रविवार, 19 अगस्त 2018

निर्देशन में महारत हासिल है धर्मेंद्र चौबे को

जाने माने खलनायक अभिनेता , निर्देशक धर्मेन्द्र चौबे अब फिल्मो की मांग है। उन्होंने करीब 25 फिल्मे की है और छालीवुड मे अपनी पहचान बना चुके हैं। रिकार्ड कमाई करने वाली फिल्म राजा छत्तीसगढिय़ा में धर्मेन्द्र चौबे मुख्य खलनायक की भूमिका में है। इतना ही नहीं धर्मेन्द्र चौबे फिल्मो में बुरे इंसान जरूर है पर असल
जिंदगी में वे जिंदादिल इंसान और मिलनसार हैं।उन्होंने बही तोर सुरता म के बाद बंधन पीरित के का बेहतर निर्देशन किया है. यह फिल्म दो हीरो की कहानी है.जिसमे धर्मेंद्र ने कड़ी मेहनत की है.या हम ये कहे की इस फिल्म से उनके तकदीर जुडी है तो कोइ बड़ी बात नहीं होगी। फिल्म "बंधन पीरित के" को बेहतर से बेहतर बनाने की कोशिश की है. इसमें कोई शक नहीं कि धर्मेंद्र चौबे छालीवुड के सबसे सफल निर्देशकों में शामिल हैं। जिनकी हर फिल्म की सफलता की गारंटी होती है। साथ ही इनके कहानी कहने का अंदाज इतना जुदा है.कि फिल्म दर्शकों के दिल में घर कर जाती है। धर्मेंद्र बताते हैं कि  "बंधन पीरित के" में सभी कलाकारों ने काफी मेहनत की है.मुरली आचारी, पूनम मिश्रा, रियाज खान माहिरा ये ऐसे कलाकार हैं जिन्होंने फिल्म को अपना पूरा योगदान दिया है.सभी कलाकारों का आभारी हूँ. धर्मेंद्र खुद कई फिल्मो में अभिनय किया है.वे जितने अच्छे डायरेक्टर हैं उतने ही अच्छे कलाकार भी हैं.

फिर एक फिल्म की तैयारी में जुटे अभिषेक मूवी प्रोडक्शन हाउस

भोजपुरी और छत्तीसगढ़ी फिल्म तहलका मोर नाव के बना चुके अभिषेक मूवी प्रोडक्शन हाउस फिर एक फिल्म बनाने की तैयारी में जुटे हैं. इस बार भी दोनों ही भाषा में फिल्म बनांयेंगे। यह फिल्म अक्टूबर माह में
बनेगी। साथ ही इस प्रोडक्शन हाउस कुछ एल्बम भी बनाने की तैयारी में है. अभिषेक मूवी प्रोडक्शन हाउस के संचालक श्री अमरनाथ पाठक काफी मेहनती और जूनून के पक्के हैं.वे एक बेहतरीन कलाकार भी हैं.उनके स्टूडियो में कई बड़े फिल्मो के काम हुए हैं.जहां सभी तरह की सुविधाएं हैं. गाने की रिकार्डिंग, शूटिंग, एडिटिंग, डबिंग सब कुछ बड़ी आसानी से किये जा सकते हैं.अभी इस स्टूडियो में और बड़ी बड़ी फिल्मो का काम होने वाले हैं जिसमे भोजपुरी फिल्म एक शमा दो परवाने भी शामिल हैं। वर्तमान में सारी लव यू का काम भी उनके ही स्टूडियो में चल रहा है.इसके पहले श्री पाठक ने भोजपुरी और छत्तीसगढ़ी फिल्म तहलका मोर नाव के बनाई थी जिसमे मुम्बई की प्रीति सिंह मुख्य भूमिका में थी. खुद अमरनाथ पाठक ने पुलिस इन्स्पेक्टर की भूमिका निभाई थी.निर्माता अभिषेक पाठक थे। जाने-माने निर्देशक मिथिलेश अविनाश ने इस फिल्म का निर्देशन किया था। इस फिल्म में 8 गानेथे और सभी गाने बेहद कर्णप्रिय है जिसमे संगीत सूरज महानंद ने दिए थे।

सिंगर से एक्टर बने कृष्णा साहू

सुंदर मोर छत्तीसगढ़ में दिखेगा जलवा 
सिंगिंग से छत्तीसगढ़ी फिल्मो में एक्टर बने  कृष्णा साहू का जलवा फिल्म सुंदर मोर छत्तीसगढ़ में दिखेगा। कृष्णा ने इस फिल्म में कॉमेडियन बनकर लोगों को हसाने की कोशिश की है. अब कितना लोगों का मनोरंजन कर पाएगें  ये तो दर्शक ही बताएँगे। उन्हें इस फिल्म से बहुत ही उम्मीद हैं. वे कहते हैं कि सुंदर मोर छत्तीसगढ़ को दर्शकों के लायक बनाने के लिए हमने बहुत ही मेहनत की है. गाने का मुझे शौक था लेकिन अब एक्टिंग में किस्मत आजमाने मैंने यह फिल्म की है. अब इस क्षेत्र में ही आगे बढूंगा। अब वे लगातार फिल्मे ही करते रहना चाहते हैं। दैनिक राष्ट्रीय हिंदी मेल ने उनसे हर पहलुओं पर बात की।
0 आपको एक्टिंग का शौक कब से है ?
00 मुझे एक्टिंग का शौक बचपन से ही रहा है। जब मै छोटा था तब से कुछ अलग करने की सोच ली थी। मन में लगन हो तो सब संभव है।
0 छालीवुड की क्या सम्भावनाये दिखती है?
00 बेहतर है। आने वाले समय में यहां की फिल्मे बॉलीवुड की तरह ही चलेंगी।यहां फिलहाल दर्शकों की कमी है। लोगो में अपनी भाषा के प्रति वो रूचि नहीं है जो होनी चाहिए और जो दर्शक है उनकी रुझान हिन्दी फिल्मो की ऑर है।
0 तो छालीवुड की फिल्मे दर्शकों को क्यों नहीं खीच पा रही है?
00 क्योकि यहां की फिल्मो में अपनी संस्कृति और मौलिकता की कमी झलकती है। कलाकारों का चयन भी पात्रों के अनुसार नहीं होता।
0 फिर मौका कैसे मिला और आपके प्रेरणाश्रोत कौन है ?
00 एक्टिंग मैंने खुद से सीखा है। मेरा कोई रोल मॉडल नहीं है। गाने से कॅरियर से शुरुवात की है और मेरी पहली फिल्म सुंदर मोर छत्तीसगढ़ है जो बड़े परदे पर आने वाली है। भुवनेश साहू ने मुझे इस फिल्म के लिए ऑफर दिया और आज मै आपके सामने हूँ।
0 कभी आपने सोचा था की फिल्मो को ही अपना कॅरियर बनाएंगे ?
00 हाँ ! शुरू से ही मै एक्टिंग को कॅरियर बनाने की सोचकर चला था। पर गायन के क्षेत्र में चला गया था। इसी लाईन पर काम करता रहूंगा। लगातार काम करूंगा।
0  छालीवुड फिल्मो में आपको कैसी भूमिका पसंद है या आप कैसे रोल चाहेंगे।
00  मैं हर तरह की भूमिका निभाना चाहूंगा ताकि मुझे सभी प्रकार का अनुभव हो। छोटे बड़े सभी रोल मुझे पसंद है। मैं किसी भी भाषा की फिल्म हो जरूर करूंगा।
0 आपका कोई सपना है जो आप पूरा होते देखना चाहती हैं?
00 छालीवुड में कुछ करके दिखाना चाहता हूँ। अब लगातार फिल्मो में ही काम करते रहने की तमन्ना है। 

लोग मुझे बेस्ट एक्टर के रूप में ही पहचाने - महावीर

छत्तीसगढ़ी फिल्मो को बढ़ावा देना जरूरी 
छत्तीसगढ़ी फिल्मो में नया नाम है महावीर सिंह चौहान,जिन्होंने कुछ ही फिल्मो में अपने अभिनय से निर्माता निर्देशकों का दिल जीत लिया है। उनका कहना है कि लोग मुझे बेस्ट एकत्र के रूप में ही पहचाने। वे कहतें हैं कि छत्तीसगढ़ी फिल्मो का भविष्य काफी अच्छा है। छत्तीसगढ़ी फिल्मों में शानदार भूमिका निभाने वाले महावीर कहते हैं कि सरकार को भी छालीवुड की ओर ध्यान देना चाहिए जिससे कलाकारों का भला हो सके।उन्हें एक्टिंग का शौक बचपन से ही रहा है। स्कूल में नाटकों में भाग लिया करता था फिर फिल्मो में आये । उनका कहना है कि जब जब टीवी देखता था तब तब मुझे लगता था कि मुझे भी कुछ बनना चाहिए । छालीवुड की सम्भावनाओ पर महावीर कहतें हैं कि आने वाले समय में यहां की फिल्मे बॉलीवुड की तरह ही चलेंगी।यहां फिलहाल दर्शकों की कमी है। लोगो में अपनी भाषा के प्रति वो रूचि नहीं है जो होनी चाहिए और जो दर्शक है उनकी रुझान हिन्दी फिल्मो की ऑर है।
छालीवुड की फिल्मे दर्शकों को क्यों नहीं खीच पा रही है इसका कारण है कि यहां की फिल्मो में बहुत सारी कमियां दिखती है। दूसरी ओर लोगो को छत्तीसगढ़ी फिल्मो के बारे में बताया जाना चाहिए। महावीर का कोई रोल मॉडल नहीं है। उन्होंने कई फिल्मे कर ली है। ड्रामा करने के बाद लोगो ने उनका अभिनय देखा और फिल्मो में मौका दिया। कभी आपने सोचा था की फिल्मो को ही अपना कॅरियर बनाएंगे ? इस प्रश्न का जवाब था नहीं। शुरू से ही मै एक्टिंग को कॅरियर बनाने की नहीं सोचा था। अब फिल्मो में आ गया हूँ तो इसी लाईन पर काम करता रहूंगा। मैं हर तरह की भूमिका निभाना चाहूंगा , लेकिन निगेटिव रोल पसंद है। सरकार से उन्हें अपेक्षाएं हैं. वे कहते है कि सरकार छालीवुड की मदद करे। टाकीज बनवाए, नियम बनाये। छत्तीसगढ़ी फिल्मो को सब्सिडी दें ताकि कलाकारों को भी अच्छी मेहनताना मिल सके। महावीर का कहना है कि छालीवुड में कुछ करके दिखाना चाहता हूँ। अब लगातार फिल्मो में ही काम करते रहने की तमन्ना है। मै चाहता हूँ कि लोग मुझे बेस्ट एक्टर के रूप में लोग जानें।

अगस्त में छत्तीसगढ़ी फिल्मों की मारामारी

चार फिल्मो की रिलीजिंग तारीख तय 
अगस्त महीना को छत्तीसगढ़ी फिल्मों के लिए जाना जाएगा। अब तक के इतिहास में ऐसा कोइ महीना नहीं है जिसमे चार छत्तीसगढ़ी फिल्मे रिलीज हुई हो लेकिन अगस्त 2018 में ऐसा होने जा रहा है जो अपने आप में एक रिकार्ड होगा। 3 अगस्त को आई लव यू , 10 अगस्त को दबंग दरोगा , 24 अगस्त को
तोर मोर यारी एवं 31 अगस्त को बंधन प्रीत के रिलीज होने जा रही है. इसके अलावा प्रेम अमर हे भी इसी माह आने की संभावना है.आईये इन फिल्मो के बारे में हम विस्तार से जाने।
आई लव यू 
वीडियो वर्ल्ड के संचालक मोहन सुंदरानी की यह फिल्म कम लागत में बड़े कलाकारों को लेकर बनाई गयी है जिसमे सभी कुछ मसाला डाला गया है. कांकेर के हसीनवादियों में शूट की गयी आई लव यू एक अलग कहानी पर बनी है. तीन नायिका अनिकृति चौहान, सोनाली सहारे और मुस्कान साहू है नायक मन कुरैशी है। फिल्म आई लव यू कम बजट की एक ऐसी फिल्म है जिसमें सभी स्टार कास्ट है और बेहतरीन स्टोरी पर बनी चर्चित फिल्म है।  एक्शन, मारधाड़, हास्य, रोमांस दर्शकों को देखने को मिलेगा। फिल्म बड़ी इसलिए है कि यह एक बेहतर कहानी पर बनी स्टार कलाकारों से भरा है। इस फिल्म का आकर्षण होगी सान्वी सुंदरानी।
दबंग दरोगा
सुपर स्टार अनुज शर्मा अभिनीत छत्तीसगढ़ी फिल्म दबंग दरोगा भी अब रिलीजिंग के लिए तैयार हैं.इस फिल्म में उनकी दबंगई दिखाई गयी है. उनके अलावा जीत शर्मा, नेहा शर्मा रीमा सिंह मुख्य भूमिका में है.यह फिल्म बेहतरीन कहानी पर दर्शकों की पसंद को ध्यान में रखकर बनाई गयी है.इस फिल्म से छालीवुड को बहुत ही उम्मीद है. बड़े बजट की फिल्मो में से यह फिल्म भी एक है.अनुज शर्मा का छालीवुड में अपना एक मुकाम है। उनके नाम से ही फिल्म चलती है. वहीं रीमा भी एक अच्छी कलाकार है.2015 में उन्हें बेस्ट अभिनेत्री का अवार्ड मिल चुका है.
तोर मोर यारी
अजय त्रिपाठी निर्मित इस फिल्म के निर्देशक प्रिंस विकास है.यह फिल्म भी बड़े बड़े कलाकारों से सजी हुई है. दो दोस्त एजाज वारसी और पुष्पेंद्र सिंह प आधारित है. निर्माता अजय त्रिपाठी ने भी इस फिल्म में अपना अभिनय दिखाया है.तान्या तिवारी अभिनेत्री है जिन्हने इस फिल्म में बहुत ही पसीना बहाया है. यह उनकी पहली छत्तीसगढ़ी फिल्म थी. यह बात और है की बाद में बनी उनकी कुछ फिल्मे पहले रिलीज हो गयी.डॉ अजय सहाय,  वैषणव, पुष्पांजली शर्मा , आशीष शेंद्रे जैसे कलाकार इस फिल्म में हैं.
बंधन प्रीत के
पारिवारिक फिल्म बंधन प्रीत के एक ऐसी फिल्म है जो रिलीज होने से पहले ही चर्चा में है. निर्देशक धर्मेंद्र चौबे ने इस फिल्म पर कड़ी मेहनत की है. वे जितने अच्छे निर्देशक है उतने ही अच्छे कलाकार भी है.दो हीरो को लेकर बनी इस फिल्म की कहानी नई है और दर्शकों को पसंद आएगी ऐसी आशा है. फिल्म स्टार कलाकारों से भरी हुई है. इसकी पूरी शूटिंग भिलाईनगर में ही हुई है.रियाज खान और के मुरली इस फिल्म के नायक हैं.

संघर्ष ने बनाया प्रेम यादव को अभिनेता


चार फिल्मों के निर्माता और हीरो हैं 
मन में दृढ़ इच्छा और लगन हो तो कोई भी काम असम्भव नहीं होता। जो मन में ठान ले उसे पूरा करके ही रहता है। यह कर दिखाया है प्रेम कुमार यादव ने। प्रेम गीतकार बनने मुंगेली से मुम्बई गए थे लेकिन वहां उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा.जीवनयापन के लिए उन्हें नौकरी भी करनी पडी. जब उन्हें कोइ रास्ता नहीं सुझा तो वे फिल्म निर्माता बन गए,साथ ही अभिनेता भी.प्रेम यादव चार फिल्मे बना चुके हैं और सभी फिल्मों में वे ही हीरो हैं.लेखन में प्रेम की अच्छी पकड़ है. उनकी करीब 400 कवितायें अखबारों में प्रकाशित हो चुकी है. उन्होंने अभी हांल ही में छत्तीसगढ़ी फिल्म संगी रे की शूटिंग पूरी की है. इसके पहले उन्होंने दो भोजपुरी फिल्म गाँव आ जा रे परदेशी ,बलमा हरजाई रे और एक हिंदी फिल्म ब्लैक बनाई थी.
प्रेम कुमार यादव की गीतकार से फिल्म निर्माता और अभिनेता बनने की कहानी भी रोचक है. उनका असली नाम भागीरथ यादव है लेकिन फिल्मों के लिए उन्होंने अपना नाम बदलकर प्रेम कुमार यादव कर लिया।फिल्मो में काम करने प्रेम छत्तीसगढ़ के मुंगेली से मुम्बई पहुंचे। पर उन्हें फिल्मो में काम नहीं मिला। मुम्बई में टिके रहने के लिए प्रेम ने एक कोरियर सर्विस में नौकरी कर ली.काफी संघर्ष के बाद उन्होंने खुद ही फिल्म बनाने की सोची और जुट गए फिल्म निर्माण में.सबसे पहले उन्होंने भोजपुरी फिल्म गाँव आ जा रे परदेशी बनाई जिसमे संगीतकार थे रविंद्र जैन और आवाजें दी थी साधना सरगम, श्रेया घोषाल और वाडेकर थे. फिर 2007 में एक और भोजपुरी फिल्म बनाई बलमा हरजाई रे. एक प्रश्न के उत्तर में प्रेम यादव कहते हैं कि छत्तीसगढ़ी फिल्मे नहीं चलती इसलिए भोजपुरी फिल्मे बनाई।अब छत्तीसगढ़ी फिल्म संगी रे बनाकर किश्मत आजमा रहा हूँ. संगी रे एक रोमांटिक और शिक्षाप्रद फिल्म हैं. यह कहानी और आगे बढ़ेगी। अक्टूबर में संगी रे 2 बनाने जा रहा हूँ जो इस फिल्म के आगे की कहानी होगी।

रोगोवती में फिर नजर आएंगी अनुज- लेजली जोड़ी

छत्तीसगढ़ी फिल्म रंगरसिया की सुपरहिट जोड़ी अनुज शर्मा और लेजली त्रिपाठी की जोड़ी एक बार फिर फिल्म रोगोवती में नजर आएंगी। निर्माता अशोक तिवारी ने इस जोड़ी को लेकर अपनी फिल्म की तैयारी भी शुरू कर दी है.बेस्ट फिल्म रंगरसिया के डायरेक्टर पुष्पेंद्र सिंह ही इस फिल्म के भी डायरेक्टर होंगे। निर्माता अशोक तिवारी और निर्देशक पुष्पेंद्र सिंह की माने तो 90 फीसदी कलाकार इस फिल्म में नए होंगे। अभी तक निर्माता ने
अपनी पुरानी टीम के तीन लोगों निर्देशक पुष्पेंद्र सिंह, नायक अनुज शर्मा और नायिका लेजली त्रिपाठी को रिपीट करने का निर्णय लिया है.अन्य कलाकारों की कास्टिंग डायरेक्टर पुष्पेंद्र सिंह करेंगे। रंगरसिया फिल्म की सफलता से निर्माता दोनों ही उत्साहित हैं.इस फिल्म से बेहतर नतीजे मिले है जिससे छत्तीसगढ़ फिल्म इंडस्ट्री को आक्सीजन भी मिला। अनुज शर्मा एक ऐसे नायक हैं जिनके नाम से भी लोग फिल्म को देखने जाते हैं.पुष्पेंद्र सिंह का काम इस फिल्म में देखने को मिला था. अब निर्माता ने इसे फिर से भुनाने के लिए अपनी नई फिल्म रोगोवती ने इन्हे आजमाने का फैसला किया है.अनुज शर्मा की 10 फिल्मो ने एक मिलियन से भी अधिक व्यूज का कीर्तिमान स्थापित किया है.वहीं बॉलीवुड अभिनेत्री लेजली त्रिपाठी ने कभी असफलता नहीं देखी है या हम यह कह सकतें कि सफलता का ही नाम है लेजली त्रिपाठी है.उनकी भोजपुरी फिल्म निरउहा हिन्दुस्तानी 2 ने रिकार्ड बनाया था.एक अभिनेत्री के अलावा लेजली महानदी सुरक्ष्य योजना के लिए युवा राजदूत,  विश्वभर में बच्चों को शिक्षित करने के सशक्तीकरण के लिए एकसां गुरुकुल का चेहरा, सेवा फाउंडेशन की कर्ताधर्ता, अनंत साहित्य पत्रिका,  लिंग संवेदनशीलता टी-शर्ट्स, आशा किरण और संयुक्त राज्य अमेरिका में स्थित दुनिया के मुद्दों और क्रिया केंद्रों के लिए भारतीय युवा राजदूत हैं।एशियाई कॉलेज ऑफ जर्नलिज़म, चेन्नई से पत्रकारिता  डिग्री लेने वाली लेजली अभिनय में महारत है.