शनिवार, 23 अप्रैल 2016

फिल्मों को ही करियर बनाएंगी अनिकृति

माता-पिता को गर्व है इस बेटी पर
छालीवुड में एल्बम से फिल्मो में कदम रखने वाली नायिका अनिकृति चौहान की तमन्ना छालीवुड में बहुत कुछ करने की है। वे कहती है कि मन में दृढ़ इच्छा और लगन हो तो कोइ भी काम असम्भव नहीं होता। फिल्मों में काम करने का अनिकृति चौहान को कोइ शौक नहीं था लेकिन अपने दोनों चाचा आनंद और
लक्ष्मण चौहान की प्रेरणा से फिल्मों में आई और अब फिल्मों को ही करियर बनाना चाहती है। वे कहती है कि छत्तीसगढ़ी फिल्मो में गुणवत्ता हो तो जरूर थियेटरों में चलेगी।
0 आपको एक्टिंग का शौक कब से है ?
00 चार साल हुए है मुझे छालीवुड में आये। एक्टिंग का शौक नहीं था। पर एल्बम करने के बाद आफर मिला तो फिल्में करने लगी।
0 छालीवुड की क्या सम्भावनाये है?
00 बेहतर है। आने वाले समय में यहां की फिल्मे बॉलीवुड की तरह ही चलेंगी।यहां फिलहाल दर्शकों की कमी है। लोगो में अपनी भाषा के प्रति वो रूचि नहीं है जो होनी चाहिए । थियेटरों  की कमी को सरकार पूरा करे।
0 तो छालीवुड की फिल्मे दर्शकों को क्यों नहीं खीच पा रही है?
00 क्योकि यहां की फिल्मो में बहुत सारी कमियां होती है। फिल्मो में वो गुणवत्ता नहीं होती जो यहां के लोगो को चाहिए। प्रोड्यूसरों को इस और ध्यान देने की जरुरत है।
0 फिर मौका कैसे मिला और आपके प्रेरणाश्रोत कौन है ?
0 एल्बम में काम करने के बाद लोगो ने मेरा अभिनय देखा और फिल्मो में मौका दिया। मेरे दोनों चाचा ही मेरे प्रेरणाश्रोत है जो हर पल मेरे साथ होते है।
0 कभी आपने सोचा था की फिल्मो को ही अपना कॅरियर बनाएंगे ?
00 हाँ ! शुरू में तो नहीं सोची थी पर अब मै एक्टिंग को कॅरियर बनाने की सोचकर चली हूँ। अब इसी लाईन पर काम करती  रहूंगी।
0  छालीवुड फिल्मो में आपको कैसी भूमिका पसंद है या आप कैसे रोल चाहेंगे।
00 फिल्मों में लीड रोल ही करना चाहूंगी। छातीसगढी फिल्मों के अलावा हिन्दी  फिल्मों का आफर मिला तो वे जरूर करना चाहेंगी।
0 सरकार से आपको क्या अपेक्षाएं हैं?
00 सरकार छालीवुड की मदद करे। टाकीज बनवाए, नियम बनाये। छत्तीसगढ़ी फिल्मो को सब्सिडी दें ताकि कलाकारों को भी अच्छी मेहनताना मिल सके।
0 आपका कोई सपना है जो आप पूरा होते देखना चाहती हैं?
00 छालीवुड में कुछ करके दिखाना चाहती हूँ। छालीवुड स्टारडम सिने अवार्ड में मुझे सर्वश्रेष्ठ नवोदित अभिनेत्री का अवार्ड मिला जिससे मेरा हौसला और बढ़ा है। मेरे माता-पिता और पूरा परिवार मुझ पर गर्व करने लगा है। मै उनकी उम्मीदों पर खरा उतरकर दिखाना चाहूंगी। सच बताऊँ अवार्ड समारोह में जाने में मुझे डर लग रहा था। सबके जिद्द पर गयी और आज सब मुझ पर गर्व कर रहे हैं।

बच्चों में खासी लोकप्रिय है मोना

छत्तीसगढ़ी फिल्मों की सुपर स्टार मोना सेन बच्चों में काफी लोकप्रिय है। वे जहां भी जाती है लोग उन्हें घेर लेते हैं। मोना भी अब समाजसेवा में जूट गयी है। कुछ सालो से दुर्ग और महासमुंद में गरीब बच्चों को गोद लेकर उनके शिक्षा दीक्षा एवं लालन पालन का खर्चा उठा रही है। अब मोना नक्सल प्रभावित बस्तर के सुदूर अंचल में जाकर सात बच्चों को गोद ली है। उनके शिक्षा दीक्षा एवं लालन पालन का खर्चा खुद उठाएंगी तथा उन्हें उनके पैरों पर खड़ा करेंगी। मोना कहती है कि ऐसा करने से उन्हें बहुत ही सुकून मिलता है। भविष्य में वे उन क्षेत्रों में जाएंगी जहां सरकारी मिशनरी नहीं पंहुच पाई है। मोना एक ऐसी अभिनेत्री है जिसका जलवा आज भी छत्तीसगढ़ के गाँवों में देखने को मिलता है। उन्हें तमाम सम्मान मिल चुका है कौशिल्या माता सम्मान , मिनीमाता सम्मान , नारी शक्ति सम्मान सहित उनके पास अनगिनत सम्मान प्राप्त है।

उभरते नायिका

नाम -तान्या तिवारी
उम्र  - 25 साल
मॉडलिंग से अभिनेत्री बनी
पहली फिल्म - भोजपुरी
छत्तीसगढ़ी फिल्म - 3

नाम -एलीना डेविड मसीह
पिता - दीपक मसीह
उम्र  - 22 साल
फिल्म - हिन्दी तेलुगु एक -एक
छत्तीसगढ़ी - 3 , तहलका - भोजपुरी
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नाम - अनुकृति चौहान
उम्र - 20 साल
फिल्म - आये हम बाराती
अवार्ड - बेस्ट डेब्यू एकट्रेस
माता पिता को गर्व है इस बेटी पर

नाम - दिव्या यादव
उम्र - 23 साल
पिता का नाम - बलराम सिंह यादव
माँ का नाम - नीलम यादव
डेब्यू मूवी - दबंग देहाती
हॉबी - डांसिंग
लक्ष्य - अपने माता पिता का नाम रोशन करना अच्छा नाम कमाना और अच्छी ऐक्ट्रेस बनना ।

नाम -अंजना दास
जन्म - 13 मई1994
डेब्यू मूवी- असली संगवारी
शौक - फिल्मों में काम करना
लक्ष्य - सर्वश्रेष्ठ नायिका बनना

नारी प्रधान फिल्म बनाने की योजना है : क्षमानिधि

खुद का दर्द भी कर सकता हूँ बयाँ
छत्तीसगढ़ी फिल्म इंडस्ट्री का एक बड़ा नाम है क्षमानिधि मिश्रा, जिसकी धमक बॉलीवुड में भी सुनाई देती है। जहाँ भी जाते हैं, कुछ न कुछ जुगाड़़ कर ही आते हैं। सदी के महानायक अमिताभ बच्चन, आमिर खान जैसे कलाकारों के साथ काम करने का उन्हें मौका मिला है। वे सिर्फ कलाकार नहीं है बल्कि बहुप्रतिभा के धनी है। वे जितने अच्छे अभिनेता है उतने ही अच्छे गायक, गीतकार, लेखक, निर्माता, निर्देशक और कॉमेडियन भी है। वे जल्द ही एक नई नारी प्रधान फिल्म बनाने की योजना लेकर चल रहे है। उनका कहना है कि उस फिल्म में हो सकता है नायक ही ना हो। खुद के आंतरिक दर्द भी हो सकता है उस  फिल्म में। उनसे हमने हर पहलूओं पर बात की है।
0 आपकी फिल्म ऑटो वाले भांटो प्रदर्शन से पहले ही चर्चित हो गयी है। इससे आपको क्या उम्मीद है?
00 101 फीसदी उम्मीद है की लोग इस फिल्म को पसंद करेंगे? आशा से ज्यादा।
0 इस फिल्म की खासियत क्या है?
00 खासियत ही खासियत है । रोमैंस है कॉमेडी है , कर्णप्रिय गीत है , सुमधुर संगीत है। सभी प्रकार के मसाले हैं।
0 भविष्य की क्या योजना है?
00 एक नारी प्रधान फिल्म बनाने की है। नायकों को लेकर तो सभी फिल्म बनाते है मै कुछ हटकर करना चाहता हूँ। माँ -बेटी के भावनात्मक रिश्ते को लेकर फिल्म बनाऊंगा जिसमे खुद का दर्द भी शामिल हो सकता है। जिंदादिली के साथ जीता हूँ पर आतंरिक दर्द भी है।
0 ऑटो वाले भांटो फिल्म में आपने रायपुर को नए अंदाज में दिखाया है?
00 इस फिल्म में नई तकनीक है जो इसे 50 गुना ज्यादा बेहतर नबनाता है। अच्छी साउंड है। रायपुर को अच्छे ढंग से फिल्माया गया है। नया रायपुर भी दिखेगा और पुराना भी। छत्तीसगढ़ी क्रान्ति है यह फिल्म।
0 आप हमेशा प्रयोग करने के लिए जाने जाते हैं?
00 जरूर ,प्रयोग करते रहता हूँ। नई विधा को छत्तीसगढ़ में मैंने लाया। गाने में नया आधुनिक संगीत का प्रयोग मैंने किया आज सब वही कर रहे हैं।
0 सरकार से क्या मदद चाहिए?
00 छालीवुड को सरकार से सिर्फ इनडोर स्टूडियो चाहिए बस। प्राकृतिक संसाधन बहुत है। नहीं है तो थाना ,अस्प्ताल आदि जिसके लिए इनडोर स्टूडियो चाहिए। मिनी थिएटर चाहिए। सब्सिडी या लीज में ही दे दे। नहीं चाहिए निगम मंडल इससे कुछ नहीं होने वाला है। फिल्म इंडस्ट्री को उद्योग का दर्जा मिले।

पूरी तरह से कॉमेडियन फिल्म है ऑटो वाले भांटो

नारी के हर गुण का चित्रण है
छालीवुड के सफल निर्माता क्षमानिधि मिश्रा ने निर्देशन में बनी फिल्म  ऑटो वाले भांटो बनकर प्रदर्शन के लिए तैयार है। यह फिल्म अब तक बनी सभी छत्तीसगढ़ी फिल्मों से जऱा हटकर है। विशुद्ध रूप से यह कॉमेडियन फिल्म है , लेकिन एक पति पत्नी के बीच भावनात्मक सम्बन्ध को बेहतर ढंग से फिल्माया गया है। इसमें रोमांस, हास्य , मारपीट , एक्शन सहित सारे मसाले शामिल किये गए हैं। इस फिल्म का सकारात्मक पक्ष है गीत संगीत और कोरियोग्राफी।  ऑटो वाले भांटो में जितने भी कलाकार है सब अपना छाप छोड़कर जाता है , यह फिल्म की खासियत है।
निर्माता निर्देशक श्री मिश्रा ने बताया कि फिल्मों में हीरोइनों को निरीह बताया जाता हैलेकिन इस फिल्म में नारी को ही सबल बताया है। नारी की भावना और उनके जितने रूप हो सकते थे सब हमने दिखाया है यह फिल्म ही सबसे हटकर है। उपासना वर्षों से चरित्र अभिनेत्री की भूमिका निभाती रही है उसमे बहुत ही कलात्मक गुण है । हमने सारे गुण बाहर निकाला है। नायिका से हमने डांस कराया है तो फाइट भी कराया है। अभिनेत्री उपासना वैष्णव और सह अभिनेत्री उर्वशी साहू वास्तविक जीवन में अच्छी सहेली है वही हमने इस फिल्म में भी दिखाया है। पल में हंसना ,पल में झगडऩा , पल में समझौता करना ये सब हमने परदे पर दिखाया है जिसे दर्शक खूब इंज्वाय करेंगे। श्री मिश्रा ने बताया कि शूटिंग के दौरान हमने इन दोनों कलाकारों को खूब आजादी दी थी। चार लाएं का संवाद देकर मै दृश्य का सार बता देता था और कह देता था कि तुम लोग जो अच्छा कर सकते हो करो और ये लोग उतने ही बेहतर ढंग से अपना किरदार पूरा करती थी। ये खासियत है इन दोनों कलाकारों की।सीमा सिह अलग रूप में नजर आएंगी । इस फिल्म में दो बड़े नायक है सुनील तिवारी और करन खान। अलग अलग किरदार को दोनों ने बखूबी निभाया है।

संकट के दौर में भी बन रही है छत्तीसगढ़ी फिल्मे

 न सुविधाएं , न सरकारी मदद
छालीवुड में संकट का दौर अभी भी जारी है। फिल्में बनती है और लागतें नहीं निकल पाती फिर भी निर्माता साहस दिखा रहें है। हर साल औसतन दस फिल्में बन रही है। इसके अलावा भोजपुरी और हिन्दी फिल्में भी छत्तीसगढ़ में बन रही है। ना यहां किसी प्रकार की सुविधाएं है और ना ही सरकारी मदद। फिल्म निर्माताओं के हौसले और जज्बों की तारीफ़ ही करनी होगी जो बिना सुख सुविधाओं के फिल्में लगातार बना रहे है। आज हम यहाँ बनी अब तक की छत्तीसगढ़ी फिल्मों की ही बातें कर रहे हैं।
(1) कही देबे सन्देश (2) घर द्वार (3) मोर छइयां भुइयां (4) मया देदे, मया ले ले (5) मयारू भौजी (6) अंगना (7) छत्तीसगढ़ महतारी (8) कारी (9) तुलसी चौरा (10) झन भुलव मां बाप ला (11) मया (12) टूरा रिक्शावाला (13) लैला टिपटॉप, छैला अंगूठा छाप (14) भांवर (15) मया देदे मयारू (16) परदेशी के मया (17) मया (18) अब्बड़ मया करथंव (19) माटी के लाल (20) बैरी के मया (21) बिदाई (22) जय महामाया (23) बंधना (24) भकला (25) तीजा के लुगरा (26) गजब दिन भइगे (27) मिस्टर टेटकूराम (28) महूं दीवाना, तहूं दीवानी (29) हीरो न. 1 (30) टूरी न. 1 (31) लेडग़ा नं. 1 (32) छत्तीसगढिय़ा सबले बढिय़ा (33) मितान 420 (34) गुरांवट (35) अब मोर पारी हे (36) ऐ मोर बांटा (37) बैर (38) भुइयां के भगवान (39) घर द्वार (नई) (40) तरी हरी ना ना (41) दिल तोर दीवाना हे (42) कंगला होगिस मालामाल (43) किसान-मितान (44) संगवारी (45) मया के बरखा (46) मोंगरा (47) मोर धरती मईया (48) मोर गांव (49) मोर संग चलव (50) मोर गंवई गांव (51) मोर संग चल मितवा (52) मोर सपना के राजा (53) नैना (54) परशुराम (55) प्रीत के जंग (56) रघुबीर (57) तोर आंचल के छइयां तले (58) तोर मयां के मारे (59) तोर मया म जादू हे (60) तोर संग जीना संगी, तोर संग मरना (61) मोहनी (62) सजना मोर (63) किस्मत के खेल (64) मोर करम मोर धरम (65) अजब जिनगी गजब जिनगी (66) भोला अऊ शंकर (67) पहुना (68) मया के डोरी (69) बईरी सजन (70) दुल्हिन बना के ले जा (71) मोर दुलरवा (72) टूरा अनाड़ी तभो खिलाड़ी (73) जरत हे जिया मोर (74) गुरु बाबा घासीदास (75) गौना (76) डांड (77) पठौनी के चक्कर (78) गुहार रामराज के (79) अनाड़ी संगवारी (80) मया के बंधना (81) सीता (82) मया हो गे रे । 83 राजा छत्तीसगढिय़ा 84 . माटी मोर मितान , 85 महतारी के बँटवारा  86 .एक अउ अर्जुन 87 . सिधवा सजन , 88 तोर खातिर , 89 .राम बनाही जोड़ी 90 छलिया, 91 असली संगवारी (92) जय बम्लेश्वरी मइया (93 ) भोला छत्तीसगढिय़ा (94) सरपंच (95 ) दू लफाड़ू (96) गदर मताही (97) कका (98 ) मोहि डारे रे (99) गोलमाल (100) परेम के जीत (101) सलाम छत्तीसगढ़ (102 ) महतारी(103 ) मया के घरौंदा (104 ) तोला ले जाहू उढ़रिया (105 ) सोन चिरैय्या (106 ) दाई (107) धरती पुत्र   (108) दबंग देहाती(109 ) मया के मंदिर (110) मया 2 (111) मोर डौकी के बिहाव (112) ऑटो वाले भांटो (113) पागल (114) बेलबेलही टूरी (115) आये हम बाराती।
डब फि़ल्में
(116 ) संग म जीबो संग म मरबो, (117 ) मोर सैंया (118 ) अनाड़ी संगवारी, (119 ) चंदन बाबू, (120 ) हर हर महादेव, (121)लेडग़ा ममा (122) लोरिक चंदा, (123 ) मन के बंधना,(124) मया मा फूल मया मा कांटे, (125) माटी मोर महतारी, (126)पुन्नी के चंदा, (127) सीता,

अप्रदर्शित फिल्मों में
प्रदर्शित फिल्मों की सूची के साथ ही निर्माणाधीन अप्रदर्शित फिल्मों में (1) बही तोर सुरता म (2) तोर मोर यारी (3) प्रेम सुमन (4) राजा छत्तीसगढिय़ा 2 (5) दीवाना छत्तीसगढिय़ा (6) चक्कर गुरूजी के (7) (8) जागो रे (9) संगी रे (10) (11) धुरंधर (12) किरिया (13)  बेर्रा (14) मया के धरांैदा (15) नचकारिन (16) छैला (17) कोयला (18) मेहंदी तोर नाम की (19) तोला ले जाहू उढ़रिया (20) सोन चिरैय्या (21) अंजोर (22) मया के सौगंध (23) फुलकुंवर (24) नागिन के मया।

स्पॉट ब्वाय से हीरो बना आर्यध्वज

बेहतरीन अभिनय से सर्वश्रेष्ठ नवोदित अभिनेता का अवार्ड
फिल्म राजा छत्तीसगढिय़ा में सुपर स्टार अनुज शर्मा के दोस्त की भूमिका में नजर आने वाले आर्यध्वज ने बहुत ही कम समय छालीवुड में अपनी पहचान बना ली है। स्पॉट बॉय से उन्होंने अपना करियर शुरू किया था, फिर एल्बम में काम किया। उनकी मेहनत और लगन ने उन्हें आज हीरो के करीब ला खड़ा किया है। राजा छत्तीसगढिय़ा उनकी बतौर सह अभिनेता दुसरी फिल्म थी जिसमे उसे ब्रेक मिला। अनुज शर्मा के साथ काम करने का उन्हें बहुत बड़ा फ़ायदा मिला है। आर्यध्वज की इच्छा एक हीरो के रूप में पहचान बनाने की है। 2015 के छालीवुड सिने अवार्ड में उन्हें बेस्ट डेव्यू हीरो का अवार्ड दिया गया।
आर्यध्वज का कहना है की जीवन्तपर्यन्त वह छालीवुड में काम करता रहेगा। अगर मेरी मौत भी हो तो वह किसी फिल्म के सेट पर ही हो। आर्यध्वज ने बताया की एक्टिंग उन्होंने एल्बम से शुरू किया पहले स्पॉट बॉय था फिर मेकअप मेन बना , फिर एल्बम में अभिनय करने लगा। अभिनय करते करते अपनी मेहनत और लगन से आज इस मुकाम पर है । सबसे पहले फिल्म छलिया में उन्हें हीरो के रूप में काम मिला लेकिन उनकी पहचान बनी फिल्म राजा छत्तीसगढिय़ा से। इस फिल्म में वे सुपर स्टार अनुज शर्मा के दोस्त का किरदार निभाया है। अभी हाल ही बनकर तैयार हुई फिल्म बही तोर सुरता म में आर्यध्वज ने मुख्य भूमिका निभाया है। उनका कहना है की इस फिल्म में मुझे अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिला है। पर अभी और बहुत कुछ करना है। इसलिए अपने कामों से संतुष्ट होने का सवाल ही पैदा नहीं होता। अभी तो शुरुआत है ,लक्ष्य बाकी है। आर्यध्वज साउथ के हीरो धनुष के बहुत बड़े फेंन है। क्षेत्रीय कार्यक्रमों से प्रेरणा लेकर आर्यध्वज आगे बढ़ रहे अहइ। उनके मन में लगन और दृढ़ इच्छा है , जो उन्हें कामयाब बनाता है।