विशवास रखती है. अपने पति तक को रोजाना भगवान् के अलग अलग रूप में देखती है.संगीता और शैलेन्द्र भट्ट की कॉमेडी दर्शकों को हंसा हंसाकर लोटपोट कर देगी, इसमें कोइ दो राय नहीं। इनकी अदाकारी दर्शकों को खूब भाएगी। संगीता बताती है की "रंगोबती" फिल्म में सभी मसाला है यही कारण है कि हमें फिल्म से बहुत ही उम्मीद है। इसकी शूटिंग भी खुशनुमा माहौल में हुई है. सेट पर हम लोग खूब मस्ती करते थे. सुपरस्टार अनुज शर्मा के साथ काम करने का खासा अनुभव हुआ है।  मुझे ही नहीं सबको कुछ ना कुछ सीखने को मिलता ही है. पुष्पेंद्र सिंह के निर्देशन में काम करना भी हमारे लिए गर्व की बात है. फिल्म "रंगोबती" क्यों ख़ास है इस पर संगीता निषाद कहती है कि फिल्म में एक्शन, प्यार मोहब्बत, मारधाड़, कॉमेडी, संस्कृति परम्परा जैसी दृश्य हैं इसलिए फिल्म ख़ास है. शैलेन्द्र भट्ट, निशांत उपाध्याय, प्रदीप शर्मा दर्शकों को हसांयेंगे। खुद अनुज शर्मा एक नए अंदाज में है जो फिल्म को सुपर बनाता है.

कॉमेडी फिल्म ही करना चाहेंगे दीपक कुमार

"सऊत- सऊत के झगरा" से है बहुत उम्मीद 
छत्तीसगढ़ी फिल्म कका से छालीवुड में कदम रखने वाले दीपक कुमार को अपनी आने वाली फिल्म "सऊत- सऊत के झगरा" से बहुत ही उम्मीद है. वे कहतें हैं कि यह एक कॉमेडी फिल्म है जो जनता का मनोरंजन करेगी। फिल्म में दो शादी ना करने का सन्देश है उसमे बताया गया है कि दो शादी से क्या क्या समस्याएं आती है और
क्या नुक्सान होता है. दो शार्ट फिल्मे कर चुके दीपक कुमार कहतें हैं वे भविष्य में ऐसी ही कॉमेडी फिल्मे ही करना चाहेंगे। मशहूर निर्देशक सतीश जैन के साथ काम करने की उनकी तमन्ना हैं. पुष्पेंद्र सिंह, मनोज वर्मा को भी वे एक अच्छे निर्देशक मानते हैं. दीपक कुमार प्रारंभ में तो इप्टा से जुडे रहे और अब वह कॉमेडी फिल्म के जरिये छालीवुड में अपनी पहचान बनाना चाह रहे हैं। उनकी छत्तीसगढ़ी फिल्म सउत-सउत के झगरा रिलीज होने वाली है। जल्द ही यह फिल्म पर्दे पर रिलीज होगी। हमर छालीवुड और छालीवुड स्टारडम के दफ्तर पहुंचे अभिनेता दीपक कुमार ने बताया कि इसके पहले उन्होंने छत्तीसगढ़ी फिल्म कका में भी लीड रोल किया था। उन्हें उम्मीद है कि कॉमेडी पर आधारित यह फिल्म दर्शकों के बीच लोकप्रिय होगी और नई पहचान बनायेगी। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि छत्तीसगढ़ में थियेटरों की संख्या बढ़ाने की जरुरत है। इसके लिए सरकार को अपनी नियमावली शिथिल करनी होगी। जब तक राज्य की सरकार छॉलीवुड को सपोर्ट नहीं करेगी तब तक इस इंडस्ट्री में बूम नहीं आ सकेगा। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति में संगीत रचा-बसा है। ऐसे में छत्तीसगढ़ी फिल्मों की व्यापक संभावना है और राज्य सरकार को इस दिशा में नीति बनानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि छॉलीवुड में युवा कलाकारों का भविष्य काफी अच्छा है।

मंगलवार, 20 अगस्त 2019

"राजा भैया एक आवारा" से बहुत उम्मीद है अभिनेता लाभांश तिवारी

श्याम टाकीज के संचालक लाभांश तिवारी को छालीवुड में सभी जानते हैं.लेकिन एक बेहतर अभिनेता के रूप में आप शायद ही जानते होंगे। जी हाँ लाभांश तिवारी एक अच्छे अभिनेता भी है. फिल्म "राजा भैया एक आवारा" में निर्माता निर्देशक इरफ़ान खान ने उन्हें तराशा तो एक शानदार हीरा छालीवुड को मिला। वे सुपर स्टार अनुज शर्मा के साथ कलाकारी करते नजर आएंगे। लाभांश कहते हैं कि मन में दृढ़ इच्छा और लगन हो तो कोइ भी काम असम्भव नहीं होता। जो मन में ठान लेता हूँ उसे पूरा करके ही रहता हूँ। छालीवुड में काम करने वाली सभी एक्टर उनके आदर्श है। उन्हें "राजा भैया एक आवारा" फिल्म से बहुत ही उम्मीद है. उनका मानना है कि सबसे मुझे कुछ ना कुछ सीखने को ही मिलता ही है। वे अपने कामो से पूरी तरह से संतुष्ट है। उनका मानना है कि निर्देशक इरफ़ान खान ने उन पर जो भरोसा जताया है उसमे खरा उतरने की पूरी कोशिश की है. उन्होंने मुझ पर बहुत ही मेहनत किया है इसलिए मै उनका आभारी हूँ. अनुज शर्मा के साथ काम करने का अनुभव शानदार रहा.
 लाभांश को कभी निराशा नहीं होती और ना ही वे किसी की नक़ल करना चाहते हैं , अपने बलबूते पर ही आगे बढऩा चाहते हैं। उनसे हमने हर पहलुओं पर बात की है. पेश है बातचीत के सम्पादित अंश.
0 आपको एक्टिंग के प्रति कैसे दिलचस्पी हुई ?
बचपन से शौक था एक्टिंग करने का। छोटे मोटे अभिनय करता ही रहता था। फिर छालीवुड में कलाकारों को देखकर लगा की मुझे भी इस क्षेत्र में कुछ करना चाहिए। इरफ़ान खान जी को मुझसे अभिनय करा लेने की उम्मीद थी।  और हम सफल है या नहीं दर्शक बताएँगे फिल्म "राजा भैया एक आवारा" देखकर।
0 कैसे और कहाँ से आपने एक्टिंग का सफर शुरू किया?
बचपन में मै स्कूल में ड्रामा किया करता था। बाद में मुझे नाटकों का शौक हुआ। "राजा भैया एक आवारा" मेरी पहली बड़ी फिल्म है मई आभारी हूँ अपने सभी कलाकार साथियों का जिन्होंने मुझे सहयोग किया।
0 "राजा भैया एक आवारा" से आपको कितनी उम्मीद है ?
बहुत उम्मीद है। यह मेरे जीवन की पहली ऐसी फिल्म है जिसमे मैंने सेकण्ड हीरो का किरदार निभाया है. बहुत ही अच्छी फिल्म है इसमें सब कुछ है एक्शन, रोमांस, स्टोरी, शानदार गीत, कर्णप्रिय संगीत।  कुल मिलाकर शानदार फिल्म है इसलिए बहुत उम्मीद है.
0 छालीवुड को फिल्म सिटी चाहिए या फिर प्रदेश भर में थियेटर ?
दोनों, फिल्म सिटी बन जाए और थियेटर ना हो तो भी परेशानी है।  इसलिए दोनों ही चाहिए।
0 आप छत्तीसगढी फिल्मों में अपना आदर्श किसे मानते है?
छालीवुड में काम करने वाली सभी एक्टर उनके आदर्श है। क्योकि सबसे मुझे कुछ ना कुछ सीखने को ही मिलता है।
0 क्या आप अपने कामों से संतुष्ट हैं?
हाँ, मैं अपने कामों से पूरी तरह से संतुष्ट हूँ। "राजा भैया एक आवारा" मेरे लिए मेरे जीवन की सबसे बेहतर फिल्म है।
0 आप किस कलाकार को फॉलो करते है?
मैं किसी की नक़ल नहीं करना चाहते और अपने बलबूते पर ही आगे बढऩा चाहते हैं। सब मेरे लिए अच्छे है पर मै किसी को भी फॉलो नहीं करता।



बुधवार, 19 जून 2019

डॉ सहाय क़ा देश भर में जलवा

छत्तीसगढ़ का गौरव , कई एवार्ड और सम्मान से विभूषित

छत्तीसगढ़ का शान कहे या गौरव डॉ अजय सहाय का देश भर में जलवा है खासकर मायानगरी मुम्बई में तो ज्यादा ही जलवा है. मुम्बई में ग्लोबल सहित बेस्ट अभिनेता का भी अवार्ड डॉ सहाय हासिल कर चुके है. अभी हाल ही में उन्हें सूरत में PRESTIGIOUS INDIAN OF THE YEAR AWARD 2019 से नवाजा गया. रायपुर की संस्थाएं तो उन्हें अवार्डों से नवाजती रहती है. कोरबा प्रेस क्लब ने भी प्रेस से मिलिए कार्यक्रम में उन्हें सम्मानित किया है.
मुम्बई में एक ब्यूटी कांटेस्ट मेँ डॉ सहाय को बतौर सेलेब्रेटी गेस्ट आमंत्रित किया गया । प्जहां वे मशहूर विलेन प्रेम चोपड़ा के साथ नजर आये. छत्तीसगढ़ में उनकी लोकप्रियता का अंदाजा कि हर बड़े बैनर की फिल्म में उनका रोल पक्का होता है. हंस झन पगली फंस जबे अभी खूब धूम मचा रही है, आई लव यूं 2 , लोरिक चन्दा से लेकर तमाम फिल्मों में उनका जोरदार अभिनय है. उन्हें अवार्डों का बादशाह भी कहा जाता है. अब तक वे करीब 150 से अधिक अवार्ड अपने नाम कर चुके हैं. यही नहीं वे देश के मशहूर हृदयरोग विशेषज्ञ हैं.नायक ,खलनायक ,लेखक ,निर्देशक साहित्यकार, कवि, रंगकर्मी, पटकथा जैसे अनेक कला किसी एक व्यक्ति में हो ऐसे बिरले ही होते है और यह सब कला है डॉ अजय मोहन सहाय में। छत्तीसगढ़ी फिल्मो का वे एक आधार स्तम्भ है। उन्होंने एक नहीं कई भाषाओं की फिल्मो में अभिनय कर सबके सामने एक चुनौती पेश की है। पांच भाषाओं में अभिनय करना भी एक रिकार्ड है। जितने अच्छे वे मधुमेह व् हृदयरोग विशेषज्ञ है उतने ही बेहतर कलाकार है। छालीवुड में डॉ सहाय एक ऐसे नायक खलनायक लेखक ,निर्देशक है जिन्होंने फिल्म उद्योग पर हर भूमिका में एकछत्र राज कर रहे हैं और अपने अभिनय का लोहा मनवाया है।
उनके स्वाभाविक अभिनय और प्रतिभा की पराकाष्ठा ही थी कि लोगों के बीच वे काफी लोकप्रिय हैं।  उन्होंने जितने भी फिल्मों में रोल किया उसे देखकर ऐसा लगता है कि उनके द्वारा अभिनीत पात्रों का किरदार केवल वे ही निभा सकते थे। उनकी अभिनीत भूमिकाओं की यह विशेषता रही है कि उन्होंने जितनी भी फिल्मों मे अभिनय किया उनमें हर पात्र को एक अलग अंदाज में दर्शकों के सामने पेश किया। रूपहले पर्दे पर डॉ सहाय ने जितने रोल किए उनमें वह हर बार नए तरीके से संवाद बोलते नजर आए। अभिनय करते समय वे उस रोल में पूरी तरह डूब जाते हैं।