बुधवार, 9 दिसंबर 2020

खाकी को समर्पित : सर का मर्तज़मींबा !

- अरुण बंछोर 

म्यूजिक अल्बम सरज़मीं का मर्तबा पुलिस विभाग को समर्पित है इस गाने के माध्यम से ईमानदार पुलिस ऑफिसर के परिवार और फ़र्ज़ के बीच की उलझन  को दिखाया गया है ! बॉलीवुड के जानेमाने सींगर शाहिद मालया ने गाया है ! विवेक भारती और इशिता विश्वकर्मा ने भी अपनी आवाज़ दिया है इस गाने में ! 

हाफ गर्ल फ्रेंड, वेलकम बैक, लवरात्रि जैसे बड़े फिल्मो के लिए गाने लिख चुके   दिग्गज गीतकार  अरफ़ात मेहमूद ने लिखा है इस गाने को ! म्यूजिक रोमी मुखर्जी और अरफ़ात मेहमूद ने दिया है ! इस गाने मे जिन कलाकारो ने काम किया है वो हैं कुंदन सिंह, अनुषा शर्मा, सुनैना दुबे, प्रीत कौर, दीपक सिन्हा ! डायरेक्टर :धीरज ठाकुर, कास्टिंग डायरेक्टर  हर्ष झा, एसोसिएट डायरेक्टर कुणाल सूर्यवंशी हैँ ! इस गाने को प्रोड्यूस किया है साईं विनायक फ़िल्म ने और जिसके फाउंडर हैँ बॉलीवुड अभिनेता कुंदन सिंह !

कुंदन हैँ कीमेरे द्वारा इस कम्पनी की स्थापना का मकसद आर्मी और पुलिस की गौरव गाथा को जन जन तक पहुँचाना है ! देश की पुलिस और आर्मी हीं हमारे असल हीरो हैँ हमें उनको हीं अपना रोल मॉडल मानना चाहिए क्युकी वो धूप बरसात की परवाह किये बगैर अपने परिवार से दूर रहकर हमारी हिफाज़त करते हैँ उनके लिए हमारे दिल मे सम्मान  ज़रूर होनी चाहिए ! लेकिन बड़ी दुख की बात है की कुछ क्रप्ट ऑफिसर्स के कारण लोग पुरे पुलिस विभाग को हीं ग़लत समझने लगे हैँ जबकि हकीकत बिलकुल अलग है,  आज भी देश मे कई ऐसे ऑफिसर्स हैँ जो अपने आप मे एक मिसाल हैँ ! समाज मे पुलिस के प्रति एक ग़लत धारणा बन चुकी है जिसके पीछे सिनेमा का बहुत बड़ा हाथ है सिनेमा मे शुरू से हीं पुलिस की छवि को दागदार दिखाया गया है, मै भी इसी सिनेमा का हिस्सा हुँ और मै सिनेमा के माध्यम से हीं समाज मे पुलिस के प्रति फैली ग़लत धारणा को चेंज करना चाहता हुँ ! जिसके लिए मैंने अपना खुद का प्रोडक्शन हाउस डाला है जो आर्मी और पुलिस के लिए लगातार फ़िल्म और गानो का निर्माण कर रही है !

शुक्रवार, 27 नवंबर 2020

बॉलीवुड में धूम मचा रही है छत्तीसगढ़ की अनुषा

अपने कला के दम पर पहचान बनाने की तमन्ना है



छत्तीसगढ़ की अनुषा शर्मा आज किसी परिचय की मोहताज नही है। भिलाई की इप्टा से अपना कला का सफर शुरू कर आज मुम्बई में अपने अभिनय का लोहा मनवा रही है. धारावाहिक तारक मेहता का उलटा चश्मा,मिमकी मुखिया, लापतागंज, मेरे साईं, ये रिश्ता क्या कहलाता है, कसौटी जिंदगी के , मेरे पापा मेरे हीरालाल, विक्रम बेताल, छोटी सरदारनी, बावले उतावले, ये तेरी गलियां, ये हैं मोहब्बतें, ये हैं चाहतें ,अग्नि फेरा ,ये रिश्ते प्यार के , श्रीकृष्णा , अपना टाईम आएगा , क्राइम पेटोल ,राजस्थनी सीरियल और डीडी नेशनल पर लाल रेखा जैसे कई सीरियलो में अनुषा अपनी कला का जलवा दिखा चुकी है।

उनकी कला में वो जादू है कि जो भी एक बार देखे, उनकी कला के कायल हो जाएंगे। उनकी एक्टिंग में जीवंतता झलकती है. वे कहती है की मन में दृढ़ इच्छा और लगन हो तो कोइ भी काम असम्भव नहीं होता। जो मन में ठान ले उसे पूरा करके ही रहती हूँ। वे अपने कला के दम पर पहचान बनाना चाहती है. अनुषा शर्मा कभी निराशा नहीं होती है और यही उनकी सफलता का राज भी है. अभी वे साई विनायक प्रोडक्शन के साथ गाने करने भिलाई आई हुई हैं. साथ काम करने वाले कलाकरो की एक कोशिश जो हमेशा ही रियल पुलिस और सेना और आर्मी को लेकर फ़िल्म और गाना कर उनका मनोबल बढ़ाना है. अनुषा ने दो छत्तीसगढ़ी फिल्मे भी की है। भकला और भुला झन देवे। वे भोजपुरी और हिंदी फिल्मे भी कर चुकी हैं। अनुषा शर्मा साईं विनायक के गाना करने छत्तीसगढ़ आई थी. इस दौरान वे हमारे दफ्तर भी आई तब हमने हर पहलुओं पर उनसे बेबाक बात की. पेश है बातचीत के सम्पादित अंश.

 

 आपको एक्टिंग के प्रति कैसे दिलचस्पी हुई ?
बचपन से ही शौक था एक्टिंग करने का। स्कूलों में नाटकों में भाग लिया करती थी। बाद में मुझे थियेटर का शौक हुआ। ऐसा करते करते मैंने छत्तीसगढ़ी फिल्मो की ऑर कदम बढ़ाया। उसके बाद मुम्बई चली गयी वहां मेरे अभिनय को देखकर निर्माता तो खुश हुए और मुझे लगातार काम मिलता गया। लोगो को देखकर लगा की मुझे भी इस क्षेत्र में कुछ करना चाहिए।
0 अब तक की आपकी उपलब्धी क्या है?
मैंने 2 छत्तीसगढ़ी फिल्मो में काम किया है और कुछ एल्बम बनाये है। मुम्बई में कई धारावाहिकों में मैंने है जैसे - तारक मेहता का उलटा चश्मा,मिमकी मुखिया, लापता गंज मेरे साईं ये रिश्ता क्या कहलाता है, ये रिश्ते प्यार के , श्रीकृष्णा , अपना टाईम आएगा , क्राइम पेटोल। , कसौटी जिंदगी के ,चाहत ,अग्नि फेरा। इसके अलावा राजस्थानी व् अन्य भाषाओं के भी सीरियल है.
0 आप छत्तीसगढ़ी फिल्मों में अपना आदर्श किसे मानते है?
छालीवुड में काम करने वाले मेरे कोइ आदर्श नहीं है और सभी कलाकार मेरे आदर्श है भी। क्योकि सबसे मुझे कुछ ना कुछ सीखने को ही मिलता है। बॉलीवुड में मुझे राजकपूर पसंद थे
० क्या आप छत्तीसगढ़ी फिल्मों में लौटेंगे ?
०० जरूर अच्छी कहानी हो और भूमिका अच्छी हो तो जरूर छत्तीसगढ़ी फिल्मे करूंगी।
० कैसी भूमिका आपको पसंद है या करना चाहेगी ?
० ऐसी भूमिका करना पसंद करूंगी जिसमे किरदार दमदार हो.महिला प्रधान फिल्मे करना चाहूंगी।


0 क्या आप अपने कामों से संतुष्ट हैं?
हाँ, मैं अपने कामों से पूरी तरह से संतुष्ट हूँ। मैंने जितने भी फिल्मों या धारावाहिकों में काम किया है सभी मेरे जीवन की बेहतर फ़िल्में और सीरियल्स है।
0 कभी आपने सोचा था की फिल्मो को ही अपना कॅरियर बनाएंगे ?
हाँ ! शुरू से ही मै एक्टिंग को कॅरियर बनाने की सोचकर चली हूँ। अब इसी लाईन पर काम करती रहूंगी।
० आपको कभी निराशा हुई है ?
हाँ बहुत बार निराशा हुई है.लेकिन मई निराशा को अपने ऊपर हावी नहीं होने देती।
0 आपका कोई सपना है जो आप पूरा होते देखना चाहती हैं?
अपने कला के दम पर पहचान बनाऊँ तथा लोग मुझे एक अच्छी अभिनेत्री के रूप में जाने , यही मेरा सपना है.

गुरुवार, 22 अक्टूबर 2020

निशा के कला के कायल हैं छत्तीसगढ़िया

 जीवंतता नजर आती है उनके अभिनय में

छालीवुड की चरित्र अभिनेत्री निशा चौबे के अभिनय के यहां के दर्शक कायल हैं. उनके अभिनय में जीवंतता झलकती है.उन्हें सर्वश्रेष्ठ चरित्र अभिनेत्री का अवार्ड भी मिल चुका है। छालीवुड स्टारडम ने उन्हें 2018 का सर्वश्रेष्ठ चरित्र अभिनेत्री का अवार्ड दिया था। वे कहती है कि चरित्र को फिल्म में जीवंत बनाने की पूरी कोशिश करती हूँ। फिल्मो में हर प्रकार की भूमिका निभाना उन्हें पसंद है उनकी तमन्ना इस भूमिका को लगातार आगे भी जीते रहने की है।इस समय उनकी रावत नाच की तर्ज पर बनी गॉसिप खूब पसंद किये जा रहे हैं. महज 13 साल की छोटी सी उमर में अपने नृत्य कला की शुरुवात करने वाली निशा चौबे राजनीति के साथ साथ अब फिल्मो में काम कर रही है। उनके छालीवुड में आने से एक चरित्र अभिनेत्री की कमी पूरी हुई है। निशा में काम करने का जूनून है, वे कहती है कि मन में दृढ़ इच्छा और लगन हो तो कोइ भी काम असम्भव नहीं होता। जो मन में ठान ले उसे पूरा करके ही रहता है। फिल्म आई लव यूं में उनके कामों की तारीफ़ छालीवुड के महानायक मोहन सुंदरानी ने भी की है.

वे समाजसेवा और राजनीति में भी सक्रिय है. निशा छत्तीसगढ़ फिल्म इंडस्ट्री एसोसिएशन के बेमेतरा जिला अध्यक्ष भी है. छालीवुड में काम करने वाली सभी अभिनेत्रियां उनके आदर्श है। क्योकि सबसे उन्हें कुछ ना कुछ सीखने को ही मिलता है। वे अब तक के अपने कामो से पूरी तरह से संतुष्ट है. निशा छत्तीसगढ़ी के साथ भोजपुरी फिल्म में भी अपना जलवा दिखा रही है. मेरी नजर में निशा छत्तीसगढ़ के एक छोटे से कस्बे बेमेतरा में पली बढ़ी और अपनी छोटी सी उम्र में एक बड़ी उपलब्धी हासिल कर ली है। वे कहती है कि फिल्मो में भी बेहतर कॅरियर है और वे फिल्म को ही अपना कॅरियर बनाएगी। छत्तीसगढ़ी फिल्मो में कॅरियर नहीं है कहने वालों को निशा बेहतर जवाब देती है वे कहती है कि काम अच्छा हो तो हर क्षेत्र में कॅरियर बनता है.प्रतिभा को अवसर मिले तो सोने पे सुहागा हो जाता है। वह कहती है कि उनकी तमन्ना एक सफल अभिनेत्री बनने की है। उन्हें छालीवुड में सिर्फ नाम और शोहरत चाहिए। लोगो का प्यार और तालियां मुझे मिला तो मुझे अपार खुशी होगी। साथ ही अपने लोकमंच का संचालन भी सफलतापूर्वक कर रही है.संघर्ष कला को निखारता है निशा ने अपने कला को बढ़ाने के लिए बहुत संघर्ष किया है.

बुधवार, 21 अक्टूबर 2020

माँ बेटे के दर्द भरे जसगीत है “दाई तोर ममता के करजा”


एक बेटा अपनी जन्मदात्री माँ का कर्जा जिंदगी भर नहीं उतार सकता। चाहे वह अपनी माँ के लिए कुछ भी कर लें. निर्माता निर्देशक मनोज दीप ने बहुत ही दर्द भरे जसगीत यूट्यूब पर पेश किया है जिसे सुनकर आँखों में आंसू भर आता है. जसगीत की भावना बहुत ही साफ सुथरी और दिल को छू लेने वाली है.इस जसगीत से बहुत ही प्रेरणा मिलती है.इसमें यह बताया गया है कि “दाई तोर ममता के करजा” मई कैसे उतारूं। जानी मानी कलाकार उर्वशी साहू ने जबरदस्त अभिनय किया है. कॉमेडी के लिए मशहूर चुलबुली अभिनेत्री ने दर्द भरा अभिनय किया है. निर्देशक मनोज दीप को उम्मीद थी कि उर्वशी साहू कॉमेडी के अलावा यह भावुक अभिनय भी बेहतर ढंग से कर लेगी। जिसमे उर्वशी साहू खरा उतरी है.स्वर दिया है विनोद वर्मा ने. गीत सरिता लहरे की है, संगीत दिया है विवेक शर्मा ने और इसे कैमरे में कैद किया है संजय महतो ने.

सोमवार, 14 सितंबर 2020

अशरफ और अनिकृति में होगा "पहली नजर के प्यार"

 

पहली नजर में प्यार होता है या नहीं ये तो हम नहीं जानते पर अशरफ अली और अनिकृति चौहान में पहली नजर में प्यार जरूर होगा। सच में नहीं फ़िल्मी परदे पर दोनों रोमांस करते नजर आएंगे। यह फिल्म स्वर्ण फिल्म्स के बैनर तले बनने जा रही है. निर्माता आलोक स्वर्णकार ने इसकी शूटिंग पर जाने की तैयारी पूरी कर ली है. पिछले दिनों इस फिल्म का मुहूर्त हुआ.फिल्म का निर्देशन करेंगे भूपेंद्र चंदनिया। फिल्म के टाइटल से ही पता चलता है की यह फिल्म रोमांस से भरपूर होगा। एक्शन ,फाइट, रोमांस, शानदार लोकेशन, सुमधुर गीत,संगीत सब कुछ इस फिल्म में होंगे जो दर्शकों को चाहिए होता है. कलाकारों का चयन स्टारकास्ट है. अनिकृति चौहान आज छालीवुड की सबसे चर्चित और सबसे पसंदीदा अभिनेत्री है.खूबसूरत चहरे की मल्लिका अनिकृति चौहान के अभिनय में जीवंतता झलकती है.

एक शब्द में कहे तो अनिकृति चौहान छोटी उम्र में बड़ी कामयाबी है. अशरफ अली छॉलीवुड के एक चुलबुले अभिनेता है उन्होंने कई फिल्मों में अपने अभिनय का जलवा बिखेरा है। पहल भी इन दोनों की जोड़ी "ले चल  नदिया के पार" में भी आ चुकी है.

बुधवार, 26 अगस्त 2020

मम्मी-पापा का सपना ही अंजली का सपना है

फ़िल्मी सफर छोटा है पर बेहतर है



छत्तीसगढ़ी फिल्मो कीअदाकारा अंजली ठाकुर आज किसी परिचय की मोहताज नहीं है. उनकी कला में वो जादू है कि जो भी एक बार देखे, उनकी कला के कायल हो जाएंगे। उनकी एक्टिंग में जीवंतता झलकती है. वे कहती है की मन में दृढ़ इच्छा और लगन हो तो कोइ भी काम असम्भव नहीं होता। जो मन में ठान ले उसे पूरा करके ही रहती हूँ। वे अपने कला के दम पर पहचान बनाना चाहती है. उनका कहना है कि छालीवुड में उनका कोइ आदर्श नहीं है। अपने कामो से पूरी तरह से संतुष्ट नहीं हूँ। मुझे अभी बहुत कुछ करना है. अंजली ठाकुर को कभी निराशा नहीं होती । यही उनकी सफलता का राज है. उन्होंने बतौर नायिका चार फिल्मे की है. फ़िल्मी सफर उनका छोटा है पर बेहतर है. पेश है बातचीत के सम्पादित अंश - अरुण बंछोर

आपने कितनी फिल्मे या एल्बम किये हैं?
4 फिल्म लीड़ की हूँ, शुरूवाती दौर मे 2 -3 मूवी में छोटा छोटा सा किरदार निभाई हूँ. छत्तीसगढ़ी एल्बम तो अनगिनत है। ओड़िया और हिन्दी एल्बम भी की हूँ|
आपको एक्टिंग के प्रति कैसे दिलचस्पी हुई ?
बचपन मे जब टी.वी. देखतीं थी, तो सोचा करती थी कि इसके अंदर कोई इंसान कैसे जाते हैं और एक बार जब मेरे घर का टी. वी. फूट गया तो मैं उस दिन स्कूल जाना छोड़ के बस यही देखतीं रही.. इसके अंदर के लोग अभी तक बाहर कैसे नहीं आये मैं तब 5-6 साल की थी उस समय अपनी माँ से पूछती भी थी... मुझे भी टी.वी. के अंदर जाना हैं कैसे जाते है. बचपन से रूचि थी
कैसे और कहाँ से आपने एक्टिंग का सफर शुरू किया?
जब मैं हायर सेकेंडरी मे थी तभी से मैंने शुरुआत किया हैं मेरी मम्मी जब अपना और मेरा फोटोज फेसबुक पर अपलोड करती थीं तभी से मेरे पास फिल्मों और एल्बम के ऑफर आने लगे थे.
आप छत्तीसगढी में अपना आदर्श किसे मानते है?
किसी को नहीं..।
अब तक की आपकी उपलब्धी क्या है?
4 फिल्म बि ना किसी के रिफरेंस के की हूँ अपनी मेहनत और हूनर से की हूँ.मेरे लिये यही बहुत बडी बात हैं.. इंडस्ट्री मे मेरा कोई बाप दादा नहीं हैं... अपनी मेहनत और अपने काम के प्रति जो लगन हैं उसी के बलौलत धीरे-धीरे आगे बढ़ रही हूँ.
आप छत्तीसगढ़ी फिल्मों में अपना आदर्श किसे मानते है?
किसी को भी नहीं। लेकिन हाँ मेरी माँ बहुत कम समय मे छत्तीसगढ़ फिल्मों मे अपनी कला का जादू बिखेर रही हैं और मेरी माँ फिल्मों मे हो या मेरी जिन्दगी मे हो आर्दश मेरे लिए एक मात्र वहीं हैं लीना ठाकुर जी.
क्या आप अपने कामों से संतुष्ट हैं?
संतुष्ट नहीं हूँ मैं..मुझे जैसा काम करना पसंद हैं वैसा काम नहीं मिल पा रहा हैं. कुछ अच्छा काम सोचो या करने की कोशिश करो तो यहां पैर खिचने वाले बहुत हैं मगर हाथ खिच के कोई साथ नहीं देते हैं ।
आप किस कलाकार को फॉलो करते है?
मैं किसी कलाकार को फॉलो नहीं करती मुझे अपनी कला से उभरना हैं किसी का कॉपी कर के नहीं।

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कभी आपने सोचा था की फिल्मो को ही अपना कॅरियर बनाएंगे ?
बचपन से यही सोच बना के चलतीं आई हूँ.. मेरी माँ का ये सपना भी हैं.. की मैं अपने कला से अपने दर्शको के दिल मे राज करुं और अपना कॉरियर इसी मे बनाऊ क्योंकि जब मैं 1 साल की भी नहीं थी तो मेरी माँ के पास फिल्मो के ऑफर आते थे तो वो मुझे छोटी हैं बोल के नहीं कर पाई थी और उनका सपना अधूरा था और उस सपने को मैं पूरा कर रही हूँ धीरे-धीरे।
छालीवुड फिल्मो में आपको कैसी भूमिका पसंद है या आप कैसे रोल चाहेंगे।
मुझे गांव घर की बहू और स्कूल लाइफ वाली फिल्म करना अच्छा लगेगा,परिवार के साथ बैठ के देख सके वैसा फिल्म पसंद हैं।
आपका कोई सपना है जो आप पूरा होते देखना चाहती हैं?
मेरे मम्मी पापा का सपना ही मेरा सपना है और उसे ही मैं पूरा होते देखना चहती हूँ.

शुक्रवार, 21 अगस्त 2020

छत्तीसगढ़ी प्रतिभाओं को बॉलीवुड तक ले जाने की ख्वाहिश रखते हैं


छत्तीसगढ़ी कलाकारों के लिए बहुत कुछ करना चाहतें है आलोक स्वर्णकार 

छत्तीसगढ़ में प्रतिभाओं की कमी नहीं है , जरुरत हैं उन्हें तराशने की और इन प्रतिभाओं को सही मंच प्रदान करने की। यह कहना है छालीवुड फिल्म निर्माता आलोक स्वर्णकार का| कलाकारों को लगातार काम मिलता रहे और छालीवुड की पहचान देश दुनिया में बढ़ता रहे इसके लिए उन्होंने यूट्यूब चैनल लेकर आये हैं जो पूरे बारह महीने कलाकारों को काम देता रहेगा ताकि कलाकारों को काम की तलाश में भटकना ना पड़े और छत्तीसगढ़ की जनता का मनोरंजन भी होता रहे. आज हमारी मुलाक़ात आलोक स्वर्णकार से हुई। साथ में थे अभिनेता अशरफ अली. तो संक्षिप्त मुलाक़ात में ही उनसे बहुत सारी बातें हो गयी. 

उन्होंने अपनी भावी योजना बताई जो छत्तीसगढ़ और यहां के कलाकारों के लिए मिल का पत्थर साबित होगा।आलोक स्वर्णकार ने बताया कि इस यूट्यूब चैनल चैनल में छत्तीसगढ़ के नई नई प्रतिभाओं को मौका दिया जाएगा अभी शुरुआती दौर पर नए म्यूजिक डायरेक्टर व सिंगर को मौका दिया जा रहा है इसके लिए आलोक स्वर्णकार लगातार नई प्रतिभाओं की खोज कर रहे हैं और जो कलाकार मिल रहे हैं उन्हें पूरी तरह से अपने साथ जोड़ रहे हैं ताकि उनकी प्रतिभा भी निखरे और उन्हें लगातार काम भी मिले। जब हमने इस संदर्भ में अशरफ से बात की तब उन्होंने बताया कि आलोक स्वर्णकार पेशे से इंजीनियर है और वह जो भी काम करते हैं उस का स्तर बहुत उच्च होता है उन्होंने बताया कि कोरोना के दौर में आलोक स्वर्णकार ने बहुत से कलाकारों की आर्थिक मदद भी की थी और वह कलाकारों के हित के लिए अच्छे कार्य करते रहते हैं यह नए कलाकारों के लिए एक बहुत अच्छा अवसर होगा कि उन्हें इतने बड़े मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा जब हमने आलोक स्वर्णकार से बात की तो उन्होंने कहा कि इस चैनल को लेकर उनकी भविष्य की बहुत सी योजनाएं हैं जो धीरे-धीरे लोगों को पता चलेंगी उनका कहना है कि कलाकारों को लगातार काम मिलता रहना चाहिए और जब तक पढ़े-लिखे निर्माता इस फील्ड में नहीं आएंगे तब तक छत्तीसगढ़ के कलाकारों का उद्धार नहीं हो सकता इसलिए वह एक उच्च स्तर का प्लेटफार्म कलाकारों को देना चाहते हैं और इस प्लेटफार्म में छोटे से छोटे गांव के भी प्रतिभावान कलाकारों को वह मौका देंगे। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ फिल्म में रीजनल क्षेत्रों के लोगों व उनके भाषाओं का भी प्रयोग किया जाना चाहिए। लोगों को जागरूक करने के लिए फिल्में सामाजिक क्षेत्र, शिक्षा के क्षेत्र, खेल के क्षेत्र आदि में भी काम करने की जरुरत है जो समाज के लिए संदेश वाहक होती हैै। फिल्म निर्माता आलोक स्वर्णकार ने छत्तीसगढ़ी फिल्म कलाकारों काे बाॅलीवुड तक ले जाना अपना मुख्य उद्देश्य बताया। 

जल्द रिलीज करेंगे  फिल्म मोर भाई नंबर वन

छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार फिल्म मोर भाई नंबर वन में बॉलीवुड टेक्नोलॉजी का उपयोग किया गया है। फिल्म में कलाकारों द्वारा काफी मेहनत की गई है। संगीत के पक्ष को भी मजबूत रखा गया है।उन्होंने बताया कि फिल्म मोर भाई नंबर वन में क्षेत्रिय स्टूमेंट का भी प्रयोग किया गया है।स्वर्ण फिल्म्स द्वारा प्रस्तुत छत्तीसगढ़ी फिल्म मोर भाई नंबर वन को वे जल्द ही लाकडाउन खुलते ही रिलीज करने की सोच रहे हैं। फिल्म मोर भाई नंबर वन में मुख्य भूमिका करन, अखिलेश पाण्डेय, प्रियंका परमार व सेजल साहू ने निभाई है। निर्माता आलोक स्वर्णकार, निर्देशक करन खान, कोरियोग्राफर निशांत उपाध्याय, संगीतकार अमित प्रधान, स्वर सुनील सोनी, मुनमुन चक्रवर्ती ने दिया हैं।