बुधवार, 19 जून 2019

डॉ सहाय क़ा देश भर में जलवा

छत्तीसगढ़ का गौरव , कई एवार्ड और सम्मान से विभूषित

छत्तीसगढ़ का शान कहे या गौरव डॉ अजय सहाय का देश भर में जलवा है खासकर मायानगरी मुम्बई में तो ज्यादा ही जलवा है. मुम्बई में ग्लोबल सहित बेस्ट अभिनेता का भी अवार्ड डॉ सहाय हासिल कर चुके है. अभी हाल ही में उन्हें सूरत में PRESTIGIOUS INDIAN OF THE YEAR AWARD 2019 से नवाजा गया. रायपुर की संस्थाएं तो उन्हें अवार्डों से नवाजती रहती है. कोरबा प्रेस क्लब ने भी प्रेस से मिलिए कार्यक्रम में उन्हें सम्मानित किया है.
मुम्बई में एक ब्यूटी कांटेस्ट मेँ डॉ सहाय को बतौर सेलेब्रेटी गेस्ट आमंत्रित किया गया । प्जहां वे मशहूर विलेन प्रेम चोपड़ा के साथ नजर आये. छत्तीसगढ़ में उनकी लोकप्रियता का अंदाजा कि हर बड़े बैनर की फिल्म में उनका रोल पक्का होता है. हंस झन पगली फंस जबे अभी खूब धूम मचा रही है, आई लव यूं 2 , लोरिक चन्दा से लेकर तमाम फिल्मों में उनका जोरदार अभिनय है. उन्हें अवार्डों का बादशाह भी कहा जाता है. अब तक वे करीब 150 से अधिक अवार्ड अपने नाम कर चुके हैं. यही नहीं वे देश के मशहूर हृदयरोग विशेषज्ञ हैं.नायक ,खलनायक ,लेखक ,निर्देशक साहित्यकार, कवि, रंगकर्मी, पटकथा जैसे अनेक कला किसी एक व्यक्ति में हो ऐसे बिरले ही होते है और यह सब कला है डॉ अजय मोहन सहाय में। छत्तीसगढ़ी फिल्मो का वे एक आधार स्तम्भ है। उन्होंने एक नहीं कई भाषाओं की फिल्मो में अभिनय कर सबके सामने एक चुनौती पेश की है। पांच भाषाओं में अभिनय करना भी एक रिकार्ड है। जितने अच्छे वे मधुमेह व् हृदयरोग विशेषज्ञ है उतने ही बेहतर कलाकार है। छालीवुड में डॉ सहाय एक ऐसे नायक खलनायक लेखक ,निर्देशक है जिन्होंने फिल्म उद्योग पर हर भूमिका में एकछत्र राज कर रहे हैं और अपने अभिनय का लोहा मनवाया है।
उनके स्वाभाविक अभिनय और प्रतिभा की पराकाष्ठा ही थी कि लोगों के बीच वे काफी लोकप्रिय हैं।  उन्होंने जितने भी फिल्मों में रोल किया उसे देखकर ऐसा लगता है कि उनके द्वारा अभिनीत पात्रों का किरदार केवल वे ही निभा सकते थे। उनकी अभिनीत भूमिकाओं की यह विशेषता रही है कि उन्होंने जितनी भी फिल्मों मे अभिनय किया उनमें हर पात्र को एक अलग अंदाज में दर्शकों के सामने पेश किया। रूपहले पर्दे पर डॉ सहाय ने जितने रोल किए उनमें वह हर बार नए तरीके से संवाद बोलते नजर आए। अभिनय करते समय वे उस रोल में पूरी तरह डूब जाते हैं।

गुरुवार, 16 मई 2019

फिल्मों में ही कॅरियर बनाएंगी आराध्या सिन्हा

एक्सपो इंडिया आफ इंटरनेशनल मेकअप कॉम्पिटिशन की विनर है
छालीवुड की 16 साल की अभिनेत्री आराध्या सिन्हा ने अभी हाल ही में प्रगति मैदान नयी दिल्ली में हुई एक्सपो इंडिया आफ इंटरनेशनल मेकअप प्रतियोगिता में परचम लहरा कर छत्तीसगढ़ का नाम रौशन किया है. इस
स्पर्धा में वे सबसे कम उम्र की प्रतिभागी थी. आराध्या ने इसी साल दसवीं की परीक्षा 82 फीसदी अंकों के साथ उत्तीर्ण की है. स्पर्धा जीतकर लौटी आराध्या सिन्हा ने कहा- कि उनका मकसद माँ बाप के सपनों को पूरा करना और उनका नाम रौशन करना है. आराध्या सिन्हा ने सोल्जर छत्तीसगढ़िया से छालीवुड में एंट्री की है और जल्द ही एक बड़ा मुकाम हासिल कर ली है. सुंदरानी फिल्म प्रोडक्शन की फिल्म आई लव यू टू में वे नायक मन कुरैशी की बहन की भूमिका में नजर आएगी। इस फिल्म से उन्हें बहुत ही उम्मीद है. वे कहती हैं कि आई लव यू टू को दर्शकों के लायक बनाने के लिए हमने बहुत ही मेहनत की है. मॉडलिंग का मुझे शौक था लेकिन अब एक्टिंग में किस्मत आजमा रही हूँ। अब इस क्षेत्र में ही आगे बढूंगी।
आपको एक्टिंग का शौक कब से है ?
मुझे एक्टिंग का शौक बचपन से ही रहा है। जब मै छोटी थी तब से कुछ अलग करने की सोच ली थी। मन में लगन हो तो सब संभव है।
छालीवुड की क्या सम्भावनाये दिखती है?
बेहतर है। आने वाले समय में यहां की फिल्मे बॉलीवुड की तरह ही चलेंगी। यहां फिलहाल दर्शकों की कमी है। लोगो में अपनी भाषा के प्रति वो रूचि नहीं है जो होनी चाहिए और जो दर्शक है उनकी रुझान हिन्दी फिल्मो की ओर ज्यादा है।
आपको मौका कैसे मिला और आपके प्रेरणाश्रोत कौन है ?
एक्टिंग मैंने खुद से सीखा है। मेरा कोई रोल मॉडल नहीं है। मॉडलिंग से कॅरियर से शुरुवात की है और मेरी पहली फिल्म सोल्जर छत्तीसगढ़िया है जो बड़े परदे पर आ चुकी है। मुकेश स्वर्णकार ने मुझे इस फिल्म के लिए ऑफर दिया और आज मै आपके सामने हूँ।
कभी आपने सोचा था की फिल्मो को ही अपना कॅरियर बनाएंगे ?
 हाँ ! शुरू से ही मै एक्टिंग को कॅरियर बनाने की सोचकर चली थी। अब इसी लाईन पर काम करती रहूंगी । लगातार काम करूंगी।
छालीवुड फिल्मो में आपको कैसी भूमिका पसंद है या आप कैसे रोल चाहेंगी?
 मैं हर तरह की भूमिका निभाना चाहूंगी ताकि मुझे सभी प्रकार का अनुभव हो। छोटे बड़े सभी रोल मुझे पसंद है। मैं किसी भी भाषा की फिल्म हो जरूर करूंगी।
आपका कोई सपना है जो आप पूरा होते देखना चाहती हैं?
छालीवुड में कुछ करके दिखाना चाहता हूँ। अब लगातार फिल्मो में ही काम करते रहने की तमन्ना है। माँ-बाप का नाम रोशन करना मेरा मकसद है.




गुरुवार, 9 मई 2019

आखिर में हीरो मन कुरैशी को डायरेक्टर से कहना पड़ा

बहुत मार खा लिया ,अब थप्पड़ मत मरवाना
जी हाँ! यह मजेदार वाक्या है फिल्म "आई लव यू टू" का.इस फिल्म में हीरोइन हीरो को एक दो नहीं बल्कि सैकड़ों थप्पड़ मारती है. थप्पड़ खा खाकर हीरो मन कुरैशी इतने परेशान हो गया था की डायरेक्टर उत्तम तिवारी से कहने लगे डायरेक्टर साहब बहुत थप्पड़ खा लिया अब थप्पड़ नहीं मरवाना। मन कुरैशी की बात
सानवी ने सच में जड़ दिया थप्पड़
छालीवुड के भीष्म पितामह मोहन सुंदरानी की पोती सानवी सुंदरानी नायिका के बचपन का रोल की है. बेहद ही उम्दा कलाकार है. जब एक सीन में हीरो को थप्पड़ मारने की बारी आई तो सानवी ने सच में ही हीरो के बाल कलाकार को थप्पड़ जड़ दिया था. यह सीन एक बार में ही ओके हो गया लेकिन सब हैरान रह गए थे.
सुनकर यूनिट में मौजूडी सभी लोग हंस पड़े. फिर भी डायरेक्टर उत्तम तिवारी ने उसके बाद के सीन में भी थप्पड़ मरवा ही दिया। इस फिल्म में हीरो को इतने थप्पड़ पड़े है शायद ही किसी फिल्म में हीरो को पड़े होंगे। बचपन में हीरोइन की किरदार निभा रही सानवी सुंदरानी हीरो को थप्पड़ मारती है तो बड़े होकर मुस्कान साहू हीरो मन कुरैशी को थप्पड़ मारती है. यही थप्पड़ फिल्म का अहम् हिस्सा बन चुका है. फिल्मं  "आई लव यू टू" एक मजेदार कॉमेडी और नारी शक्ति का एहसास कराने वाली फिल्म है जिसमे मन कुरैशी और मुस्कान साहू की जोड़ी ने काफी धमाल मचाया है. इस फिल्म में सब कुछ है जो दर्शकों को पसंद आएगी। मन कुरैशी की शानदार कलाकारी तो मुस्कान साहू की प्यार भरा अदा सबको भाएगी। सान्वी सुंदरानी, उर्वशी साहू, उपासना वैष्णव, संजू साहू, रजनीश झांजी, प्रदीप शर्मा सबने बेहतर कला का प्रदर्शन किया है.

"आई लव यूं टू" का प्रमोशन करेंगी गरिमा दिवाकर

स्टार कास्ट से भरी पडी है फिल्म
छत्तीसगढ़ की जानी मानी गायिका गरिमा दिवाकर सुंदरानी फिल्म प्रोडक्शन की फिल्म "आई लव यूं टू"  का प्रमोशन करेंगी। गरिमा 8 साल की उम्र में अपनी कॅरियर की शुरुआत सुंदरानी वीडियो वल्र्ड से ही की थी जब श्री
मोहन सुंदरानी ने उनकी आवाज में एक पंथी गाने की रिकार्डिंग की थी. वो गाने आज भी बेहद चर्चित है. उसके बाद गरिमा ने कभी भी पीछे मुड़कर नहीं देखा है. "आई लव यूं टू"  के निर्माता लखी सुंदरानी ने गरिमा दिवाकर को अपनी आने वाले फिल्म "आई लव यूं टू"  के प्रमोशन का जिम्मा सौंपा है. वह फिल्म बनाकर तैयार है. इस फिल्म में 35 कलाकार है जिसमे से 8 बाल कलाकार हैं. फिल्म की कहानी दर्शकों को ध्यान में रखकर लिखा गया है. यह फिल्म कॉमेडी, एक्शन, रोमांस से भरपूर है. छालीवुड की चर्चित जोड़ी मन कुरैशी और मुस्कान साहू एक  इस फिल्म के जरिये बड़े परदे पर धमाल मचाएंगी। इस फिल्म में स्टार कास्ट है. उर्वशी -उपासना वैष्णव लोगों को हंसाते नजर आएंगी। इसके अलावा रजनीश झांजी, प्रदीप शर्मा, संजू साहू, पुष्पेंद्र सिंह, बिलास राउत, संगीता यादव जैसे मंजे हुए कलाकार हैं. निर्माता लखी सुंदरानी ने बताया कि फिल्म के लेखक, गीतकार, पटकथा, संवाद उत्तम तिवारी का है जो इस फिल्म के निर्देशक भी हैं. संगीत सूरज महानंद ने दिया है तो तोरण राजपूत ने कैमरे का दायित्व निभाया है.एक्शन जॉनसन अरुण का है तो कोरियोग्राफर है निशांत उपाध्याय, चंदनदीप और बिलास राउत।

नकुल महालवार , नाम एक कला अनेक

 रंगमंच से फिल्मो तक सफर,,,......
नायक ,खलनायक ,लेखक ,निर्माता ,निर्देशक साहित्यकार, कवि, रंगकर्मी, पटकथा जैसे अनेक कला किसी एक व्यक्ति में हो ऐसे बिरले ही होते है और यह सब कला है नकुल महालवार में। छत्तीसगढ़ी फिल्मो का वे एक आधार स्तम्भ है।
रंगमंच से अपने कॅरियर की शुरुआत करने वाले नकुल महालवार ने फि़ल्मी दुनिया में एक ऊंची मुकाम हासिल कर लिया है. कला सेवा करते 35 साल बीत जाने के बाद भी नकुल काफी दुखी है. वे कहते हैं कि यहां आज उचित सम्मान का अभाव है, लेकिन मै मरते दम तक कला के लिए समर्पित रहूंगा। 1984 में रामलीला में बाल कलाकार के रूप में मंच में प्रवेश किया था और आज छत्तीसगढ़ का जाना माना नाम है. फिल्म डाँड़ में नायक की भूमिका में थे. उन्होंने बताया कि 2001 में डिजिटल फि़ल्म, डाँड़ का  निर्माण किया ,जिसे सेंसर बोर्ड ने इसलिए सेंसर नही दिया कि इस फार्मेट में अब तक कोई डिजिटल फीचर फिल्म सेंसर नही हुआ था, वहाँ मुझे
बताया गया कि इस फार्मेट की फि़ल्म  पहली बार आई है तब मुझे  मालूम हुआ कि यह डिजिटल की पहली फि़ल्म है. इस फि़ल्म उन्हें बतौर नायक  सराहना मिली। 1987 में आदर्श नाट्य मंच का निर्माण कर नुक्कड़ नाटकों सहित मंचीय प्रस्तुति करने लगे। दूरदर्शन , लघु फि़ल्म व अखिल भारतीय नाट्य  स्पर्धा में हिस्सेदारी निभाई। 1990 में  फि़ल्म व रंगमंच अभिनेता ओमशिवपुरी अवार्ड से सम्मानित हुए. 1991 में वीडियो फीचर फिल्म मैना में असिस्टेंट डायरेक्टर व सह नायक के रूप में काम किया। लगातार मंच व दूरदर्शन के  सीरियल में भूमिका करने के बाद लेखन में भी नकुल महालवार दक्ष होता गया. 1997 में  फि़ल्म, महादान  का निर्माण सुपर वीएचएस फार्मेट में किया। फिर लघु कॉमेडी फिल्म - बिहाब देवदास के में उन्हें में बेस्ट राइटर का अवार्ड मिला। उन्होंने बताया कि फिल्म डाँड़ में मुझे बेस्ट एक्टर का भी खिताब मिला। अब वे फिल्मो में कम दिखाई देते हैं पूछे जाने पर उनका कहना है कि जब मुझे लगा कि फि़ल्म में स्कोप नही है, तो मैने लोकमंच को अपनी साधना बना लिया और सुर सांझा के साथ ,लोक मंच में भी अपना उदबोधन करता करता गया.  
इन फिल्मों में निभाई भूमिका
डाँड़, बिहाब देवदास के, खेतीखार, भूल झन देबे, संगवारी सतनाम के, छालीवुड देवदास, चुनाव तिहार, कारी छइयां, सजना साथ निभाबे, भेद, दबंग दरोगा,
अतरंगी। 

फिल्म विकास निगम के अगले अध्यक्ष होंगे पुष्पेंद्र सिंह?

छालीवुड और कांग्रेस के प्रति समर्पण से सरकार खुश
रायपुर। छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम के अगले अध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह ही होंगे, हालांकि उन्होंने कभी सरकार से पद की मांग नहीं की है लेकिन सरकार में बैठे लोगों को पुष्पेंद्र सिंह ही सबसे योग्य और काबिल दिखाई दे रहे हैं. इसके पीछे मजबूत कारण भी है. उन्होंने छालीवुड, छत्तीसगढ़ की संस्कृति और छत्तीसगढ़ी फिल्मों के लिए बहुत कुछ किया है. वे एक अच्छे अभिनेता है तो सर्वश्रेष्ठ निर्देशक भी है. पुष्पेंद्र सिंह ने भोपाल और मुम्बई में रहकर सिनेमा जगत को काफी करीब से देखा और जाना है. यहां उन्होंने कई सीरियलों में भी काम किया है. वे थियेटर के बेहतर कलाकार है. पुष्पेंद्र सिंह का अध्यक्ष पद की दौड़ में मजबूत होने का सबसे बड़ा कारण है कांग्रेस के प्रति समर्पित होना। उन्होंने विधानसभा और लोकसभा चुनाव में अपना सब काम छोड़कर प्रचार में अपना पूरा समय लगा दिया था. इसका इनाम भी पार्टी ने उन्हें दिया है. सांस्कृतिक प्रकोष्ठ का प्रदेश महासचिव का दायित्व सौंप दिया। कांग्रेस के एक बड़े नेता ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा कि पुष्पेंद्र सिंह से बेहतर फिल्म विकास निगम का अध्यक्ष और कोइ नहीं हो सकता। उन्होंने पार्टी के लिए काम भी किया है और उन्हें छालीवुड का बेहतर ज्ञान भी है. वे फिल्म विकास निगम को काफी आगे ले जाने की क्षमता रखतें हैं. छालीवुड को क्या चाहिए क्या नहीं वे अच्छे से जानते हैं. कुल मिलाकर सरकार में बैठे लोगो ने  फिल्म विकास निगम की कमान पुष्पेंद्र सिंह को सौपने का मन बना लिया है.

"आई लव यू टू " की ममतामयी माँ संजू साहू

एक बेहतरीन अदाकारा
- श्रीमती केशर सोनकर
छालीवुड में संजू साहू एक बड़ा नाम है, जिसने भी फिल्म छइयां भुईंया देखी होगी उनकी अदाकारी का लोहा जरूर माना होगा। उन्होंने 16 साल की उम्र में अपनी फि़ल्मी कॅरियर की शुरुआत ही माँ की भूमिका से की थी. बाद में वे नायिका बनी, फिर चरित्र अभिनेत्री का किरदार निभाया। अभी हाल ही बनी सुंदरानी प्रोडक्शन हाउस
की फिल्म "आई लव यू टू" में एक बार फिर ममतामयी माँ की भूमिका में नजर आएंगी। पूरी फिल्म में संजू साहू एक माँ के रूप में अपनी बेटी किरण ( बचपण में सान्वी, फिर मुस्कान साहू) पर प्यार लुटाती दिखेंगी। इसी फिल्म के सेट पर हमारी मुलाक़ात संजू साहू से हुई तो उन्होंने बताया कि  "आई लव यू टू" में माँ की भूमिका निभाकर उन्होंने गर्व महसूस किया है.मैंने माँ की भूमिका को सच में जिया है.अपने आप को किरण की माँ के रूप में ढाल लिया था.यह फिल्म बहुत ही उम्दा बनी है. मुझे इसमें काम करके बहुत ही अच्छा लगा. मै चाहूंगी की सुंदरानी प्रोडक्शन से हमेशा जुडी रहूं , यह मेरे लिए सौभाग्य की बात होगी। सुंदरानी प्रोडक्शन की अगली फिल्म कचरा बोदरा में संजू साहू एक नए अंदाज में दिखेंगी। इस फिल्म में वे खलनायकी करती नजर आएंगी। वे कहती है कि मुझे हर तरह की भूमिका पसंद है और कचरा बोदरा में मैं निगेटिव किरदार भी निभाऊँगी। संजू साहू ने अपनी मेहनत और लगन से छालीवुड में अपना अलग नाम बनाया है, और वे छत्तीसगढ़ की मशहूर हस्तियों में चर्चित और आर्कषक सेलिब्रिटी हैं। वे बचपन से ही कला में रुचि रखती रहीं हैं यही कारण है कि वे फिल्मों में आ गईं। उन्हें जनता का भी खूब प्यार मिला है, और इसी के बदौलत उनका नाम आज अच्छी अभिनेत्रियों में शुमार है। आज उनके प्रशंसकों की संख्या हजारों में है। संजू फिल्मों में अभिनय के अलावा वे स्टेज परफॉर्मर भी हैं। ये अपने काम के अलावा कई तरह के सोशल वर्क पर भी ध्यान देती हैं। उनकी संस्था कोपल क्रिएटिव ने एक दो नहीं बल्कि सैकड़ों नए कलाकारों को मंच प्रदान किया हैं.