गुरुवार, 9 मई 2019

नाचा की विविधता से परिचित करायेगी फिल्म 'मंदराजी"

'नाचा छत्तीसगढ़ का पारंपरिक लोकनाट्य है। इस लोकनाट्य को ऊंचाई प्रदान करने में दाऊ मंदराजी का अतुलनीय योगदान रहा। आने वाली पीढ़ी छत्तीसगढ़ लोकनाट्य 'नाचा की विविधिता और खूबसूरती जानने के
साथ ही इस परंपरा के पुराधा रहे दाऊ मंदराजी के जीवन मूल्यों से परिचित हो सके। इसके लिए किशोर सारवा और नंद किशोर साहू ने मिलकर संयुक्त रुप से छत्तीसगढ़ी फिल्म 'मंदराजी का निर्माण किया है। इस फिल्म का निर्देशन विवेक सारवा ने किया है। फिल्म में दाऊ मंदराजी के मुख्य किरदार को छालीवुड के सुपर स्टर करन खान ने निभाया है। फिल्म बनकर तैयार है और आने वाले 28 जून को छत्तीसगढ़ के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म में अन्य कलाकारों में ज्योति पटेल, लता ऋषि चंद्राकर, डॉ. डीपी देशमुख, हेमलाल कौशल, नरेश यादव, उर्वशी साहू प्रमुख रुप से शामिल हैं। गीतकार लक्ष्मण मस्तुरिया है और संगीत गोविंद साव ने दिया है। स्वर कविता वासनिक, महादेव हिरवानी, कुलेश्वर ताम्रकर और प्रभु सिन्हा के हैं। फिल्म पूरी तरह से पारिवारिक है। निर्माताद्वय किशोर सारवा और नंद किशोर साहू को उम्मीद है कि यह फिल्म लोगों को पसंद आयेगी।

विविधताओं से भरा छत्तीसगढ़ी लोक संगीत दुनिया में सर्वश्रेष्ठ

जिस तरह से छत्तीसगढ़ प्राकृतिक विविधताओं से संपन्न है ठीक उसी प्रकार यहां की लोक संगीत विविधताओं से भरी पड़ी है। छत्तीसगढ़ की लोक परंपरा में जन्म से लेकर मृत्यु तक हर संस्कार के लोक संगीत हैं। यह लोक संगीत न केवल मनोरंजन के लिए हैं बल्कि संस्कार प्रदान करने के साथ ही प्रकृति के सत्य की तह तक जोडऩे वाले हैं। यह कहना है कि छत्तीसगढ़ी फिल्म 'महू कुंवारा तहु कुवारीÓ के निर्देशक मनोज वर्मा का। मनोज वर्मा छत्तीसगढ़ी फिल्म इंडस्ट्री में अजीम शख्सियत के रुप में पहचाने जाते हैं। उन्हें राज्य में फिल्म और कला के क्षेत्र कासर्वश्रेष्ठ सम्मान किशोर साहू सम्मान मिल चुका है। फिल्म और लोककला के क्षेत्र में इतनी ऊंचाई हासिल करने के बाद भी मनोज वर्मा संगीत की बारीकियों को समझने के लिए इंदिरा कला संगीत
विश्वविद्यालय खैरागढ़ से पोस्ट ग्रेजुएट की डिग्री हासिल कर रहे हैं। इसमें उन्हें देश के सभी राज्यों के लोकसंगीत का अध्ययन कराया गया है। श्री वर्मा ने खास बातचीत में छत्तीसगढ़ी लोक संगीत को दुनिया में सर्वश्रेष्ठ बताया। इसके पीछे की वजह को विस्तार से बताते हुए उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ी लोकसंगीत वृहद और विविधताओं से भरी पड़ी है। यहां केवल कर्मा की प्रस्तुति 30 प्रकार से की जाती है। इसी तरह से ददरिया, नाचा व अन्य संगीत की परंपराएं हैं। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ का लोक संगीत केवल मनोरंजन से नहीं बल्कि संस्कार और जीवन के सत्य से जुड़ा हुआ है। मनोज वर्मा की पारिवारिक पृष्ठभूमि संगीत के क्षेत्र से नहीं रही। उन्होंने शिक्षा भी अर्थशास्त्र विधा में प्राप्त की है पर संगीत के प्रति उनके लगाव ने उन्हें फिल्म और निर्देशन के क्षेत्र में खींच लाया। वह बताते हैं कि वर्ष 2007 में उन्होंने 'बैरÓ नाम से छत्तीसगढ़ी फिल्म का निर्माण किया था। इस फिल्म के वह निर्माता और निर्देशक दोनों रहे। तब से अब तक वह पांच फिल्मों का निर्देशन कर चुके हैं। छठवीं फिल्म के रुप में हाल ही में उन्होंने छत्तीसगढ़ी फिल्म 'महू कुंवारा तहु कुवारीÓ का निर्देशन किया है। यह फिल्म बनकर तैयार है और 26 अप्रैल को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म के बारे में उन्होंने बताया कि यह पूरी तरह से कॉमेडी पर आधारित है। यह युवा वर्ग को बेहद पसंद आयेगी।
बदलते परिवेश के साथ फिल्मों को भी बदलना होगा
छत्तीसगढ़ी फिल्म की स्वीकार्यता और सफलता के सवाल पर मनोज वर्मा ने साफ कहा कि जिस तरह से आधुनिकता की दौड़ में समाज का परिवेश बदल रहा है उससे तालमेल करते हुए फिल्मों को भी बदलना होगा। अब पुराना ट्रेंड लोगों को पसंद नहीं। इंटनेट की गांवों तक पहुंच ने युवा वर्ग को बेहद जागरुक कर दिया है। हमें ऐसी फिल्में बनानी होगी जिससे आज का युवा उससे खुद को कनेक्ट कर सके। तभी फिल्मों की स्वीकार्यता भी होगी और सफलता भी मिलेगी।

फिल्म 'हंस झन पगली फंस जाबे

छत्तीसगढ़ी सिनेमा के दर्शकों को पसंद आयेगी
अरसे बाद छत्तीसगढ़ी फिल्मों के मशहूर निर्देशक सतीश जैन एक बार फिर फिल्म 'हंस झन पगली फंस जाबेÓ के निर्देशन को लेकर चर्चा में हैं। ऐसा माना जाता है कि सतीश जैन छत्तीसगढ़ी सिनेमा के दर्शकों की नब्ज समझते हैं। उनके द्वारा निर्देशित यह फिल्म आने वाले 14 जून को रिलीज होगी। इससे पहले 14 अप्रैल के इस फिल्म के गानों को यू-ट्यूब पर लांच किया जायेगा। इस फिल्म के निर्माता छोटेलाल साहू और कार्यकारी निर्माता टिकेश्वर प्रसाद साहू का कहना है कि यह फिल्म दर्शकों को पसंद आयेगी। पिछले दिनों इस फिल्म के पोस्टर का विमोचन एवीएम स्टूडियों में किया गया था। फिल्म में नायक के किरदार में अभिनेता मन कुरैशी और नायिका के रोल में  अभिनेत्री अनुकृति चौहान नजर आएंगी। फिल्म को पारिवारिक पुट देने के साथ ही इसमें रोमांस, कॉमेडी और एक्शन का भी समावेश किया गया है। फिल्म के अन्य कलाकारों में आशीष शैन्द्रे, पुष्पेन्द्र सिंह, डॉ. अजय सहाय, विक्रम राज, प्रदीप शर्मा, उपासना वैष्णव, अनुराधा दुबे, निशांत उपाध्याय, मनोज दीप, क्राति दीक्षित, हेमलाल कौशल, उषा विश्वकर्मा व अमित शर्मा शामिल हैं। संगीत सुनील सोनी ने दिया है। संवाद मनोज कुशवाहा ने किया है। कोरियोग्राफी निशांत उपाध्याय की है। फिल्म में एक्शन अरूण जॉनसन (तम्मी अन्ना) का है। फिल्म का छायांकन तोरण राजपूत और प्रोडक्शन डिजाइन आलेख चौधरी का है। बता दें सतीश जैन द्वारा निर्देशित फिल्में मोर छंईहा भुंइया, झन भूलो मां बाप ला, मया और लैला टिपटॉप छैला अंगूठा छाप जैसी फिल्में सुपरहिट रही हैं।

बस्तर को समझने के लिए प्रेरित करेगी फिल्म 'बाली फूल"


लंबे समय के बाद बस्तर की सुकुमारिता, वहां के प्राकृतिक सौन्दर्य और जंगलों की खूबसूरती को आधुनिक परिवेश से जोड़ते हुए छत्तीसगढ़ी फिल्म 'बाली फूल" बनने जा रही है। बहुत कम लोग जानते हैं कि 'बाली फूल" बस्तर के जंगलों में पैदा होने वाला फूल है जो बेहद कोमल होता है। लोग 'बाली फूल के शब्दार्थ को समझ सकें इसलिए इस फिल्म के नाम 'बाली फूल के साथ वेलकम टू बस्तर भी शामिल किया गया है।
इस फिल्म के निर्माता अजय अग्रवाल हैं और निर्देशन सूरज चन्द्र रथ कर रहे हैं। सालों पहले सूरज चन्द्र रथ ने 'आमचो बस्तरÓ नाम से लघु फिल्म बनाई है। आकृति फिल्म प्रोडक्शन के बैनर तले बन रही फिल्म का निर्देशन कर रहे श्री रथ ने ही इसकी पटकथा भी तैयार की है। श्री रथ का कहना है कि बस्तर की छवि देश और दुनिया में लगातार निगेटिव बनती जा रही है जबकि सच्चाई इससे कोसो दूर है। वह इस फिल्म के माध्यम से दुनिया के सामने बस्तर के सौन्दर्य को लाने और उसे समझाने की कोशिश करेंगे। उनका कहना है कि यह पूरी तरह से व्यावसायिक फिल्म होगी। इसमें प्रेम कहानी के साथ ही वर्तमान दौर के बस्तर, उसकी समस्याएं और समाधान के विषय को भी समावेशित किया गया है। फिल्म में छत्तीसगढ़ी फिल्म जगत से 55 कलाकार अपनी भूमिका निभाएंगे। इस फिल्म में नायक की भूमिका भुवनेश साहू और नायिका की भूमिका अंजलि ठाकुर तथा आस्था दयाल निभाएंगी। इस फिल्म में छह गानों का समावेश किया गया है। कोरियोग्राफी करन सिंह निहाल और डीओपी पुनीत सोनकर करेंगे।

छत्तीसगढिय़ा कलाकारों को वर्षों से नहीं हुआ भुगतान

अधिकारियों की पत्नियों पर संस्कृति विभाग मेहरबान,इस विभाग में मंत्री सिर्फ नाम के होते हैं  

छत्तीसगढ़ के संस्कृति विभाग के मंत्री भले ही ठेठ छत्तीसगढिय़ा नेता ही रहे. फिर चाहे वह दयालदास हो, अजय चंद्राकर हो या फिर वर्तमान मंत्री ताम्रध्वज साहू. असल में यहाँ मंत्रियों की कम अधिकारियों की ज्यादा चलती रही है. क्योंकि संस्कृति विभाग के हाथों सबसे ज्यादा कोई छले गए तो वो प्रदेश के प्रतिभावान लोक कलाकार, स्थानीय कलाकार, छत्तीसगढिय़ा कलाकार. यही वजह है कि छत्तीसगढ़ का संस्कृति विभाग अक्सर विवादों में रहा, छत्तीसगढिय़ा कलाकारों के निशानों पर रहा.  इसका प्रमाणित तौर खुलासा भी हम यहाँ पर कर रहे हैं. हम आपको बता रहे हैं कि किस तरह से संस्कृति विभाग अधिकारियों की पत्नियों और बेटियों के साथ बाहरी कलाकारों पर मेहरबान रहा और कैसे स्थानीय कलाकारों को सालों बाद भी भुगतान नहीं हो रहा है. अब तो बकायदा एक बैनर भी ऑफिस में मौजूदा संचालक अनिल साहू ने भुगतान को लेकर एक टंगवा दिया है.सबसे पहले आप इस बैनर को देखिए इस पर जो लिखा है उसे पढि़ए। इस बैनर में लिखा है कि लंबित भुगतान को लेकर कलाकार परेशान न करे. संचालक अनिल साहू ने इस तरह का साफ निर्देश जारी कर एक तरह से स्थानीय कलाकारों को चेतावनी दे दी है. अब जरा सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त इन दस्तावेजों में इन नामों को देखिए। ये नाम है यास्मिन सिंह, पूर्णश्री राउत और अंकिता राउत। यास्मिन सिंह के पति अमन सिंह हैं तो पूर्णश्री राउत के पति एम.के राउत. अमन सिंह और एम.के राउत दो ऐसे अधिकारी रहे हैं जिनकी तूती पूर्व सरकार में खूब बोलती रही है. यही वजह है कि संस्कृति विभाग पूर्व अधिकारियों के इन पत्नियों और बेटी पर खुलकर मेहरबान नजर आई. ये और बात है कि संस्कृति विभाग उनता ही उपेक्षा छत्तीसगढिय़ा कलाकारों की है.
हमारे पास मौजूद आरटीआई से मिले दस्तावेज यह साफ बताते हैं कि किस तरह से अधिकारियों की मनमानी छत्तीसगढ़ में होने वाले सांस्कृतिक समारोह में चलती रही है. यहाँ पर आज हम आपको सिर्फ चक्रधर समारोह का आंकड़ा दिखाने जा रहे हैं. आप एक समारोह से ही समझ लीजिए कि असल में छत्तीसगढिय़ा कलाकार कैसे अधिकारियों के हाथों छले जाते रहे हैं, ठगे जाते रहे हैं.

2016 में हुए 32वाँ चक्रधर समारोह का दस्तावेज देखिए
एम. के राउत और पूर्णश्री राउत की बेटी अंकिता राउत ने ओडि़सी नृत्य की प्रस्तुति दी. इन्हें भुगतान हुआ 1 लाख 50 हजार रुपये, वहीं अमन सिंह की पत्नी यास्मिन सिंह ने कत्थक नृत्य की प्रस्तुति दी. इन्हें भुगतान हुआ 1 लाख 68 हजार रुपये, वहीं मुंबई की सूफी गायिका ऋचा शर्मा ने अपनी प्रस्तुति दी. इन्हें भुगतान किया 11 लाख 80 हजार रुपये, इस समारोह में कुल 22 कार्यक्रम हुए लेकिन लोक रंग पर आधारित छत्तीसगढ़ी पर सिर्फ 1 कार्यक्रम हुआ, छत्तीसगढ़ी में प्रस्तुति दी पद्मश्री ममता चंद्राकर ने. इन्हें भुगतान किया गया 1 लाख 10 हजार रुपये.

2017 में हुए 33वाँ चक्रधर समारोह के दस्तावेज देखिए
अमन सिंह की पत्नी यास्मिन सिंह ने कत्थक नृत्य की प्रस्तुति दी. इन्हें भुगतान हुआ 1 लाख 50 हजार रुपये, वहीं एम.के. राउत की पत्नी पूर्णश्री ने ओडि़सी नृत्य की प्रस्तुति दी. इन्हें भुगतान किया गया 2 लाख रुपये, जबकि मुंबई की कलाकार रेखा भारद्धाज ने गायन की प्रस्तुति दी. इन्हें भुगतान किया गया 12 लाख 87 हजार 6 सौ 47 रुपये, वहीं इस समारोह में कुल 39 कार्यक्रम हुए. लेकिन छत्तीसगढ़ी पर आधारित कार्यक्रम हुए बीते साल की तरह सिर्फ 1. छत्तीसगढ़ी में लोकरंग की प्रस्तुति दी कविता वासनिक. इन्हें भुगतान किया गया 1 लाख रुपये।

सोमवार, 6 मई 2019

बहुत मार खा लिया ,अब थप्पड़ मत मरवाना

आखिर में हीरो मन कुरैशी को डायरेक्टर से कहना पड़ा

जी हाँ! यह मजेदार वाक्या है फिल्म "आई लव यू टू" का.इस फिल्म में हीरोइन हीरो को एक दो नहीं बल्कि सैकड़ों थप्पड़ मारती है. थप्पड़ खा खाकर हीरो मन कुरैशी इतने परेशान हो गया था की डायरेक्टर उत्तम तिवारी से कहने लगे डायरेक्टर साहब बहुत थप्पड़ खा लिया अब थप्पड़ नहीं मरवाना। मन कुरैशी की बात सुनकर यूनिट में मौजूडी सभी लोग हंस पड़े. फिर भी डायरेक्टर उत्तम तिवारी ने उसके बाद के सीन में भी थप्पड़ मरवा ही दिया। इस फिल्म में हीरो को इतने थप्पड़ पड़े है शायद ही किसी फिल्म में हीरो को पड़े होंगे। बचपन में हीरोइन की किरदार निभा रही सानवी सुंदरानी हीरो को थप्पड़ मारती है तो बड़े होकर मुस्कान साहू हीरो मन कुरैशी को थप्पड़ मारती है. यही थप्पड़ फिल्म का अहम् हिस्सा बन चुका है. फिल्मं  "आई लव यू टू" एक मजेदार कॉमेडी और नारी शक्ति का एहसास कराने वाली फिल्म है जिसमे मन कुरैशी और मुस्कान साहू की जोड़ी ने काफी धमाल मचाया है. इस फिल्म में सब कुछ है जो दर्शकों को पसंद आएगी। मन कुरैशी की शानदार कलाकारी तो मुस्कान साहू की प्यार भरा अदा सबको भाएगी। सान्वी सुंदरानी, उर्वशी साहू, उपासना वैष्णव, संजू साहू, रजनीश झांजी, प्रदीप शर्मा सबने बेहतर कला का प्रदर्शन किया है.
सानवी ने सच में जड़ दिया थप्पड़
छालीवुड के भीष्म पितामह मोहन सुंदरानी की पोती सानवी सुंदरानी नायिका के बचपन का रोल की है. बेहद ही उम्दा कलाकार है. जब एक सीन में हीरो को थप्पड़ मारने की बारी आई तो सानवी ने सच में ही हीरो के बाल कलाकार को थप्पड़ जड़ दिया था. यह सीन एक बार में ही ओके हो गया लेकिन सब हैरान रह गए थे.

गुरुवार, 4 अप्रैल 2019

बदल गए हैं छालीवुड के सर्वश्रेष्ठ चहरे


मन, मुस्कान, उत्तम  ,नेहा ,जीत शर्मा,  उपासना , विलास ,उर्वशी, रजनीश , निशा चौबे है अब श्रेष्ठ 

छालीवुड में एक से बढ़कर एक कलाकार हैं लेकिन सर्वश्रेष्ठ कलाकारों के चेहरे इस बार बदल गए है। मन कुरैशी सर्वश्रेष्ठ अभिनेता हैं तो उत्तम तिवारी सर्वश्रेष्ठ निर्देशक हैं। हेमलाल कौशल सर्वश्रेष्ठ कॉमेडियन है , तो उर्वशी साहू और उपासना वैषणव सर्वश्रेष्ठ हास्य अभिनेत्री हैं। नेहा शर्मा सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री , निशा शर्मा सर्वश्रेष्ठ चरित्र अभिनेत्री ,रजनीश झांजी सर्वश्रेष्ठ चरित्र अभिनेता और विलास राउत सर्वश्रेष्ठ कोरियोग्राफर हैं।
   - अरुण बंछोर
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सर्वश्रेष्ठ अभिनेता मन कुरैशी

छालीवुड ने इस बार इतिहास रचा। रायपुर से बाहर के कलाकारों ने अवार्ड में बाजी मारी। फिल्म आई लव यू के नायक मन कुरैशी ने सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का अवार्ड हासिल कर अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की । मन कुरैशी ने न केवल बेहतर अभिनय किया बल्कि अपने संवाद और एक्शन से सबका दिल जीत लिया।  छालीवुड स्टारडम ने उन्हें बेस्ट हीरो का अवार्ड दिया तो पूरा हाल तालियों की गडगड़़ाहट से गूंज उठा। मनोज में अपना अवार्ड आई लव यूं की टीम को समर्पित करते हुए कहा की यह मेरे जीवन का अनमोल क्षण है। उन्होंने कहा की हमारी पूरी टीम ने इस फिल्म में बहुत मेहनत की थी। रात दिन हम एक कर दिए थे। हमारी मेहनत आज सफल रही। थैंक्स छॉलीवुड स्टारडम, थैंक्स हमर छालीवुड।

सर्वश्रेष्ठ नायिका मुस्कान साहू 

छालीवुड स्टारडम सिने अवार्ड में मुस्कान साहू को 2018 की सर्वश्रेष्ठ नायिका का अवार्ड दिया गया. फिल्म आई लव यूं के लिए उन्हें यह खिताब मिला है.  छत्तीसगढ़ की नेचुरल व्यूटी क्वीन कहीं जाने वाली मुस्कान साहू छॉलीवुड के लिये कोई नया नाम नहीं है, कई वीडियों एलबम के जरिये उन्होने दर्शकों में अपनी खास पहचान बनाई है। हाल ही में उनकी फिल्म आई लब यू को काफी पसंद किया गया। शायद इसी का परिणाम है कि उनके पास अब फिल्मों की लाइन लगी है। मुस्कान को यूट्यूब पर काफी लाइक मिलते है उनके द्वारा अभिनीत वीडियो एलबम हो या कॉमेडी सीन लाखों बार सोशल मीडिया में देखे जा चूके है। इसके अलावा मुस्कान साहू ने अनेक एलबमों में अपने नृत्य का जादू भी बिखेरा है इसी का परिणाम है कि वो आज छत्तीसगढ़ी सिनेमा जगत में एक खास मुकाम पर है।

सर्वश्रेष्ठ निर्देशक उत्तम तिवारी 


फिल्म आई लव यू के निर्देशक उत्तम तिवारी  ने भी इस बार इतिहास रचते हुए सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का अवार्ड अपने नाम कर लिया । उनके निर्देशन में बनी यह पहली फिल्म नहीं है और इस फिल्म ने अभिनेता अभिनेत्री डायरेक्टर सहित 14 अवार्ड हासिल कर एक नया कीर्तिमान बनाया है। उत्तम तिवारी ने सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का अवार्ड लेने के बाद छालीवुड स्टारडम के मंच से कहा की फिल्म में अवार्ड लेकर मै बहुत ही गर्व का अनुभव कर रहा हूँ। मेरे सारे कलाकारों ने बहुत सहयोग किया जिसके चलते आज मै यह मुकाम हासिल कर पाया हूँ। उन्होंने पुरस्कार स्वीकार करते हुए कहा, मुझे यकीन नहीं हो रहा कि ऐसा हो रहा है। इस पुरस्कार को प्राप्त करना बहुत शानदार अनुभव है। मैं यह पुरस्कार अपनी कास्ट, सहकर्मियों और फिल्म के सदस्यों के साथ बांटना चाहता हूं जिनके कारण यह फिल्म बनी।

सर्वश्रेष्ठ हास्य अभिनेता हेमलाल कौशल

छालीवुड स्टारडम सिने अवार्ड में हेमलाल कौशल को सर्वश्रेष्ठ कॉमेडियन को अवार्ड  गया है। छत्तीसगढ़ी फिल्म इंडस्ट्री का एक बड़ा नाम है हेमलाल कौशल, जिसकी धमक बॉलीवुड में भी सुनाई देती है। जहाँ भी जाते हैं, कुछ न कुछ जुगाड़़ कर ही आते हैं। वे सिर्फ कलाकार नहीं है बल्कि बहुप्रतिभा के धनी है।वे कई फिल्मों में कलाकारों को हंसाते नजर आये हैं.उन्होंने फिल्म आई लव यूं में दर्शकों का अच्छा खासा मनोरंजन किया है.

सर्वश्रेष्ठ सहनायिका

छत्तीसगढ़ी फिल्मो की नीव अदाकारा नेहा शर्मा को इस वर्ष सर्वश्रेष्ठ सहनायिका का अवार्ड मिला। अवार्ड लेने के लिए वह मंच पर आई तो यह उनके लिए  का  खुशनुमा पल था। यह उनकी पहली फिल्म है और पहली ही फिल्म में अपने बेहतर अभिनय के चलते अवार्ड हासिल कर ली है.नेहा शर्मा कहती है कि रोल कोई भी हो उसे जीवंत बनाना ही उनका शौक है। अब वह कुछ हटकर रोल करना चाहती है। वे कहती है कि हमारी इमेज एक साफ सुथरी और आदर्श नायिका की होती है जिसे पूरी तरह भुला कर हमें एक ऐसा किरदार निभाना पड़ता है जो सभी प्रकार के गुण भी दिखा दें और दर्शक भी उसे पसंद करें ।

अन्नू शर्मा खलनायक

छालीवुड स्टारडम सिने अवार्ड में सुंदर मोर छत्तीसगढ़ के खलनायक अन्नू शर्मा ने तमाम बड़े खलनायकों को
पछाड़ते हुए सर्वश्रेष्ठ खलनायक का अवार्ड अपने नाम किया। ये उनकी दूसरी फिल्म थी और अपने बेहतर अभिनय के दम पर अवार्ड हासिल किया। उन्होंने अवार्ड लेने के बाद छालीवुड स्टारडम से कहा कि ये मेरे लिए सुखद क्षण है। किसी  लिए हो यह सबसे बड़ा दिन होता है.

सर्वश्रेष्ठ कोरियोग्राफर विलास राउत

कोरियोग्राफर विलास राउत आज किसी परिचय का मोहताज नहीं है। वे जितने अच्छे कोरियोग्राफर है उतने ही अच्छे मेकअप में और कॉस्ट्यूम डिजाइनर भी है।
उन्हें इस साल सर्वश्रेष्ठ कोरियोग्राफर का अवार्ड दिया गया। उनका कहना है कि मैंने बहुत संघर्ष किया है। जब मैं शुरू में आया था तो मेरा कोइ ठिकाना नहीं था। फिल्मों में कोरियोग्राफी का मौका मिलने के बाद मेरी जिंदगी बदल गई। वे कहते हैं की आज हर माता-पिता अपने बच्चों को बहुआयामी बनाना चाहते हैं लेकिन करियर की जब बात आती है तो सिर्फ इंजीनियरिंग या डॉक्टरी जैसे बरसों से चले आ रहे रुढि़वादि क्षेत्रों में ही आगे बढऩे पर जोर दिया जाता है। सभी माता-पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा पेंटिंग भी करे, गाए भी, नाचे भी पर करियर की बात आते ही इन क्षेत्रों से मुंह फेर लिया जाता है।यदि गहराई से सोचा जाए तो नाचने-गाने जैसे क्षेत्र में भी अच्छा पैसा और नाम कमाया जा सकता हैं। कोरियोग्राफी आज एक नए और अनोखे करियर के रूप में सामने आया है। इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए अधिक समस्या भी नहीं होती। आपको संगीत के साथ थिरकना पसंद है और शरीर में लचीलापन है तो आपके पास भी एक मौका है कि कोरियोग्राफर बन जाइए।

सर्वश्रेष्ठ हास्य अभिनेत्री उर्वशी साहू, उपासना वैष्णव 

छत्तीसगढ़ी फिल्मो की चर्चित नाम है उर्वशी साहू जिन्होंने करीब 60 फिल्मों में माँ और भाभी की भूमिका निभाई है। झन भुलाहू माँ-बाप ला उनकी पसंदीदा फिल्म है। मोर डौकी के बिहाव , ऑटो वाले भांटो , दबंद देहाती और मया 2 में तो उन्होंने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। वहीं उपासना वैष्णव करीब 150 फिल्मे कर चुकी है लेकिन जिस फिल्म में उपासना और उर्वशी की जोड़ी होइती है वह उनके नाम से हिट होती है.ऑटो वाले भांटो फिल्म के लिए उन्हें बेस्ट हास्य अभिनेत्री का एवार्ड मिला था। अब इस जोड़ी को फिल्म आई लव यूं के लिए अवार्ड मिला है.अवार्ड मिलने के बाद उर्वशी ने कहा कि वो लोककला मंच के कलाकारों के लिए कुछ करना चाहती है और  उसके लिए ही जीना चाहती है । उर्वशी कहती है कि उसे सभी तरह के रोल पसंद है।छत्तीसगढ़ में कलाकारों की भरमार है , जरुरत है उन्हें तराशने की। गाँव गाँव ,गली-गली में कलाकार मिलेंगे , उन्हें फिल्मो में मौका मिलना चाहिए। उपासना कहती है कि अच्छी कहानी हो और अच्छे- अच्छे कलाकार हो तो छत्तीसगढ़ी फिल्मे भी अच्छी चलेंगी। एक्टिंग और डांसिंग उनका शोक है। चुनौतीपूर्ण भूमिका उन्हें बहुत पसंद है।

सर्वश्रेष्ठ चरित्र अभिनेत्री निशा चौबे  

सर्वश्रेष्ठ चरित्र अभिनेत्री का खिताब जीतने वाली निशा शर्मा का यह पहला लेकिन जीवन का सबसे अहम अवार्ड है । छालीवुड स्टारडम ने उन्हें 2018 का सर्वश्रेष्ठ चरित्र अभिनेत्री का अवार्ड दिया। निशा चौबे  ने फिल्म आई लव यूं में ठाकुर की बहन की भूमिका निभाकर एक अलग अध्याय रचा है। वे कहती है कि चरित्न को फिल्म में जीवंत बनाने की पूरी कोशिश करती हूँ। फिल्मो में भूमिका निभाना उन्हें बेहद पसंद है वैसे निशा चौबे  कई फिल्मो में अन्य भूमिका भी निभा चुकी है। उनकी तमन्ना इस भूमिका को लगातार आगे भी जीते रहने की है।

सर्वश्रेष्ठ चरित्र अभिनेता रजनीश झांजी 

छत्तीसगढ़ी फिल्मो के सीनियर कलाकार रजनीश झांजी को इस
वर्ष का सर्वश्रेष्ठ चरित्र अभिनेता का अवार्ड मिला तो पूरा हाल तालियों से गूँज उठा । छालीवुड स्टारडम ने उन्हें बेहतर अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ चरित्र अभिनेता का अवार्ड दिया । अवार्ड लेने के लिए वह मंच पर आये तो यह उनके लिए एक खुशनुमा पल था। उन्होंने अब तक कई फिल्मे की है जिसमे अधिकाँश फिल्मों में वे भाई और पिता की भूमिका में ही है। उसने हिन्दी और भोजपुरी फिल्मे भी की है। छत्तीसगढ़ी फिल्मो में रजनीश झांजी बच्चों पर प्यार लुटाते हुए नजर आते है। इस अवार्ड को उन्होंने  जींदगी का सबसे खूबसूरत संपत्ति बताया है।