छत्तीसगढ़ी फिल्मो की हर ख़बरें, हर माह आपके पास पहुंचाने की ललक। संपादक - श्रीमती केशर सोनकर
मंगलवार, 7 दिसंबर 2021
फिल्म प्रेम युद्ध से डेब्यू करने जा रही हैं मिस ब्यूटी क्वीन वीणा सेन्द्रे
फिल्म प्रेमयुद्ध में माफिया डॉन के किरदार में नजर आएंगे
सोमवार, 8 नवंबर 2021
‘डॉ सहाय’ को जयाप्रदा के हाथों मिला अखंड भारत गौरव सम्मान
‘भाई भाई के मया’ टारजन का ड्रीम प्रोजेक्ट
शुक्रवार, 30 जुलाई 2021
डॉ अजय सहाय को मुंबई में मिला इंडियन स्टार्स अवॉर्ड
रायपुर के प्रख्यात चिकित्सा विशेषज्ञ, फिल्म अभिनेता व समाजसेवी प्रो डॉ अजय सहाय को समाजसेवा के क्षेत्र में अतिविशिष्ट योगदान के लिए मुंबई में ” इंडियन स्टार्स अवॉर्ड” से सम्मानित किया गया।भजन सम्राट पदमश्री अनूप जलोटा के करकमलों द्वारा उन्हें इस राष्ट्रीय सम्मान से अलंकृत किया गया।
कार्यक्रम में बॉलवुड स्टार्स पृथ्वी, अरुण बक्शी, धीरज कुमार, पंकज बेरी, आरती नागपाल सहित तमाम हस्तियां मौजूद थीं।कार्यक्रम का आयोजन मुंबई ग्लोबल ग्रुप ऑफ न्यूजपेपर्स के मुख्य सम्पादक श्री राजकुमार तिवारी व संयोजक रईस खान थे। विदित हो कि डॉ सहाय ने विगत साढ़े तीन दशकों में एक हजार से ज्यादा निशुल्क स्वास्थ्य शिविरों व जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से पीड़ित मानवता की निस्वार्थ सेवा की है। विभिन्न स्वास्थ्य व सामाजिक समस्याओं पर उनके द्वारा लिखित व निर्देशित सौ से ज्यादा शॉर्ट फिल्मों , वृत्त चित्रो, जिंगल्स व नाना प्रकार के रोचक कार्यक्रमो का टीवी चैनल्स द्वारा प्रसारण किया जा चुका है। कोरोना महामारी के दौरान उन्होंने छोलीवुड से लेकर बॉलिवुड तक के जरूरतमंद कलाकारों की यथासंभव मदद की।
बुधवार, 28 जुलाई 2021
छालीवुड अभिनेत्री अनिकृति चौहान ने प्रेम संदेशा एलबम किया लांच
बुधवार, 17 मार्च 2021
छालीवुड का दमदार और बेताज बादशाह है करण खान
11 बार सर्वश्रेष्ठ अभिनेता, 40 फ़िल्में, निर्देशन में भी माहिर, चार भाषाओं के जानकार
जन्मदिन पर विशेष - अरुण कुमार बंछोरछालीवुड में करन खान का नाम ऐसे अभिनेता के तौर पर शुमार किया जाता है जिन्होंने करीब दो दशक से अपने दमदार अभिनय से दर्शकों के बीच अमिट पहचान बनायी है और आज किसी फिल्म में उनका होना ही सफलता की गारंटी माना जाता है। जब भी दमदार अभिनय की बात आती है तो ऐसे अभिनेताएं की लिस्ट में करण खान का नाम सबसे ऊपर होता है। वे ऐसे एक्टर हैं जो अपने रोल में पूरी तरह से रच-बस जाते हैं और फिर कमाल के अभिनय से फिल्म को सुपर-डुपर हिट करवा देते हैं। छॉलीवुड के इस सुपर स्टार करण खान का आज 18 मार्च को जन्मदिन है। उनके जन्मदिन पर हम उनके प्रसशंकों को उनसे रूबरू कराते हैं. वे धरोहर है छालीवुड का, वैसे तो उनके बारे में बताने की जरुरत नहीं है. वे अपने आप में परिचय है. उन्हें चार भाषाओं हिन्दू, उर्दू, इंग्लिश, छत्तीसगढ़ी का अच्छा ज्ञान है.2003 से 2020 तक 11 बार वे सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का खिताब अपने नाम कर चुके है. स्व. सैय्यद जफ़ऱ अली और श्रीमती शमशाद बेगम के पुत्र करण खान का असली अनाम सैय्यद ताहिर अली है और उनकी दो बेटियां - अनाबिया अली , आरोश अली है. छत्तीसगढ़ में थियेटर कम होने से ये सुपर स्टार काफी चिंतित हैं.
छालीवुड का चमकता सितारा, निर्देशन भी किया
करण खान छालीवुड का एक ऐसा सितारा हैं जिसने पर्दे पर जिस भी रोल को निभाया उसे बड़ी शिद्दत से अभिनय किया। करण खान ने किरदार को निभाने के लिए जब-जब कुछ नया किया एक कहानी बन गई। करण ऐसे कलाकार के तौर पर जाने जाते हैं जो अपने किरदारों की सच्चाई और उन्हें अपने ही अलग अंदाज से दर्शकों के सामने परोसने का हुनर जानते हैं। वे लगभग हर फिल्म में ही अपने साथ एक्सपेरिमेंट करते रहते हैं।करण खान की अगली फिल्म है कुरुक्षेत्र, जिसकी शूटिंग अभी कसडोल में चल रही है. उन्होंने करीब 40 फिल्मे करने के बाद तीन फिल्मो का निर्देशन भी किया है. फिल्मो का सफर उनका लंबा है लेकिन मैं दबंग देहाती फिल्म की शूटिंग से लेकर फिल्म के टाकीज में आने तक उनके साथ था. बहुत ही मिलनसार, अनुभवी और मेहनती अभनेता है. जब इस फिल्म का निर्माण शुरू हुआ तब उन्होंने कहा था कि फिल्म को 55 दिनों में शूट करके प्रदर्शित कर दूंगा और 52 दिनों में फिल्म दबंग देहाती को रिलीज कर उन्होंने सच कर दिखाया था. करण खान 11 बार सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का खिताब जीत चुके हैं.
थियेटर से की कॅरियर की शुरुआत
करण खान ने इप्टा से अपने कॅरियर की शुरुआत की फिर एल्बम के माध्यम से कई कश्हूर गानों पर अपना जौहर दिखाया। उनकी कई फिल्मों ने 50 और 100 दिनों तक टाकीजों में परचम लहराया। स्व. सैय्यद जफ़ऱ अली और श्रीमती शमशाद बेगम के पुत्र करण खान का असली अनाम सैय्यद ताहिर अली है और उनकी दो बेटियां - अनाबिया अली , आरोश अली है. कुरुक्षेत्र के मुहूर्त पर जब हमने बेटी अनाबिया अली से पूछा तो उनका साधा हुआ जवाब था कि वे एक अच्छी डाक्टर बनकर लोगों और देश की सेवा करना चाहती है.करण खान का कहना है कि वे छत्तीसगढ़ की संस्कृति और फिल्मों के प्रचार प्रसार के लिए जो भी होगा, वे जरूर करते रहेंगे। उन्हें अभिनय और स्टाइल से जाना जाता हैं। उन्होंने अब तक अपने आप को इतना फिट रखा हैं कि उनको लोग देखते ही रह जाते हैं. उनके कपड़े पहनने का अंदाज़ भी अलग हैं.
हिन्दी फिल्मों से कम नहीं छत्तीसगढ़ी फिल्म
करण खान कहते है कि छत्तीसगढ़ी सिनेमा किसी भी दृष्टि में हिन्दी फिल्मों से कमतर नहीं है बस सरकार थोड़ा सा सहयोग कर दे कि हर बीस किलोमीटर की दूरी में एक थियेटर खोलने में मदद कर दे। छत्तीसगढ़ सिनेमा के पचास साल के कालखंड पर वो कहते है कि पहले 35 साल में दो ही फिल्मे बनी फिर सतीश जैन की मोर छईयां भुईंया ने जो रास्ता खोला तब से धारा बह रही है छत्तीसगढ़ी फिल्मों के इतिहास में पहले दशक में सौ से ज्यादा फिल्मों बनी है और उनमें बीस से ज्यादा में करन खान है। यानी हर पांचवी फिल्म उनके अभिनय से सजी हुई। मोर गंवई गांव,जरत हे जिया मोर, तोर मया के मारे, बैर,तीजा के लुगरा, ए मोर बांटा, छत्तीसगढिय़ा सबले बढिय़ा तोर मया म का जादू हे, मया होगे रे, करम के लेखा, मोरगांव किस्मत के खेल, तोला ले जाऊ उडि़रिया, मितान 420, भांवर, अजब जिनगी गजब जिनगी, बंधना, दगाबाज , मोही डारे, लैला टिपटाप छैला अंगूठा छाप, जो भोजपुरी में डब होकर लैला माल बा छैला धमाल बा में भी सुपरहिट रही बाप बड़े नाभ भइया सबले बड़े रुपइया भी अच्छी फिल्म है। सन 1994 में इप्टा के नाटक से एक्टिंग का जो सफल शुरु हुआ वो छत्तीसगढ़ी एलबम से फिल्मों तक जारी है।
सर्वाधिक 11 बार छत्तीसगढ़ी सिने अवार्ड
करन खान छत्तीसगढ़ी सिनेमा के ऐसे अभिनेता है जिन्होने किस्मत के खेल और लैला टिपटाप छैला अंगूठा छाप में डबल रोल कि ये इस के अलावा सर्वाधिक 11 बार छत्तीसगढ़ी सिने अवार्ड के विजेता में भी उनका नाम शुमार है। सन् 2003 में रंग झांझर ने जरत हे जिया मोर के लिये सबसे पहले सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरूस्कार दिया उसके बाद 2004 में बहुरंग ने तोर मया के मारे के लिये 2011 में एबेलान ने लैला टिपटाप छैला अंगूठा छाप 2013 में एबेलान ने दगाबाज, 2013 मेें फिल्मी छत्तीसगढ़ी ने लैला टिपटाप छैला अंगूठा छाप 2014 में ही फिल्मी छत्तीसगढ़ी में तोला ले जाऊं उड़रिया के लिये तो 2012 में रंग झांझर ने मितान 420 में और 2020 में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का अवार्ड छालीवुड स्टारडम ने दिया। उन्हें अक्कीनेनी नागेश्वर राव दक्षिण भारतीय फिल्मो के सुपर स्टार के नाम पर सम्मान मिलना भी उपलब्धि ही कही जायेगी।
छालीवुड को आत्म निर्भर बनाने में एलबम का बड़ा योगदान
करन खान बताते है की छत्तीसगढ़ी फिल्म इंडस्ट्रीज को आत्म निर्भर बनाने में छत्तीसगढ़ी एलबम का बड़ा योगदान रहा। सन 2003 में झन भुलव मां बाप के बाद जब छत्तीसगढ़ी फिल्मों पर ब्रेक लगा तब एलबम का दौर शुरु हुआ। ये समय ऐसा था जब छत्तीसगढ़ी के ही कलाकार ,तकशियनों को मौका मिला। इससे पहले मुंबई की यूनिट छत्तीसगढ़ी आती थी और तब बहुत भेदभाव भी होता था एलबम यहां बनने लगे तो को रियोग्राफर कैमरामैन मेकअप आर्टिस्ट, लाईटमेन और प्रोडक्शन से जुड़े लोग धीरे धीरे पारंगत हो गये और यही लोग बाद में पुन: छत्तीसगढ़ी फिल्मों का दौर शुरु होने पर छालीवुड को आत्मनिर्भर बनाने में कारगर साबित हुये। श्री खान नाटक के दौर को भी याद करते है कि राही मासूम रजा के टोपी शुक्ला को देख कर प्रसिद्ध गीतकार जावेद अख्तर भी भाव विभोर हो गये है और उन्होने इसे मुंबई में भी आोयजित करवाया था। करन खान छत्तीसगढ़ी एलबम के दौर में भी सुपर स्टार रहे है। अब तक हजार से भी ज्यादा गीतों में अभिनय का रिकार्ड है देश विदेश में सुपरहिट गुलाबी कली केटूरा न जाने रे के साथ ही झोटू राम बना दिये , संतरंगी रे में दो गीत प्रेम चंद्राकर के का तै जादू करे, का तै मोहनी डारे सहित सतीश जैन के एक मात्र एलबम मया के बुखार में चार गानों में नृत्य किया। दुकालू यादव के का तोला माने दाई और गोरेलाल बर्मन के मोला बईयां बना के छोड़ देबे का जैसे सुपरहिट गानों से करन खान को लोकप्रियता मिली। छत्तीसगढ़ी फिल्म विकास निगम और छत्तीसगढ़ी फिल्मों के विकास के लिये वे यही कहते है कि हमारी बहुत ज्यादा मांगे नहीं है बस सरकार यहां टाक़ीज खोलने में थोड़ी सी सहायता कर दे तो छत्तीसगढ़ी फिल्मों की गंगा बहने लगेगी। उम्मीद है अब सरकार इस दिशा में ठोस और त्वरित कदम उठायेगी।
पहला बायोपिक फिल्म भी करण के नाम
छत्तीसगढ़ी नाचा पार्टी के जनक दुलार सिंह के जीवनी पर बनी प्रदेश की पहली बायोपिक फिल्म" मंदराजी "भी करन खान के खाते में ही गया है. दाऊ मंदिर जी के किरदार में सुपर स्टार करन खान ने बेजोड़ अभिनय किया है फिल्म में दर्शक छत्तीसगढ़ी नाचा पार्टी के जनक दुलार सिंह मंदराजी के जीवन और नाचा के क्षेत्र में किये गये उनके अमूल्य योगदान को देख पाएं और जान पाए। मंदराजी छत्तीसगढ़ की पहली बायोपिक फिल्म है। दुलार सिंह ने अपनी कला के माध्यम से छत्तीसगढ़ी नाचा को देश और दुनिया में एक नई पहचान दी है।
इनकी बहुचर्चित फि़ल्में
तीजा के लुगरा , छत्तीसगढ़ीया सबले बढिया, ए मोर बांटा, मंदराजी, ससुराल, बेनाम बादशाह, लैला टीपटाप छैला अंगूठा छाप, राधे अंगूठा छाप,मोही डारे , सिधवा सजन, तोला ले जाहूं उडरिया, तो मया माँ जादू हे, किस्मत के खेल, दबंग देहाती ,टिकट टू छालीवुड, दगाबाज, ऑटो वाले भांटो, बंधना, मोर भाई नंबर , छत्तीसगढ़ के हेंडसम, तोर मया के मारे, मितान 420,बाप बड़े न भैय्या सबले बड़े रुपैय्या, अजब जिनगी गजब जिनगी।
करन की 'बेनाम बादशाह देखकर रो पड़े थे दर्शक
करन खान की वर्ष 2020 में साल के शुरूआत में रिलीज हुई बेनाम बादशाह देखकर कई दर्शकों की आंखे भर आई थी। ये भी तो करन खान की अदाकारी का ही जलवा है, जो जिन्होंने परदे पर जीवंत किया था। जब फिल्म देखकर निकले दर्शकों की प्रतिक्रिया जानना चाही तो कई दर्शकों की आंखें भर आई थी। वो भरभराए आवाज में सिर्फ इतना ही कह पाए कि फिल्म अच्छी है। इसके अलावा कुछेक दर्शक तो सिर्फ आंसू ही लिए हुए थे, कुछ कह ही नहीं पाए। तो आखिर फिल्म की कहानी में काफी दम तो है, कि वो दर्शकों को इतना पसंद आई कि वो अपने भावनाओं को रोक नहीं सके और आंसूओं के रूप में निकल आए। बेनाम बादशाह जैसा कि नाम से ही पता चलता है, ऐसा शख्स जो अपने वसूलों पर चलता हो।
फिल्म 'तू मेरा हीरो
छत्तीसगढ़ी फिल्म मेकर अनुपम वर्मा ने अपनी आगामी फिल्म 'तू मेरा हीरो के लिए करण खान और मुस्कान साहू के नाम का ऐलान कर रखा है.करण खान अनुपम वर्मा की पहली छत्तीसगढ़ी फिल्म 'मोही डारे में भी काम कर चुके हैं। इन दिनों करण खान और मुस्कान की जोड़ी को रुपहले पर्दे पर खासा पसंद किया जा रहा है। करण खान जहां छत्तीसगढ़ी सिनेमा के जाने-माने एक्टर हैं, वहीं मुस्कान भी प्रणव झा प्रोडक्शन की फिल्मों में अभिनय कर लोगों का दिल जीत चुकी हैं।
महाराष्ट्र के निर्माताओं के साथ
करण खान तीजा के लुगरा , छत्तीसगढ़ीया सबले बढिया (निर्माता निर्देशक विजय राजन जी महाराष्ट्र) ए मोर बांटा (निर्माता नागपुर महाराष्ट्र) मंदराजी( नाचा के भीष्म )(निर्माता निर्देशक महाराष्ट्र) और उसके बाद सन 2018 में पहली बार दूसरे राज्य झारखंड में छत्तीसगढ़ी फिल्म महोत्सव का सेहरा भी करन खान के सिर पर ही बंधा। जबकि प्राय: छत्तीसगढ़ी फिल्मी लोग अपनी फिल्मों को या अपने आप को प्रमोट करने में लगे हैं , ऐसे में सुपर स्टार करन खान ही एकमात्र ऐसे कलाकार हैं जो कि छत्तीसगढ़ी फिल्म इंडस्ट्री को छत्तीसगढ़ से बाहर विस्तार देने की पहल और प्रयास कर रहे हैं। उनका यह प्रयास राजनीतिक दलों से और छोलीवुड की राजनीतिक उठापटक से दूर रहते हुए नि:स्वार्थ सिर्फ छत्तीसगढ़ी फिल्म इंडस्ट्री को प्रमोट करने का उद्देश्य है.


